Saturday, 31 October 2020

ओ सैय्याँ

ओ सैय्याँ
सैय्याँ पकड़ बैय्याँ, सैय्याँ पडूँ पैय्यां
चलो सैय्याँ, तारों की छैय्याँ
सैय्याँ, सैय्याँ सैय्याँ सैय्याँ
ओ सैय्याँ

खेल रहा हूँ मैं तलवार से, खेलूँ कैसे तेरे प्यार से
आगे पीछे भूल भुलैय्याँ, निकले कैसे तेरा सैय्याँ
सैय्याँ पकड़ बैय्याँ...

तू राजा, तू नेता, बस है नाम का
तू पीएम, तू सीएम, किस काम का
लबों पे गिले हैं, नज़र में सवाल
तेरा गोरा मुखड़ा, हुआ क्यों लाल
सबके दर्दी, ओ बेदर्दी
कैसी तेरी ये खुदगर्ज़ी
लेके आई मैं थी अर्जी
हाँ कर, ना कर, तेरी मर्ज़ी, सैय्याँ
सैय्याँ पकड़ बैय्याँ...

नहीं ये बेवफाई, नहीं मैं हरजाई
के दिन रात तेरी, मुझे याद आई
न मुझे चैन आया, न मुझे नींद आई
छन से टूट गयी मेरी अंगडाई, हाँ मेरी अंगडाई
प्यार की चुनरी, प्यार की चुनरी प्रेम की चोली
लै के नैनों की ये डोली
मैं आया हूँ, ओ हमजोली
आजा खेले आँख मिचोली
सैय्याँ पकड़ बैय्याँ...

Movie/Album: नायक (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: हंस राज हंस, कविता कृष्णमूर्ति

Friday, 30 October 2020

तू अच्छा लगता है

हो, कभी मीठी लगती है, कभी खट्टी लगती है
जैसी भी है तू मुझको हाय अच्छी लगती है
कभी कभी मीठी लगती है
कभी कभी खट्टी लगती है
कभी कभी मीठी लगती है

हो, कभी झूठा लगता है, कभी सच्चा लगता है
जैसा भी है तू मुझको हाय अच्छा लगता है
कभी कभी झूठा लगता है
कभी कभी सच्चा लगता है
कभी कभी झूठा लगता है

कभी मैं ये सोचूँ, छूके तुझे देखूं
सच है या कोई सपना
सच हूँ के सपना हूँ, मैं तेरा अपना हूँ
ओ सनम, तेरी कसम, मेरा ऐतबार तू कर ले
मैं बरखा तू बादल, मेरी आँखों का काजल
तू जहाँ, मैं भी वहाँ, तेरी जान मैं, मेरी जान तू
हो, कभी मीठी लगती है...

कभी लगे मोरनी सी, कभी लगे चोरनी सी
तुझको पुकारूँ किस नाम से
ओ, कर दे तू एक इशारा, मैं दौड़ी आऊँ यारा
छाँव धूप, मेरा रंग रूप, तेरे प्यार से है जुदा
आ सबको छोड़ के आजा, हर बंधन तोड़ के आजा
साथ साथ रहे संग संग एक दूसरे के दिल में
हो, कभी मीठी लगती है...

Movie/Album: नायक (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: उदित नारायण, कविता कृष्णमूर्ति

Thursday, 29 October 2020

चलो चलें मितवा

चलो चलें मितवा
चलो चलें मितवा, इन ऊँची नीची राहों में
तेरी प्यारी प्यारी बाहों में कहीं हम खो जाएँ
कभी नींद से जागे हम, कभी फिर सो जाएँ

लाज की रेखा मैं पार कर आई
कुछ भी कहे अब कोई मैं तो प्यार कर आई
ये अभी नहीं होगा, तो कभी नहीं होगा
आ मेरे सजन, कर ले मिलन
काट खाएगा हाय हाय ये प्रेम बिछुआ
चलो चलें मितवा...

आ तुझे अपनी पलकों पे, मैं बिठा के ले चलता हूँ
चल तुझे सारी दुनिया से, मैं छुपाके ले चलता हूँ
मैं तेरे पीछे हूँ, पाँव के नीचे हूँ
नैन भी नीचे हूँ, सुन ओ सैय्याँ ले ले बैय्याँ
ये अभी नहीं होगा...

आग दिल में लग जाती है, नींद अब किसको आती है
नींद आने से पहले ही, याद तेरी आ जाती है
चाँद दीपक बाती, सब हमारे साथी
प्यार के बाराती कल परसों से नहीं बरसों से
ये अभी नहीं होगा...

चलो चलें पुरवा
चलो चलें पुरवा, इन ऊँची नीची राहों में
इन ऊँची नीची राहों में कहीं हम खो जाएँ
कभी नींद से जागे हम, कभी फिर सो जाएँ

नींद से मैं जागी, ले के अंगड़ाई
जग छोड़ा, घर छोड़ा, तेरे साथ मैं आई
ये अभी नहीं होगा तो कभी नहीं होगा
तु मेरी सखी, मैं तेरी सखी
और कोई ये माने-माने ना माने
चलो चलें पुरवा...

Movie/Album: नायक (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: उदित नारायण, कविता कृष्णमूर्ति

Wednesday, 28 October 2020

चिड़िया तु होती तो

चिड़िया तु होती तो, मैना तु होती तो
पिंजरे में रख लेता था, उड़ने ना मैं देता
लड़की है पर तु हाय, मैं क्या करूँ
चिड़िया तू होती तो...

सीने से लगा ले, आँखों में बिठा ले
दिल में छुपा ले आजा
चल मुझे घर ले, चल बंद कर ले दरवाजा
आजा कुड़िये आजा
जा जा मुंडिया जा जा
चिड़िया तू होती तो...

अभी था ये दिल यहाँ, अभी कहाँ चला गया कहो
तेरा दिल चला गया मैंने उसे चुरा लिया
तेरी चोरी पकड़ी गयी, आज तू जकड़ी गई
छोडूंगा मैं न अब तुझे, आजा कुड़िये आजा
जा जा मुंडिया जा जा
चिड़िया मैं होती तो, मैना मैं होती तो
पिजड़े में रख लेता, उड़ने ना तू देता
लड़की हूँ पर मैं, हाय मैं क्या करूँ...

तेरे जैसा लड़का हो, मेरे जैसी लड़की हो
तेरी जैसी लड़की हो, मेरे जैसा लड़का हो
ऐसा हो तो हाय हाय कुछ भी हो जाए
कुछ कुछ मिल जाए, कुछ कुछ खो जाए
फिर आये रातों में, आग लगे बरसातों में
खिल जाए, मिल जाए, दिल दो चार मुलाकातों में
पागल हो जाए प्यार में
जा जा मुंडिया जाजा
चिड़िया तु होती तो...

Movie/Album: नायक (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: अभिजीत, संजीवनी

Tuesday, 27 October 2020

ओ रे छोरी

ओ रे छोरी, मान भी ले बात मोरी
मैंने प्यार तुझी से है किया, हो
तेरे बिन मैं जिया तो क्या जिया
तेरे नेने में ये जो काजल है
सपनों का बादल है
मन तेरे ही कारण पागल है
ओ गोरिया, हो हो हो हो हो...

ओ रे छोरे, दिल से निकले, बोल मोरे
मैंने प्यार तुझी से है किया, हो
मैंने तुझको ही माना है पिया
तूने थामा आज ये आँचल है
मन में एक हलचल है
मैं ना भूलूँगी ये वो पल है
साँवरिया, हो हो हो हो हो...

My heart it speaks a thousand words, I feel eternal bliss
The roses pout their scarlet mouths, like offering a kiss
No drop of rain, no glowing flame has ever been so pure
If being in love can feel like this, then I'm in love for sure

मोरे मन में थी जो बात छुपी, आई है ज़बान पर
मोरे दिल में कहीं एक तीर जो था आया है कमान पर
सुन सुन ले सजन रहे जनम जनम
हम प्रेम नगर के बासी
थामे थामे हाथ, रहे साथ साथ
कभी दूरी हो ना ज़रा सी
चलूँ मैं संग संग तेरी राह में
बस तेरी चाह में, हो हो हो..
ओ रे छोरे.. ओ री छोरी...

Oh I'm in love, I am in love, yes I'm in love

कोई पूछे तो मैं बोलूँ क्या
के मुझको हुआ है क्या
मोरे अंग अंग में है सुगंध
जो तूने है छू लिया
तन महका महका, रंग दहका दहका
मुझे तु गुलाब सी लागे
जो है ये निखार और ये श्रृंगार
तो क्यूँ न कामना जागे
तेरा उजला उजला जो रूप है
यौवन की धूप है, हो हो हो...
ओ री छोरी...
Oh I'm in love
ओ रे छोरे
Oh I'm in love
दिल से निकले
Yes I'm in love
बोल मोरे
मैंने प्यार तुझी से है किया...

Movie/Album: लगान (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अलका याग्निक, उदित नारायण, वसुंधरा दास

Monday, 26 October 2020

अगर तुम साथ हो

पल भर ठहर जाओ, दिल ये संभल जाए
कैसे तुम्हें रोका करूँ
मेरी तरफ आता, हर ग़म फिसल जाए
आँखों में तुमको भरूँ
बिन बोले बातें तुमसे करूँ
गर तुम साथ हो
अगर तुम साथ हो

बहती रहती नहर नदियाँ सी
तेरी दुनिया में, मेरी दुनिया है
तेरी चाहतों में, मैं ढल जाती हूँ
तेरी आदतों में
गर तुम साथ हो...
तेरी नज़रों में है तेरे सपने
तेरे सपनों में है नाराज़ी
मुझे लगता है के बातें दिल की
होती लफ़्ज़ों की धोखेबाज़ी
तुम साथ हो या ना हो, क्या फर्क है
बेदर्द थी ज़िन्दगी, बेदर्द है
अगर तुम साथ हो...

पलकें झपकते ये, दिन ये निकल जाए
बैठी-बैठी भागी फिरूँ
मेरी तरफ आता, हर ग़म फिसल जाए
आँखों में तुमको भरूँ
बिन बोले बातें तुमसे करूँ
गर तुम साथ हो...
तेरी नज़रों में है तेरे सपने...

अगर तुम साथ हो, दिल ये संभल जाए
अगर तुम साथ हो, हर ग़म फिसल जाए
अगर तुम साथ हो, दिल ये निकल जाए
अगर तुम साथ हो, हर ग़म फिसल जाए

Movie/Album: तमाशा (2015)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद क़ामिल
Performed By: अलका याग्निक, अरिजीत सिंह


Sunday, 25 October 2020

सफ़रनामा

ओ सफ़रनामा, सवालों का सफ़रनामा
शुरू तुमसे, ख़तम तुम पे, सफ़रनामा
ओ जिसे ढूंढा, ज़माने में, मुझ ही में था
ओ मेरे सारे, जवाबों का सफ़रनामा
मेरी ओर से उठा, तेरी ओर को क़दम पहला
मिलेंगे हम

ओ सफ़रनामा, ख्यालों का सफ़रनामा
अंधेरे में, उजालों का, सफ़रनामा
ओ सवेरे सा, पुराना भी, नया भी है
ओ मुहब्बत की मिसालों का, सफ़रनामा
मेरी ओर से उठा तेरी ओर को क़दम पहला
मिलेंगे हम
पहला, मिलेंगे हम...

Movie/Album: तमाशा (2015)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद क़ामिल
Performed By: लकी अली

 

Saturday, 24 October 2020

कभी नीम-नीम, कभी शहद-शहद

कभी नीम-नीम, कभी शहद-शहद
कभी नरम-नरम, कभी सख्त-सख्त
मोरा पिया, मोरा पिया, मोरा पिया
नज़रों के तीर में बसा है प्यार
जब भी चला है वो दिल के पार
लज्जा से मरे रे ये जिया, पिया...

शोंधा की ये लाली मुख चमकाये
सोंधी-सोंधी ख़ुश्बू मन बहकाये
ज़ुल्फ़ों की रैना फिर क्यूँ ना छाये
हो चाँद-सितारे, देखेंगे सारे
लज्जा से मरे रे ये जिया, पिया...
कभी नीम-नीम, कभी शहद-शहद...

बोईरागी मन तेरा, है साहेब जी
मेरे सीने में है क़ैद वो अब जी
प्रीत की रखो लाज, ऐ मेरे रब जी
हो रुसवा हुई तो, दुनिया हँसी तो
लज्जा से मरे रे ये जिया, पिया...
कभी नीम-नीम, कभी शहद-शहद...

Movie/Album: युवा (2004)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: मधुश्री, ए.आर.रहमान

Friday, 23 October 2020

घनन-घनन

घनन-घनन घिर घिर आये बदरा
घन घनघोर कारे छाये बदरा
धमक-धमक गूँजे बदरा के डंके
चमक-चमक देखो बिजुरिया चमके
मन धड़काये बदरवा, मन धड़काये बदरवा
मन-मन धड़काये बदरवा

काले मेघा, काले मेघा, पानी तो बरसाओ
बिजुरी की तलवार नहीं, बूँदों के बान चलाओ
मेघा छाये, बरखा लाये
घिर-घिर आये, घिर के आये

कहे ये मन मचल-मचल, न यूँ चल सम्भल-सम्भल
गये दिन बदल, तू घर से निकल
बरसने वाल है अब अमृत जल

दुविधा के दिन बीत गये, भईया मल्हार सुनाओ
घनन-घनन घिर-घिर...

रस अगर बरसेगा, कौन फिर तरसेगा
कोयलिया गायेगी बैठेगी मुण्डेरों पर
जो पंछी गायेंगे, नये दिन आयेंगे
उजाले मुस्कुरा देंगे अंधेरों पर
प्रेम की बरखा में भीगे-भीगे तनमन
धरती पे देखेंगे पानी का दरपन
जईओ तुम जहाँ-जहाँ, देखियो वहाँ-वहाँ
यही इक समाँ कि धरती यहाँ
है पहने सात रंगों की चूनरिया
घनन-घनन घिर-घिर...

पेड़ों पर झूले डालो और ऊँची पेंद बढ़ाओ
काले मेघा, काले मेघा...

आई है रुत मतवाली, बिछाने हरियाली
ये अपने संग में लाई है सावन को
ये बिजुरी की पायल, ये बादल का आँचल
सजाने लाई है धरती की दुल्हन को
डाली-डाली पहनेगी फूलों के कंगन
सुख अब बरसेगा आँगन-आँगन
खिलेगी अब कली-कली, हँसेगी अब गली-गली
हवा जो चली, तो रुत लगी भली
जला दे जो तन-मन वो धूप ढली
काले मेघा, काले मेघा...

Movie/Album: लगान (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अलका याग्निक, उदित नारायण, सुखविंदर सिंह, शंकर महादेवन, शान

Thursday, 22 October 2020

धीमे-धीमे गाऊँ

धीमे-धीमे गाऊँ, धीरे-धीरे गाऊँ
होले-होले गाऊँ, तेरे लिये पिया
गुन-गुन मैं गाती जाऊँ
छुन-छुन पायल छनकाऊँ
सुन-सुन कब से दोहराऊँ
पिया पिया पिया

गुलशन महके-महके, ये मन बहके-बहके
और तन दहके-दहके, क्यों है बता पिया
मन की जो हालत है ये, तन की जो रंगत है ये
तेरी मोहब्बत है ये, पिया पिया पिया

ज़िन्दगी में तू आया तो, धूप में मिला साया तो
जागे नसीब मेरे
अनहोनी को था होना, धूल बन गई है सोना
आ के करीब तेरे
प्यार से मुझको तूने छुआ है
रूप सुनहरा तब से हुआ है
कहूँ और क्या, तुझे मैं पिया, ओ
तेरी निगाहों में हूँ, तेरी ही बाहों में हूँ
ख्वाबों की राहों में हूँ, पिया पिया पिया
गुन-गुन मैं गाती...

पिया पिया...
मैंने जो खुशी पाई है, झूम के जो रुत आई है
बदले ना रुत वो कभी
दिल को देवता जो लगे, सर झुका है जिसके आगे
टूटे ना बुत वो कभी
कितनी है मीठी, कितनी सुहानी
तूने सुनाई है जो कहानी
मैं जो खो गई, नई हो गई, ओ
आँखों में तारे चमके, रातों में जुगनू दमके
मिट गये निशान गम के, पिया पिया पिया
गुन-गुन मैं गाती...

Movie/Album: ज़ुबैदा (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: कविता कृष्णमूर्ति

Wednesday, 21 October 2020

मैं अलबेली


रंगीली हो, सजीली हो
ऊ अलबेली ओ

मैं अलबेली, घूमूँ अकेली
कोई पहेली हूँ मैं
पगली हवाएँ मुझे, जहाँ भी ले जाए
इन हवाओं की सहेली हूँ मैं

तू है रंगीली, हो
तू है सजीली, हो

हिरनी हूँ बन में, कलि गुलशन में
शबनम कभी हूँ मैं, कभी हूँ शोला
शाम और सवेरे, सौ रंग मेरे
मैं भी नहीं जानूँ, आखिर हूँ मैं क्या

तू अलबेली, घूमे अकेली
कोई पहेली है तू
पगली हवाएँ तुझे जहाँ भी ले जाए
इन हवाओं की सहेली है तू

तू अलबेली, घूमे अकेली
कोई पहेली, पहेली

मेरे हिस्से में आई हैं कैसी बेताबियाँ
मेरा दिल घबराता है मैं चाहे जाऊँ जहाँ
मेरी बेचैनी ले जाए मुझको जाने कहाँ
मैं एक पल हूँ यहाँ
मैं हूँ इक पल वहाँ

तू बावली है, तू मनचली है
सपनों की है दुनिया, जिसमें तू है पली
मैं अलबेली...

मैं वो राही हूँ, जिसकी कोई मंज़िल नहीं
मैं वो अरमां हूँ, जिसका कोई हासिल नहीं
मैं हूँ वो मौज के जिसका कोई साहिल नहीं
मेरा दिल नाज़ुक है
पत्थर का मेरा दिल नहीं

तू अनजानी, तू है दीवानी
शीशा ले के पत्थर की दुनिया में है चली
तू अलबेली...

Movie/Album: ज़ुबैदा (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: कविता कृष्णमूर्ति, सुखविंदर सिंह

Tuesday, 20 October 2020

प्यारा सा गाँव

दूर कहीं एक आम की बगिया
बगिया में है ठंडी छाँव
छाँव में एक कच्चा रस्ता
रस्ते में प्यारा सा गाँव
गाँव में एक छोटा सा घर
घर में एक उजला सा आंगन
आंगन में चन्दन का पलना
पलने मे चंदा सा मुन्ना
मुन्ने की आँखों में निंदिया
दूर कहीं इक...

नीले-नीले आसमान में
तारों का है एक नगर
जगमग-जगमग इक तारे पर
एक शहज़ादी का है घर
चुपके-चुपके रात को उठ के
ध्यान से देखे कोई अगर
झिलमिल-झिलमिल है तारे में
उस शहज़ादी के ज़ेवर
शहज़ादी इठलाये, शहज़ादी यह गाये
दूर कहीं एक...

आधी रात जब हो जाती है
जब दुनिया सो जाती है
तारों से शहज़ादी उतर के
मुन्ने के घर आती है
मीठे-मीठे सारे सपने
अपने साथ वो लाती है
सोते मुन्ने की पलकों पे
ये सपने वो सजाती है
सिरहाने वो आये, हौले से वो गाये
दूर कहीं एक...

Movie/Album: ज़ुबैदा (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: लता मंगेशकर

Monday, 19 October 2020

है ना

महकी महकी है राहें
बहकी बहकी है निगाहें, है ना
हाय रे, हाय रे, हाय रे, हाय रे
घेरे हैं जो ये बाहें
पाई है मैंने पनाहें, है ना
हाय रे, हाय रे, हाय रे, हाय रे
गा, तू दिल के तारों पे गा
गीत ऐसा कोई नया
जो ज़िन्दगी में कभी हो ना पहले सुना
पलकों पे सपने सजा
सपनों में जादू जगा
तू मेरी राहों में चाहत की शम्में जला
महकी महकी है राहें...

मेरे दिल ने तोहफ़े ये तुमसे पाए
धूप के ग़म की, तुम लाये साये
मेरी अब जो भी ख़ुशी है
मुझे तुमसे ही मिली है, सुनो ना
तुम्हीं वो चाँदनी हो जो
मेरी नज़रों में खिली है
कहीं ये तो नहीं है, वो आँखें हसीं
देखती है जो मुझको पिया
जो भी हूँ, तेरी हूँ, बस यही गुण है मेरा
गा, तू दिल के...

दिल की ये ज़िद है, दिल का है कहना
साथ तुम्हारे इसको है रहना
चलो कहीं दूर ही जाएँ
नयी एक दुनिया बसाएँ, सुनो ना
वहाँ बस मैं और तुम हों
मोहब्बत में हम गुम हों
अब हो उलझान कोई, अब हो बंधन कोई
हो नहीं सकते हम अब जुदा
ये तेरा, ये मेरा आखिरी है फैसला
हम्म...

Movie/Album: ज़ुबैदा (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अलका याग्निक, उदित नारायण

Sunday, 18 October 2020

तू ही तू

मेरी सारी सुबहों में, शामों में तू ही तू
मेरे दिन के हर पल में, रातों में तू ही तू
तू ही मेरी नींदों में, ख़्वाबों में तू ही तू
तू मेरे ख़यालों में, यादों में तू ही तू
मेरी सारी सुबहों में...

तू ही मेरा सागर, और तू ही मेरा साहिल
तू ही मेरा रहबर, और तू ही मेरी मंज़िल
बस तू ही तू है राहों में, बस तू ही तू निगाहों में
है ज़िन्दगी तू ही मेरी, तुझसे कैसे ये मैं कहूँ
तू ही तू नज़ारों में, आँखों में तू ही तू
मेरी सारी सुबहों में...

तू ही है मेरा दिल, और तू ही मेरा अरमाँ
तू ही मेरी महफ़िल, और तू ही मेरा मेहमाँ
बस तू ही तू है धड़कन में, बस तू ही तू मेरे मन में
तेरे सिवा, तू ही बता, इक भी कैसे मैं रहूँ
तू ही तू है साँसों में, आहों में तू ही तू
मेरी सारी सुबहों में...

Movie/ Album: कभी न कभी (1998)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: एम जी श्रीकुमार, के.एस.चित्रा, ए.आर.रहमान

Saturday, 17 October 2020

तुम हो पास मेरे

तुम हो पास मेरे, साथ मेरे हो तुम यूँ
जितना महसूस करूँ तुमको
उतना ही पा भी लूँ
तुम हो मेरे लिये, मेरे लिये हो तुम यूँ
ख़ुद को मैं हार गया तुमको
तुमको मैं जीता हूँ

कहीं से कहीं को भी
आओ बेवजह चलें हम
पूछे बिना किसी से हम मिलें
बंदिशें ना रहीं कोई बाकी, तुम हो
तुम हो पास मेरे...

किस तरह छीनेगा मुझसे ये जहां तुम्हें
तुम भी हो मैं, क्या फ़िकर अब हमें
तुम हो मेरे लिये, मेरे लिये हो तुम यूँ
ख़ुद को मैं हार गया तुमको, तुमको मैं जीता हूँ
तुम हो...

Movie/Album: रॉकस्टार (2011)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: मोहित चौहान, सुज़ैन डी मेलौ

Friday, 16 October 2020

ज़िन्दगी मुझे तू

खुशिओं के गुलशन में आग लगा गई वो
आग बुझेगी आंसू से, ये समझा गई वो
यादे राहों में वो बिछा गई
साँसे ज़हरीली वो बना गई

ज़िन्दगी मुझे तू अब और ग़म नहीं दे
मेरी इन आँखों से तू रौशनी भी ले ले
ज़िन्दगी मुझे तू...

सच्ची बातें ही झूठी बन गई
दिल में अब कोई आँसू नहीं
अलविदा, अब अलविदा

Movie/Album: जीन्स (1998)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: सोनू निगम

Thursday, 15 October 2020

हर तरफ़ हर जगह बेशुमार आदमी

 Movie/Album: सजदा (1991)

Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: निदा फ़ाज़ली
Performed By: जगजीत सिंह, लता मंगेशकर

हर तरफ़ हर जगह बेशुमार आदमी
फिर भी तन्हाइयोँ का शिकार आदमी

सुबह से शाम तक बोझ ढोता हुआ
अपनी ही लाश का ख़ुद मज़ार आदमी
फिर भी तन्हाइयों का...

हर तरफ़ भागते-दौड़ते रास्ते
हर तरफ़ आदमी का शिकार आदमी
फिर भी तन्हाइयों का...

रोज़ जीता हुआ, रोज़ मरता हुआ
हर नये दिन नया इंतज़ार आदमी
फिर भी तन्हाइयों का...

ज़िन्दगी का मुक़द्दर सफ़र-दर-सफ़र
आख़री साँस तक बेक़रार आदमी
फिर भी तन्हाइयों का...

Wednesday, 14 October 2020

क्या है मोहब्बत

मोहब्बत है एक ख़्वाब या एक जुनूँ है
किसी को मोहब्बत अगर है तो क्यूँ है
मोहब्बत में तो सिर्फ बेताबियाँ हैं
तो फिर क्यूँ मोहब्बत में दिल को सुकून है, सुकून है
कोई ये बता दे कि क्या है मोहब्बत

मोहब्बत है दरिया, मोहब्बत किनारा
मोहब्बत सितम है, मोहब्बत सहारा
मोहब्बत इधर भी, मोहब्बत उधर भी
मोहब्बत नज़र है, मोहब्बत नज़ारा
कोई ये बता दे बता दे बता दे

मोहब्बत में सब कुछ हसीं लगता है क्यूँ
सितम जो करे दिलनशीं लगता है क्यूँ
मोहब्बत है जिससे वो दिल तोड़े भी तो
बुरा फिर भी दिल को नहीं लगता है क्यूँ
कोई ये बता दे कि क्या है मोहब्बत

ना समझा कोई वो अदा है मोहब्बत
कि इनाम है ये सज़ा है मोहब्बत
किसी ने कहा है तो क्यूँ ये कहा है
मोहब्बत ख़ुदा है ख़ुदा है मोहब्बत
कोई ये बता दे की क्या है मोहब्बत
मोहब्बत मोहब्बत मोहब्बत

Movie/Album: एक दीवाना था (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: ए.आर.रहमान

Tuesday, 13 October 2020

मेहँदी है रचनेवाली

मेहँदी है रचनेवाली, हाथों में गहरी लाली
कहें सखियाँ, अब कलियाँ, हाथों में खिलने वाली हैं
तेरे मन को, जीवन को, नई ख़ुशियाँ मिलने वाली हैं

हो हरियाली बन्नो
ले जाने तुझको गुईयाँ
आने वाले हैं सैयाँ
थामेंगे आ के बईयाँ
गूँजेगी शहनाई
अंगनाई-अंगनाई
मेहंदी है रचनेवाली...

गायें मईया और मौसी, गायें बहना और भाभी
कि मेहंदी खिल जाये, रंग लाये, हरियाली बन्नी
गायें फूफी और चाची, गायें नानी और दादी
कि मेहंदी मन भाये, सज जाये, हरियाली बन्नी
मेहंदी रूप सँवारे हो, मेहंदी रंग निखारे हो
हरियाली बन्नी के आँचल में उतरेंगे तारे
मेहंदी है रचनेवाली...

गाजे, बाजे, बाराती, घोड़ा, गाड़ी और हाथी को
लायेंगे साजन, तेरे आँगन, हरियाली बन्नी
तेरी मेहंदी वो देखेंगे तो, अपना दिल रख देंगे वो
पैरों में तेरी चुपके से, हरियाली बन्नी
मेहँदी रूप सँवारे, ओ मेहँदी रंग निखारे हो
हरियाली बन्नी के आँचल में उतरेंगे तारें
मेहंदी है रचनेवाली...

Movie/Album: ज़ुबैदा (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अलका याग्निक

Monday, 12 October 2020

मुझे रंग दे

मुझे रंग दे, हाँ रंग दे
हाँ अपनी प्रीत विच रंग दे

मैं बण के सवेरा जाग उठी
मैं जाग उठी, जी जाग उठी
मैं बण के मोरणी नाच उठी
मैं नाच उठी, चन्नो नाच उठी
तेरे नैना, मेरे नैना
मेरे नैनो में रंग दे
हाँ रंग दे...

तेरे सपनों के आँगन में चम-चम चलूँ
मैं चलूँ, मैं चलूँ, तेरे संग-संग चलूँ
आजा-आजा वे आजा, तू बन के हवा
तेरे सद के जावां, तेरे वारे जावां
मुझे रंग दे, मुझे रंग दे...

मैं भी तनहाँ हूँ, तू भी है तनहाँ कहीं
मैं अधूरी यहाँ, तू अधूरा कहीं
एक आहट सी होती है मुझको यहाँ
तू कहाँ है, कहाँ है, कहाँ है, कहाँ
मुझे ले चल, तू ले चल, तू ले चल, वहाँ
जहाँ तक आसमां, आसमां, आसमां
हो मोहब्बत की दुनिया नशेमन जहाँ
मुझे ले चल...
मुझे रंग दे...

Movie/Album: तक्षक (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: आशा भोंसले

Sunday, 11 October 2020

हाय रामा ये क्या हुआ

हाय रामा ये क्या हुआ
क्यों ऐसे हमें सताने लगे
तुम इतनी प्यारी हो सामने
हम क़ाबू में कैसे रहें
जाओ हमको तो आती शर्म है
तेरी ऐसी अदा पे तो फ़िदा हम हैं

तौबा मेरी तौबा ये भी क्या सितम है
ऐसी ज़िद करने लगे
जाने तुमने क्या-क्या सोचा आगे-आगे
हम तो अब डरने लगे
अरे सोचा है ये कि रात और दिन
तुझे प्यार करेंगे हम
डरते हो क्यूँ ओ जान-ए-मन
मेरे प्यार से
हाय रामा ये...

काली-काली ज़ुल्फ़ें गोरी-गोरी बाँहें
मुझको तड़पाने लगी
होँठ भीगे-भीगे, नशीली ये आँखें
प्यास को जगाने लगी
छोड़ो जी ऐसी बातों को रोको ना राहों को
हो मोड़ो ना मेरी बाँहों को
जाने दो ना
हाय रामा ये...

Movie/Album: रंगीला (1996)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: स्वर्णलता, हरिहरन

Saturday, 10 October 2020

मैं ख्याल हूँ किसी और का

मैं ख्याल हूँ किसी और का
मुझे सोचता कोई और है
सरे-आईना मेरा अक्स है
पसे-आईना कोई और है

मैं किसी की दस्ते-तलब में हूँ
तो किसी की हर्फ़े-दुआ में हूँ
मैं नसीब हूँ किसी और का
मुझे माँगता कोई और है
मैं ख्याल हूँ किसी और का...

अजब ऐतबार-ओ-बेऐतबारी के
दरम्यान है ज़िन्दगी
मैं क़रीब हूँ किसी और के
मुझे जानता कोई और है
मैं ख्याल हूँ किसी और का...

तेरी रोशनी मेरे खद्दो-खाल से
मुख्तलिफ़ तो नहीं मगर
तू क़रीब आ तुझे देख लूँ
तू वही है या कोई और है
मैं ख्याल हूँ किसी और का...

तुझे दुश्मनों की खबर न थी
मुझे दोस्तों का पता नहीं
तेरी दास्तां कोई और थी
मेरा वाक्या कोई और है
मैं ख्याल हूँ किसी और का...

वही मुंसिफ़ों की रवायतें
वहीं फैसलों की इबारतें
मेरा जुर्म तो कोई और था
पर मेरी सजा कोई और है
मैं ख्याल हूँ किसी और का...

कभी लौट आएँ तो पूछना नहीं
देखना उन्हें गौर से
जिन्हें रास्ते में खबर हुईं
कि ये रास्ता कोई और है
मैं ख्याल हूँ किसी और का...

जो मेरी रियाज़त-ए-नीम-शब को
’सलीम’ सुबह न मिल सकी
तो फिर इसके मानी तो ये हुए
कि यहाँ खुदा कोई और है
मैं ख्याल हूँ किसी और का...

Lyrics By: सलीम कौसर
Performed By: मेहदी हसन, हरिहरन, जगजीत सिंह, नुसरत फ़तेह अली खान

Friday, 9 October 2020

आफरीं-आफरीं

उसने जाना की तारीफ़ मुमकिन नहीं
आफरीं-आफरीं...
तू भी देखे अगर, तो कहे हमनशीं
आफरीं-आफरीं...
हुस्न-ए-जाना...

ऐसा देखा नहीं खूबसूरत कोई
जिस्म जैसे अजंता की मूरत कोई
जिस्म जैसे निगाहों पे जादू कोई
जिस्म नगमा कोई, जिस्म खुशबू कोई
जिस्म जैसे मचलती हुई रागिनी
जिस्म जैसे महकती हुई चांदनी
जिस्म जैसे के खिलता हुआ इक चमन
जिस्म जैसे के सूरज की पहली किरण
जिस्म तरशा हुआ दिलकश-ओ-दिलनशीं
संदली-संदली, मरमरी-मरमरी
आफरीं-आफरीं...

चेहरा इक फूल की तरह शादाब है
चेहरा उसका है या कोई महताब है
चेहरा जैसे ग़ज़ल, चेहरा जाने ग़ज़ल
चेहरा जैसे कली, चेहरा जैसे कँवल
चेहरा जैसे तसव्वुर भी, तस्वीर भी
चेहरा इक ख्वाब भी, चेहरा ताबीर भी
चेहरा कोई अलिफ़ लैल की दास्ताँ
चेहरा इक पल यकीं, चेहरा इक पल गुमां
चेहरा जैसा के चेहरा कहीं भी नहीं
माहरू-माहरू, महजबीं-महजबीं
आफरीन आफरीन...

आँखें देखी तो मैं देखता रह गया
जाम दो और दोनों ही दो आतशां
आँखें या मैकदे की ये दो बाब हैं
आँखें इनको कहूँ, या कहूँ ख्वाब हैं
आँखें नीचे हुईं तो हया बन गयीं
आँखें ऊँची हुईं तो दुआ बन गयीं
आँखें उठाकर झुकीं तो अदा बन गयीं
आँखें झुकाकर उठीं तो कदा बन गयीं
आँखें जिनमें है क़ैद आसमां और ज़मीं
नरगिसी-नरगिसी, सुरमई-सुरमई
आफरीन-आफरीन...

ज़ुल्फ़-ए-जाना की भी लम्बी है दास्ताँ
ज़ुल्फ़ की मेरे दिल पर है परछाईयाँ
ज़ुल्फ़ जैसे के उमड़ी हुई हो घटा
ज़ुल्फ़ जैसे के हो कोई काली बला
ज़ुल्फ़ उलझे तो दुनिया परेशान हो
ज़ुल्फ़ सुलझे तो ये दीद आसान हो
ज़ुल्फ़ बिखरे सियाह रात छाने लगी
ज़ुल्फ़ लहराए तो रात जाने लगी
ज़ुल्फ़ ज़ंजीर है, फिर भी कितनी हसीं
रेशमी-रेशमी, अम्बरी-अम्बरी
आफरीं-आफरीं...

Movie/Album: संगम (1996)
Music By: नुसरत फ़तेह अली खान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: नुसरत फ़तेह अली खान

Thursday, 8 October 2020

बावरे

मैं तन हारा, मैं मन हारा
मैं जाँ हारा, मैं जग हारा
होश भी हारा, जोश भी हारा
मैं सब हारा...
बावरे...
बाजे ढोल अर तासा रे
खा के दूध बतासा रे
आयो मु की बासा रे
देखो देखो तमासा रे
हो रंगीले रंगीले पल हैं
चमकीले चमकीले पलहैं
बरसे झिलमिल करते लाखों तारे
अलबेले अलबेले तन है
लचकीले लचकीले तन है
कोई अपना दिल कैसे ना हारे
हो मैं तन हारा...
हो क्या धुन है, क्या ताल सुन ले
कर दे तू कमाल सुन ले
बावरे बावरे बावरे, बावरे
प्यारों, म्हारो, न्यारो

कोई आग उगलता रे
कोई तार पे चलता रे
कोई गैंद उछाले रे
कोई मोज संभाले रे
हो देखो रे देखो रे भैया
कोई घुमे बन के पहिया
कोई ऊपर दिल डा लंगर मारे रे
हो देख देख बाज़ीगर देखो
दारु पर नीचे सब देखो
देखे मैंने जो ये खेले, हारे
मैं तन हारा..

ले के रंग आई है
इक तरंग लायी है, देख शाम...
मेरे होंठों पे है
आज बस तेरा ही एक नाम
अपनी आँखों से मैं
तेरी आँखों के पीता हूँ जाम
तुझ पे मर जाऊँ मिट जाऊँ
करना यही अब है काम
तू प्यारी लागी, तू म्हारी लागी
तू मीत लागी, तू प्रीत लागी
तेरे नैन कटोरे जैसे
दिल खाए हिलकोरे जैसे
मैं अब तेरे ही गुणगान गाऊँ
दिल खोया अब खोना क्या है
होना है तो होना क्या है
बीती है जो मुझ पे क्या बताऊँ
मैं तन हारा...

Movie/Album: लक बाई चांस (2008)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: शंकर महादेवन, लॉय मेंडोसा, इला अरुण, मुमय खान, बाबू खान, मंज़ूर खान, रजब खान

Wednesday, 7 October 2020

उफ़ तेरी अदा

जोगी नच ले, रंग रज दे
लहरा के, बलखा के तू
दुनिया भुला के नाच
धुन कोई गुनगुना ले
गा ले तू गा के नाच
रंगीनियो में खो जा
पी के पिला के नाच
मधभरे नैनों से तू
नैना मिला के नाच
उफ़ तेरी अदा
I like the way you move
उफ़ तेरा बदन
I like to see you groove
उफ़ तेरी नज़र
Its say I wanna dance with you

सुन ले साहेबा, तू है एक नशा
होश है मेरा, सारा खो गया
होश गँवा दीवाने
होश गँवा के नाच
पास तू आ दीवाने
पास तू आ के नाच
दिल में है अरमां जितने
सारे जगा के नाच
तन में बदन में जैसे
आग लगा के नाच
उफ़ तेरी अदा...

देख के भी नहीं हो यकीं
इतनी क्यूँ है बता तू हसीं
तेरे हुस्न से ज़िन्दगी हसीं
तेरे हुस्न के आगे कोई हसीना कुछ भी नहीं
आँखों में मेरे सारे
सपने सजा के नाच
मुझको तू दिल में रख ले
दिल को धड़का के नाच
प्यार अगर है मुझसे
प्यार जगा के नाच
जान-ओ-दिल हैं जो तेरे
मुझपे लुटा के नाच
उफ़ तेरी अदा...

Movie/Album: कार्तिक कॉलिंग कार्तिक (2010)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: शंकर महादेवन, ऐलिसा मेंडोसा

Tuesday, 6 October 2020

नूर-ए-खुदा

नूर-ए-खुदा...

अजनबी मोड़ है, खौफ हर ओर है
हर नज़र पे धुआं छा गया
पल भर में जाने क्या खो गया
आसमां ज़र्द है, आहें भी सर्द है
तन से साया जुदा हो गया
पल भर में जाने क्या खो गया
सांस रुक सी गयी, जिस्म छिल सा गया
टूटे ख़्वाबों के मंज़र पे तेरा जहां चल दिया
नूर-ए-खुदा, नूर-ए-खुदा
तू कहाँ छुपा है हमें ये बता
नूर-ए-खुदा, नूर-ए-खुदा
यूँ ना हमसे नज़रें फिरा

नज़रें करम फरमा ही दे
दीन-ओ-धरम को जगा ही दे
जलती हुई तन्हाईयाँ, रूठी हुई परछाईयाँ
कैसे उड़ी ये हवा, छाया ये कैसा समां
रूह जम सी गयी, वक़्त थम सा गया
टूटे ख़्वाबों के...

उजड़े से लम्हों को आस तेरी
ज़ख़्मी दिलों को है प्यास तेरी
हर धड़कन को तलाश तेरी
तेरा मिलता नहीं है पता
खाली आँखें खुद से सवाल करे
अमनों की चीख बेहाल करे
बहता लहू फ़रियाद करे
तेरा मिटता चला है निशाँ
रूह जम सी गयी
वक़्त थम सा गया
टूटे ख़्वाबों के...

Movie/Album: माई नेम इज़ खान (2010)
Music By: शंकर, एहसान, लॉय
Lyrics By: निरंजन येंगर
Performed By: शंकर महादेवन, अदनान सामी, श्रेया घोषाल

Monday, 5 October 2020

शर्मिंदा हूँ

मैं एक लहर हूँ जो समय की नदी से
बस तुमसे मिलने किनारे थी आई
मगर जो भी हो हर एक लहर को
मिट जाना है नदी में ही जा के

तुमको मैंने चाहा भी है
तुम्हीं को मैंने ग़म भी दिए
शर्मिंदा हूँ, शर्मिंदा हूँ, शर्मिंदा हूँ
सच कहती हूँ दिल ही दिल में शर्मिंदा हूँ
दुनिया जो चाहे कह ले
पर तुझको मिलने से पहले
ख़ुद से भी ना मिल सका था मैं
खोया सा था मैं उलझा सा था
कि तुझ बिन मेरी ना थी खोई राहें
मेरी ज़िन्दगी तुझ बिन थी जैसे
ओस की बुँदें पत्ती से अब गिरी अब गिरी

मैं अगर साँस थी, तुम खुशबु थे
कैसे-कैसे पल पल जादू के
तुम्हें ऐसे खो के अकेली मैं ज़िंदा हूँ क्या
कागज़ था मैं हवा में उड़ता
तूने मुझ पर जाने क्या लिख दिया
मुझको अब तो नए शब्द हैं मिल गए
हैं शब्द ये प्यार के
तुमको मैंने चाहा भी है...

सितारों से आगे जहां और भी है
अभी इश्क के इम्तिहाँ और भी है, और भी है
तू शाहीन है परवाज़ है, काम तेरा तेरे सामने
आसमान और भी है, सितारों से आगे जहां और भी है

तुम हो सच कि हो कोई परछाई
क्या तुम एक ख़्वाब हो जो कहीं नहीं
भीगी है पलकें मेरी, तकिये हैं मेरे नम
तुम ही बताओ मुझको कैसे भुलाऊँ ये गम
तुमको मैंने चाहा भी है...

Movie/Album: एक दीवाना था (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: ए.आर.रहमान, मधुश्री

Sunday, 4 October 2020

होसाना

दिल होते जो मेरे सीने में दो
दूसरा दिल भी मैं
तुम्हें देता मैं तोड़ने को
हो होसाना होसाना

दिलकश थी वो शाम पहले पहल
जबकि तुमसे मिली थी नज़र
ऐसा चकराया कि अब ये जानूँ ना जानूँ
के जाऊँ तो जाऊँ किधर
होसाना, तुम सामने थी एक पल
होसाना, अगले ही पल थी ओझल
अब क्या बताऊँ मैं किस हाल में हूँ मैं
यहाँ वहाँ बस अपना दिल और होश ढूँढता हूँ मैं
होसाना, मदहोशी दीवानगी
होसाना, मैं और मेरी बंदगी
होसाना, लम्हें यही ज़िन्दगी
होसाना

उड़ती हुई तितली की रंगीन परछाई
रह जाती है फूलों में
वैसे ही तुम एक तसवीर के जैसे
छाये हो इन आँखों में
होसाना तुम जो मेरा ख़्वाब हो
होसाना दिल क्यूँ न बेताब हो
कहूँ तो क्या कहूँ मैं क्यूँ दीवाना हूँ
तुम्हारे ही बारे में ही हर घड़ी सोचता हूँ क्यूँ
होसाना, अब दिन हो या रात हो
होसाना, दिल चाहे तुम साथ हो
होसाना, बस हाथों में हाथ हो
होसाना
दिल होते जो मेरे सीने में दो...

Movie/Album: एक दीवाना था (2012)
Music By: ए आर रहमान
Lyrics By: लियोन डिसूज़ा
Performed By: लियोन डिसूज़ा, सुज़ैन डी मेलो, मारिया रौशनी

Saturday, 3 October 2020

नित नित

नित नित तेरे उत्ते निंद्रा उड़ाइयाँ
अम्ब्रा तो पूछ तारे देंगे गवाहियां
नित नित तेरे उत्ते दौलतां लुटाईयाँ
जोवि कुछ किया तू ना कदरां पाइयाँ

दिल दुखा के मेरा तू ते सो गया ऐवें यारा
रूस के बह गया इश्क मेरे तो मनदा नहीं मेरे यारा
तेरा गया कुछ नी मेरा रहा कुछ नी
गल्लां करां सच नी
हो तेरा गया कुछ नी मेरा रहा कुछ नी
गल्लां करां सच नी

निभनी नहीं तेरे तो मैनु ऐ पता सी 
रखेया यकीन बस मेरी ही खता सी
तैनु तां फरक पेया कदे वी रता नी
मैं ही सी जो झल्ली जिहनु चलेया पता नी

फिर वी तेरी खैंरा मंगां सच केहनी आ यारा 
खुश रहजे तू मैं वी इक्क दिन हो जाना ऐ यारा
तेरा गया कुछ नी मेरा रहा कुछ नी
गल्लां करां सच नी
हो तेरा गया कुछ नी मेरा रहा कुछ नी
गल्लां करां सच नी

चंगा मंदा बोलन च औखा दस की ए
कौन सी गलत ते कौन सी सही ऐ
तेरे मेरे बिच वेखो आगयी ज़िन्दगी ऐ
मन दा ऐ दिल कदी मनदा नहीं ऐ
मन दा ऐ दिल कदी मनदा नहीं ऐ
सच केहनी आ यारा
तेरा गया कुछ नी मेरा रहा कुछ नी
गल्लां करां सच नी
हो तेरा गया कुछ नी मेरा रहा कुछ नी
गल्लां करां सच नी..

Singers – Jasleen Royal
Musicians – Jasleen Royal
Lyricists – Aditya Sharma



Friday, 2 October 2020

सुन लो ज़रा कहता है मन

सुन लो ज़रा कहता है मन
तुमसे ये धड़कन-धड़कन
ये जो प्यार है, ये बहार है
है जो प्यार तो खिला हर चमन
सुनो ना कहती है ये उमंग
चलेंगे संग संग, ले के हम प्यार के सारे रंग
जागे हैं अरमान जज़्बातें हैं जवाँ
दिल में नयी है तरंग
मैं हूँ दिल है तू है
बस ये गुफ़्तगू है
तू मेरी है मेरी है
अरमान मचलते हैं, सपने पिघलते हैं
हम तुम बदलते हैं, आहिस्ता आहिस्ता
मौसम सलोना है, तो होश खोना है
दीवाना होना है, आहिस्ता आहिस्ता
सुनो ना कहती है ये उमंग...

जाने ये क्या जादू है
क्या ये समां हरसू है
तुमसे नज़र जो मिली है
चाँदनी दिन में खिली है
तू है तो ये फ़िज़ा है
वरना दुनिया क्या है
ये हुस्न तू ही है लायी
अरमान मचलते हैं...

Movie/Album: एक दीवाना था (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: रशीद अली, श्रेया घोषाल

Thursday, 1 October 2020

फूलों जैसी है ये लड़की

आ हाँ है ये क्या आँखें
ये आँखें सागर से गहरी
ये आँखें झुकती उठती
शर्मीली सी आँखें
ये आँखें सपनों की राजधानी
सारे जुगनू तारे
इनसे ही जगमगाना सीखे
हो फूलों जैसी है ये लड़की
है ये लड़की परियों जैसी है ना
भोली भोली खोयी खोयी
हिरणी सी है ये लड़की
कोमल कोमल ये लड़की सुन्दर लड़की
नाज़ुक नाज़ुक ये लड़की

तेरा आँचल जो लहराये
तो मेरा दिल संग-संग लहराये
धड़के ही जाये तेरे तन से जो आँच आये
मेरे तन मन में बस जाये
तेरी ज़ुल्फ़ की महकी हुई
जो छाँव है वो है मेरी मंज़िल
तेरे सारे ग़म मेरी सारी ख़ुशियाँ
अब दोनों की हैं
कहता दिल अब जैसी भी है ये लड़की
है ये लड़की परियों जैसी है ना...

चाँद पे तू मैं धरती पे
थोड़ी तो पास आ जा
धड़कन में तू समा जा
मैं तेरे गीत गाऊँ
ये अरमां ये तमन्ना है और दिल में
तू है तू है तू है
फूलों जैसी है ये लड़की...

Movie/Album: एक दीवाना था (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख़्तर, कल्याणी मेनन
Performed By: क्लिंटन सेरेजो