Wednesday, 30 September 2020

तू कोई और है, जानता है तू

तू कोई और है, जानता है तू
सामने इस जहान के, इक नकाब है
तू और है, कोई और है
क्यूँ नहीं वो, जो है

तू जहां के वास्ते खुद को भूल कर
अपने ही साथ ना ऐसा ज़ुल्म कर
खोल दे वो गिरह, जो लगाए तुझपे तू
बोल दे तू कोई और है
चेहरे जो ओढ़े तूने, वो तेरे कहाँ है

सामने आ, खोल दे सब
जो है दिल में बोल दे अब
टेढ़े रास्ते, ख्वाब हैं तेरे
तेरे साथ जो उम्र भर चले
ओ इन्हें गले लगा
तू कौन है बता
ओ खोल दे ये गिरह

तू कोई और है, तेरी ना हदें
आसमां है, ख्याल है
बेमिसाल है
तू मौज है, तू रौनकें
चाहे जो तू, वो है..

Movie/Album: तमाशा (2015)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: ए.आर.रहमान, अलमा फेरोविक, अर्जुन चांडी


Tuesday, 29 September 2020

एक तू ही भरोसा, एक तू ही सहारा

आ जाओ के सब मिल के, रब से दुआ मांगे
जीवन में सुकूँ चाहें, चाहत में वफ़ा मांगे
हालात बदलने में अब देर न हो मालिक
जो देख चुके फिर ये, अंधेर न हो मालिक

एक तू ही भरोसा, एक तू ही सहारा
इस तेरे जहां में नहीं कोई हमारा
हे ईश्वर, या अल्लाह, ये पुकार सुन ले
हे ईश्वर, या अल्लाह, हे दाता
हे ईश्वर...
एक तू ही भरोसा...

हमसे न देखा जाए, बरबादियों का समा
उजड़ी हुई बस्ती में, ये तड़प रहे इंसाँ
नन्हें जिस्मों के टुकड़े लिये खड़ी एक माँ
बारूद के धुंए में, तू ही बोल, जाए कहाँ
एक तू ही भरोसा...

नादाँ हैं हम तो मालिक, क्यूँ दी हमें ये सज़ा
या है सभी के दिल में, नफ़रत का ज़हर भरा
इन्हें फिर से याद दिला दें, सबक वो ही प्यार का
बन जाए गुलशन फ़िर से, काँटों भरी दुनिया
एक तू ही भरोसा...

मेरी पुकार सुन ले
हे ईश्वर या अल्लाह
मेरी पुकार सुन ले...

Movie/Album: पुकार (2000)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

Monday, 28 September 2020

ऐ नाज़नीं सुनो ना

ऐ नाज़नीं सुनो ना
हमें तुमपे हक़ तो दो ना
चाहे तो जान लो न
के देखा तुम्हें तो होश उड़ गए
होंठ जैसे खुद ही सिल गए
ऐ नाज़नीं सुनो ना...

लगता है के तुमको, रब ने बनाया जिस दम
अपनी कुदरतों को उसने, तुम में कर दिया था गुम
इस जहां को हुस्न बांटना भी कर दिया था कम
तीखे-तीखे नैन नक्श तेरे, कलियों से कोमल होंठ तेरे
फूलों से नाज़ुक पाँव तेरे, दोनों जहां कुर्बान तेरे
तराशा प्यार से जिसे, रब ने वो मूरत हो तुम
संगतराशों की जैसे देवी तुम
तुम-सा जहां में कोई ना
ऐ नाज़नीं सुनो ना...

पर्दा ख्यालों का है, सचमुच ज़रा सामने आ
चाँद को मैं तकता हूँ, पर तेरी शक्ल आँखों में
जी जलाये चांदनी भी, ठंडी-ठंडी रातों में
नाता नींदों से टूट गया, तेरे लिए ऐ मेरे हसीं
दिल को यकीं ये भी है मगर, आएगा ऐसा दिन भी कभी
जब मुलाकातें भी होंगी, मीठी-सी बातें भी होंगी
प्यार भरी रातें भी होंगी देखना
आने की ख़बर दो ना
ऐ नाज़नीं सुनो ना...

Movie/Album: दिल ही दिल में (2000)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: अभिजीत

Sunday, 27 September 2020

चाँद आया है ज़मीं पे, आज गरबे की रात में

चाँद आया है ज़मीं पे, आज गरबे की रात में
छुपा है वो यहीं कहीं पे, आज गरबे की रात में
अरे ढूँढो-ढूँढो रे, शरमा रहा है वो
कुछ तो बात है जो आया वो
मौका है ये कहने-सुनने का
मौका निकलने ना दो
चाँद आया है ज़मीं...

चुप तुम्हारे उन लबों पे भी है
चुप हमारे इन लबों पे भी है
बोलती हैं ये निगाहें मेरे यार, मेरे यार
हसीं हो सनम तुम चाँद से भी ज़्यादा
गहरी हैं ज़ुल्फ़ें जैसे रात कोई
तारीफें करो ना इतनी भी ज़्यादा
रुके ना शरम से ये साँसें मेरी
जो दिल में है बोलूँ मैं
बस तुमको ही देखूँ मैं
जीवन यूँ ही बिता दूँ, मेरे यार
चाँद आया है ज़मीं...

प्यार-सा नहीं जहां में कोई
यार-सा नहीं जहां में कोई
दोनों के बिना यहाँ पे जीना क्या, मेरे यार
पहली नज़र में लूटा था दिल को
जादूगर सलाम मेरा तुमको
इतनी मोहब्बत दोगे जो हमको
कम ही पड़ेगी ज़िन्दगी हमको
जन्मों का नाता है ये
प्यार वफ़ा का रिश्ता है ये
टूटे ना ये बंधन देखो, मेरे यार

क्या-क्या इरादे होने लगे हैं, इस गरबे की रात में
कसमें-वादे होने लगे हैं, इस गरबे की रात में
वाह रे वाह क्या आई है ये रात रे
छिड़ी है मिलन की कोई बात रे
हम भी तो हैं तुम दिलवालों के ही साथ में...

Movie/Album: दिल ही दिल में (2000)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: उदित नारायण, कविता कृष्णामूर्ति

Saturday, 26 September 2020

सुनता है मेरा ख़ुदा

सुनता है मेरा ख़ुदा
दिल-ओ-जान से चाहूँ तुझको
यारा दिलरुबा
ये ज़िन्दगी तेरे लिए, तेरे लिए
और तू मेरे लिए दिल की सदा है
सुनता है मेरा ख़ुदा...

सजन सुन तू भी इतना, कि तू है मेरा सपना
तू ही तो है मेरी आरज़ू
सनम ये बातें कैसी, कहाँ मेरी किस्मत ऐसी
कि बन जाऊँ तेरी आरज़ू
कहो तो मैं तेरे आगे, कमर बीच गजरा बांधें
डोलूँ नशीली चाल से
अदा हाय ऐसी कातिल, सहेगा तो कैसे ये दिल
तरस खाओ मेरे हाल पे
सुनता है मेरा ख़ुदा...

ये गुल-बूटे भी दिल है, यहाँ काँटे सब गुल हैं
ये रास्ते हैं अपने प्यार के
कहूँगा पर मैं इतना, कदम देख कर ही रखना
कहीं कोई ठोकर ना लगे
जो मिल गए दो दिल ऐसे, जुदा ये फिर होंगे कैसे
हमारी कहानी है यही
मुझे भी अब क्या करना है, तुझी पे जीना-मरना है
के अब ज़िन्दगानी है यही
सुनता है मेरा ख़ुदा...

Movie/Album: पुकार (2000)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: कविता कृष्णामूर्ति, स्वर्णलता, उदित नारायण

Friday, 25 September 2020

किस्मत से तुम हमको मिले हो

किस्मत से तुम हमको मिले हो
कैसे छोड़ेंगे, ये हाथ हम ना छोड़ेंगे
फिर से बनती तकदीरों को
अरमानों की ज़ंजीरों को, जानम अब ना तोड़ेंगे
किस्मत से तुम हमको...

क्या कहूँ कैसे, लगते हैं दिल पे, ज़ुल्फों के साये
कोई भूला राही जैसे मंज़िल पा जाये
या कोई दिल तूफ़ान का मारा
दर्द की लहरों में आवारा
कोई प्यारा प्यार का साहिल पा जाये
किस्मत से तुम हमको मिले हो
कैसे छोड़ेंगे, ये हाथ हम ना छोड़ेंगे
टुकड़े दिल के हम-तुम मिल के
फिर से जोड़ेंगे, ये शीशा फिर से जोड़ेंगे
फिर से बनती...

यूँ शर्माती, यूँ घबराती, ऐसे सिमटी-सिमटाई
ओ मेरे बालम, यूँ ही नहीं मैं, जाते-जाते लौट आई
वो प्रीत मेरी पहचानी तूने
मेरी कदर तो जानी तूने
अब दिल जागा, होश में चाहत अब आई
किस्मत से तुम...

Movie/Album: पुकार (2000)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: अनुराधा पौडवाल, सोनू निगम

Thursday, 24 September 2020

कैसे मुझे तुम मिल गयी

कैसे मुझे तुम मिल गयी
किस्मत पे आये ना यकीं
उतर आई झील में
जैसे चाँद उतरता है कभी
हौले हौले, धीरे से

गुनगुनी धूप की तरह से
तरन्नुम में तुम
छू के मुझे गुज़री हो यूँ
देखूँ तुम्हें या मैं सुनूँ
तुम हो सुकूँ, तुम हो जुनूँ
क्यों पहले ना आई तुम
कैसे मुझे तुम मिल गयी
किस्मत पे आये ना यकीं

मैं तो ये सोचता था, के आजकल
उपरवाले को फ़ुर्सत नहीं
फिर भी तुम्हें बना के वो
मेरी नज़र में चढ़ गया
रुतबे में वो और बढ़ गया

बदले रास्ते झरने और नदी
बदले दीप की टिमटिम
छेड़े ज़िंदगी धुन कोई नयी
बदली बरखा की रिमझिम
बदलेंगी ऋतुयें अदा, पर मैं रहूँगी सदा
उसी तरह तेरी बाहों में बाहें डाल के
हर लम्हा, हर पल

ज़िन्दगी सितार हो गई
रिमझिम मल्हार हो गई
मुझे आता नहीं किस्मत पे अपनी यकीं
कैसे मुझको मिल गयी तुम..

Movie/Album: गजनी (2008)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: बेनी दयाल, श्रेया घोषाल

Wednesday, 23 September 2020

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर
और हम तैयार हैं सीना लिए अपना इधर
ख़ून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्क़िल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

हाथ जिन में हो जुनूँ कटते नहीं तलवार से
सर जो उठ जाते हैं वो झुकते नहीं ललकार से
हाथ जिन में...
और भड़केगा जो शोला सा हमारे दिल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

हम तो घर से निकले ही थे बाँधकर सर पे कफ़न
जाँ हथेली पर लिए लो बढ़ चले हैं ये क़दम
ज़िन्दगी तो अपनी मेहमां मौत की महफ़िल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

दिल में तूफ़ानों की टोली और नसों में इंक़लाब
होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें रोको ना आज
दूर रह पाए जो हमसे दम कहाँ मंज़िल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना...

Movie/Album: रंग दे बसंती (2006)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: बिस्मिल अज़ीमाबादी
Performed By: आमिर खान

Tuesday, 22 September 2020

ओ मितवा सुन मितवा

हर संत कहे साधू कहे
सच और साहस है जिसके मन में
अंत में जीत उसी की रहे

आजा रे आजा रे
भले कितने लम्बे हो रस्ते हो
थके ना तेरा ये तन हो
आजा रे आजा रे
सुन ले पुकार डगरिया
रहे ना ये रस्ते तरसते हो तू आजा रे
इस धरती का है राजा तू
ये बात जान ले तू
कठिनाई से टकरा जा तू
नहीं हार मान ले तू
ओ मितवा सुन मितवा, तुझको क्या डर है रे
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है रे
ओ मितवा सुन मितवा...
तू आजा रे

सुन लो रे मितवा
जो है तुम्हरे मन में, वो ही हमरे मन में
जो सपना है तुम्हरा, सपना वो ही हमरा है
जीवन में
हाँ, चले हम लिए, आसा के दीये नैनन में
दीये हमरी आसाओं के कभी बुझ ना पाएँ
कभी आंधियाँ जो आ के इनको बुझाये
ओ मितवा सुन मितवा...

सुन लो रे मितवा
पुरवा भी गाएगी, मस्ती भी छाएगी
मिल के पुकारो तो, फूलों वाली जो रुत है
आयेगी
हाँ, सुख भरे दिन दुःख के बिन लाएगी
हम तुम सजाये आओ रंगों के मेले
रहते हो बोलो काहे तुम यूँ अकेले
ओ मितवा सुन मितवा...
हर संत कहे साधू कहे...

Movie/Album: लगान (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण, अल्का याग्निक, सुखविंदर सिंह, श्रीनिवास

Monday, 21 September 2020

कहता है मेरा ये दिल पिया

कहता है मेरा ये दिल पिया
कोई है, कोई है ही नहीं
काया है तू, छाया हूँ मैं
तू न हो तो मैं भी नहीं
तू न हो तो मैं भी नहीं

चूड़ी जो खनके तो कहते हैं खन-खन
घुँघरू जो खनके तो कहते हैं छन-छन
खन-खन हो, या फिर छन-छन हो
मतलब इनका है जब तक हों दो
मैं भी हूँ तब तक, जब तक तुम हो
जो सच है, वो तुम मान ही लो
धिनक धिनक धिन...

सुबह के पल या शाम के दम
दिन तो सारा एक ही है
दो आँखों से देखें हम
फिर भी नज़ारा एक ही है
दिल हैं दो लेकिन सनम
प्यार की धारा एक ही है
कहता है मेरा...

सुनी कहानी है ये पुरानी
हंसों का राजा, हंसों की रानी
फ़िरते हैं एक संग हर पल ही
नैन में जब एक नीर भर आए
जुड़वा आँख भी नीर बहाए
प्यार की हो, मन में जल-थल भी
धिनक धिनक धिन...

कहने को दो जिस्म सही
लेकिन बस एक जान हैं हम
कहने को हम दो सपने हैं
लेकिन इक अरमान हैं हम
इतना प्यार हुआ कैसे
सोच के ख़ुद हैरान हैं हम
कहता है मेरा...

Movie/Album: जीन्स (1998)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: कविता कृष्णमूर्ति

Sunday, 20 September 2020

रोशन हुई रात

रोशन हुई रात, वो आसमाँ से
उतर के ज़मीं पे आया
रोशन हुई रात, मरियम का बेटा
मुहब्बत के संदेश लाया

दुनिया में वो महरबाँ साथ लाया
सच्चाई के उजाले
दुनिया में बन के मसीहा वो आया
कि हमको दुःखों से बचा ले
रोशन हुई रात...

वो आया सीने से उनको लगाने
जो हैं यहाँ बेसहारे
वो आया बाँहों में उनको छुपाने
जो हैं यहाँ ग़म के मारे
रोशन हुई रात, जब जगमगाया
पूरब गगन का सितारा
रोशन हुई रात, हुक़्म-ए-ख़ुदा से
मरियम ने येसू पुकारा
रोशन हुई रात...

Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: अनुराधा श्रीराम

Saturday, 19 September 2020

तू बिन बताए, मुझे ले चल कहीं

तू बिन बताए, मुझे ले चल कहीं
जहाँ तू मुस्कुराए, मेरी मंज़िल वहीं
तू बिन बताए...

मीठी लगी, चख के देखी अभी
मिश्री की डली, ज़िन्दगी हो चली
जहाँ है तेरी बाहें, मेरा साहिल वहीं
तू बिन बताए...

मन की गली, तू फुहारों सी आ
भीग जाए मेरे, ख्वाबों का क़ाफिला
जिसे तू गुनगुनाए, मेरी धुन है वही
तू बिन बताए...

Movie/Album: रंग दे बसंती (2006)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: नरेश अय्यर, मधुश्री

Friday, 18 September 2020

जनम जनम का साथ है तुम्हारा हमारा

मो.रफ़ी, लता मंगेशकर
जनम जनम का साथ है तुम्हारा हमारा
तुम्हारा हमारा
अगर न मिलते इस जीवन में
लेते जनम दुबारा
जनम जनम का साथ...

जबसे घूमे धरती सूरज चाँद सितारे
तबसे मेरी निगाहें समझें तेरे इशारे
रूप बदल कर साजन
मैंने फिर से तुम्हें पुकारा
जनम जनम का साथ...

प्यार के पँख लगा के दूर कहीं उड़ जायें
जहाँ हवायें ग़म की हम तक पहुँच न पायें
ख़ुशियों की ख़ुश्बू से महके
घर संसार हमारा
जनम जनम का साथ...

लता मंगेशकर
जनम जनम का साथ था तुम्हारा हमारा
जीवन साथी बन के तूने हमसे किया किनारा
जनम जनम का साथ...

ये रस्मों के बंधन, कसमों की दीवारें
इनको तोड़ के कैसे, बाकी उम्र गुज़ारें
इस उलझन में उलझ रहा है
मन क्यों आस का मारा
जनम जनम का साथ...

सारी दुनिया सोए, नींद मुझे न आए
रात के सूनेपन में, नैन मेरे भर आए
आँसूँ बन के क्यों आँखों से
छलके प्यार तुम्हारा
जनम जनम का साथ...

Movie/Album: भीगी पलकें (1982)
Music By: तिलक राज
Lyrics By: एम जी हशमत
Performed By: मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर

Thursday, 17 September 2020

कुछ भी कर लो

कुछ भी कर लो
एक दिन तुम को मेरी होना होगा
हमारा-तुम्हारा, ओ दिलबर-दिलारा
न होगा गुज़ारा (अरे होगा)
कुछ भी कर लो...

बालों की महक मेरे लिए है
अरेरे, गालों की चमक मेरे लिए है
ला, हाथ ला
ऐसे न बहक, मैं न मिलूँगी
तारारम, और कोई तक, मैं न मिलूँगी
पीछे न आ
हमारा-तुम्हारा...

होना है तुझे यूँ भी किसी की
अरेरे, ऐसी भी है क्या मेरे में कमी
ये तो बता
होना होगा जब, मुझे किसी की
तारारम, सोच लूँगी तब तेरे लिए भी
जल्दी है क्या
हमारा-तुम्हारा...

Movie/Album: जोशीला (1973)
Music By: राहुल देव बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

Wednesday, 16 September 2020

पन्ना की तमन्ना है कि हीरा मुझे मिल जाए

पन्ना की तमन्ना है कि हीरा मुझे मिल जाए
चाहे मेरी जान जाए, चाहे मेरा दिल जाए
पन्ना की तमन्ना है...

हीरा तो पहले ही किसी और का हो चुका
किसी की, मदभरी, आँखों में खो चुका
यादों की, बस धूल, बन चुका दिल का फूल
सीने पे मैं रख दूँ जो हाथ फिर खिल जाए
चाहे मेरी जान जाए, चाहे मेरा दिल जाए
पन्ना की तमन्ना है कि...

दिल तो देते हैं, लेते हैं लोग कई बार
हुआ क्या, किसी से, किया था, तुमने प्यार
यादों को, छोड़ दे, वादों को तोड़ दे
अपनी जगह से कैसे परबत हिल जाए
चाहे मेरी जान जाए, चाहे मेरा दिल जाए
पन्ना की तमन्ना है कि...

भूला ना मेरे दिल को कभी जिस का ख़याल
हो सके, तो उसे, मेरे दिल से तू निकाल
ना करूँ, मैं ये काम, तो नहीं मेरा नाम
बातों से ये ज़ख़्म-ए-जिगर कैसे सिल जाए
चाहे मेरी जान जाए, चाहे मेरा दिल जाए
पन्ना की तमन्ना है कि...

Movie/Album: हीरा पन्ना (1973)
Music By: राहुल देव बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

Tuesday, 15 September 2020

मुहब्बत के इशारों में

मुहब्बत के इशारों में
अकेले में हज़ारों में
हो तेरी कसम कहाँ-कहाँ तुझे ढूँढा
मुहब्बत के इशारों में...

मिलन की तमन्ना लिए
हो नज़र यूँ भटकती रही
जुदाई की दीवार से
वफ़ा सर पटकती रही
जवानी की पुकारों में
अकेले में हज़ारों में...

तेरा नाम लेता है दिल
हो जहाँ से गुज़रती हूँ मैं
मुझे क्यों सताए ना तू
तुझे प्यार करती हूँ मैं
निगाहों में नज़ारों में
अकेले में हज़ारों में...
मुहब्बत के इशारों में...

Movie/Album: दुश्मन दोस्त (1981)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर

Monday, 14 September 2020

खामोशियाँ गुनगुनाने लगी


खामोशियाँ गुनगुनाने लगी
तनहाईयाँ मुस्कुराने लगी
सरगोशी करे हवा, चुपके से मुझे कहा
दिल का हाल बता, दिलबर से ना छुपा
सुन के बात ये, शर्म से मेरी
आँखें झुक जाने लगी
खामोशियाँ गुनगुनाने लगी...

जाग उठा है सपना, किसका मेरी इन आँखों में
एक नयी ज़िन्दगी, शामिल हो रही साँसों में
किसी की आती है, सदा हवाओं में
किसी की बातें हैं, दबी-सी होंठों में
रात-दिन मेरी आँखों में कोई
परछाई लहराने लगी
खामोशियाँ गुनगुनाने लगी...

खामोशियाँ गुनगुनाने लगी
तनहाईयाँ मुस्कुराने लगी
दिल का ये कारवाँ, यूँ ही था रवाँ-रवाँ
मंज़िल न हमसफ़र, लेकिन नये मेहरबां
तेरी वो एक नज़र कर गई असर
दुनिया संवर जाने लगी
खामोशियाँ गुनगुनाने लगी...

बेखयाली में भी, आता है ख्याल तेरा
बेकरारी मेरी, करती है सवाल तेरा
तेरी वफाओं की, उम्मीदें है मुझको
तेरी निगाहों की, पनाह दे मुझको
सुन ऐ हमनशीं, आस ये तेरी
मुझको तड़पाने लगी
खामोशियाँ गुनगुनाने लगी...

शर्म-ओ-हया से कह दो, ख़ुदा-हाफिज़ ओ मेरी जाना
है घड़ी मिलन की, खुदारा लौट के ना आना
रात का पर्दा हमारी ही ख़ातिर
सजे हैं हम भी तो तुम्हारी ही ख़ातिर
जैसे-जैसे तुम पास आते हो
साँसें रुक जाने लगी
खामोशियाँ गुनगुनाने लगी...



Movie/Album: वन २ का ४ (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: लता मंगेशकर, सोनू निगम

Sunday, 13 September 2020

परदेस जा के परदेसिया

परदेस जा के परदेसिया
भूल न जाना पिया
तन-मन किसी ने तुझे अर्पण किया
परदेस जा के परदेसिया...

इक तेरी ख़ुशी के कारण
लाख सहे दुख हमने ओ साजन
हँस के जुदाई का ज़हर पिया
परदेस जा के परदेसिया...

दिल में तेरा प्यार बसाया
दिल को जैसे रोग लगाया
सारी उमर का दर्द लिया
परदेस जा के परदेसिया...

अब जाओगे कब आओगे
जब आओगे तब आओगे
इतने दिन है कौन जीया
परदेस जा के परदेसिया...

Movie/Album: अर्पण (1983)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर

Saturday, 12 September 2020

अलबेलिया


कोई पर्दा, कोई ओलट
मेरी ही आँखों में मारे है, ताना
जब झिझकी, जब कांपी
होंठों की जोड़ी तो
मैंने, हाँ, मैंने जाना

मैं तो आज़ादी में भी क़ैद हो गयी
मेरे अलबेलिया, तू खेलिया
बदला है शीशा या मैं हो गयी नयी
मेरे अलबेलिया..

मैं जो दुनिया का चेहरा निहारूं, उनको ही पाऊं
पर वो जब भी मेरी ओर देखे, चेहरा छुपाऊं
ख्वाबों में हाँ, मेरे खुदा, रंग भर रहे हैं
उनका जुनूं, और मेरी जां, इक कर रहे हैं
हाय लुटने में कितना मज़ा है, कैसे बताऊँ
देखूं खुद को तो जैसे और है कोई
मेरे अलबेलिया...
झूठी, मैं झूठी ठहरी
तू सही-सही
मेरे अलबेलिया...



Movie/Album: रंगीले (2012)
Music By: कैलासा, कैलाश खेर, परेश कामथ, नरेश कामथ
Lyrics By: कैलाश खेर
Performed By: कैलाश खेर, परेश कामथ, नरेश कामथ

Friday, 11 September 2020

लग जा गले के फिर ये

लग जा गले के फिर ये
हसीं रात हो ना हो
शायद फिर इस जनम में
मुलाक़ात हो ना हो
लग जा गले...

हमको मिली हैं आज ये घड़ियाँ नसीब से
जी भर के देख लीजिये, हमको करीब से
फिर आप के नसीब में, ये बात हो ना हो
शायद फिर इस...

पास आईये के हम नहीं आयेंगे बार-बार
बाहें गले में डाल के, हम रो लें ज़ार-ज़ार
आँखों से फिर ये प्यार की बरसात हो ना हो
शायद फिर इस...

Movie/Album: वो कौन थी (1964)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहंदी अली खान
Performed By: लता मंगेशकर

Thursday, 10 September 2020

तेरा आसरा है एक तेरा ही सहारा


तेरा आसरा है एक तेरा ही सहारा
तू ही जो नहीं कौन है फिर हमारा
तेरा आसरा है...

हो, तू जलसागर हमको बहा ले
अपनी ही लहरों में उठा के
तेरे किनारे कब से खड़े हैं
जनम जनम के प्यासे
ऐसी बुझा फिर लगे ना दुबारा
तेरा आसरा है...

कैसी सभा ये तूने सजाई
सब एक दूजे से पराये
तू चाहे देखे सबका तमाशा
हमसे तो देखा न जाए
क्या तेरे प्यार का यही फल है सारा
तेरा आसरा है...



Movie/Album: धुआँ (1981)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

Wednesday, 9 September 2020

आयो कहाँ से घनश्याम

आयो कहाँ से घनश्याम

रैना बिताई किस धाम

हाय राम

आयो कहाँ से घनश्याम...



रात की जागी रे

अँखियाँ हैं तोरी

हो रही गली गली जिया की चोरी

हो नहीं जाना बदनाम, हाय राम
आयो कहाँ से घनश्याम...



सज धज तुमरी का कहूँ रसिया

(ध न ध ध, ध न ध ध, म ध प, ग प म, र म ग, म ग स, ऩ स ऩ ध़ ऩ,

स ग म ग, स ग म प न ग म, प न सं गं मं गं सं, न न प म ग स प)

ऐसे लगे तेरे हाथों में बंसिया
जैसे कटारी लियो थाम, हाय राम
आयो कहाँ से घनश्याम...



मैं ना कहूँ कछु मोसे ना रूठो

तुम ख़ुद अपने जियरा से पूछो

बीती कहाँ पे कल शाम
आयो कहाँ से घनश्याम...




Movie/Album: बुड्ढा मिल गया (1971)

Music By: आर.डी.बर्मन

Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी

Performed By: मन्ना डे, अर्चना

Tuesday, 8 September 2020

जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं

जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं
कैसे नादान हैं, शोलों को हवा देते हैं
कैसे नादान हैं

हम से दीवाने कहीं तर्क-ए-वफ़ा करते हैं
जान जाए कि रहे, बात निभा देते हैं
जान जाए

आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तोलें
हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं
हम मोहब्बत से

तख़्त क्या चीज़ है और लाल-ओ-जवाहर क्या है
इश्क़ वाले तो ख़ुदाई भी लुटा देते हैं
इश्क़ वाले

हमने दिल दे भी दिया, एहद-ए-वफ़ा ले भी लिया
आप अब शौक़ से दे लें, जो सज़ा देते हैं
जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं

Movie/Album: ताज महल (1963 )
Music By: रोशन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर

Monday, 7 September 2020

रहते थे कभी जिनके दिल में

रहते थे कभी जिनके दिल में हम
जान से भी प्यारों की तरह
बैठे हैं उन्हीं के कूचे में हम
आज गुनहगारों की तरह
रहते थे कभी जिनके...

दावा था जिन्हें हमदर्दी का
ख़ुद आ के न पूछा हाल कभी
महफ़िल में बुलाया है हम पे
हँसने को सितमगारों की तरह
रहते थे कभी जिनके...

बरसों के सुलगते तन मन पर
अश्कों के तो छींटे दे ना सके
तपते हुए दिल के ज़ख़्मों पर
बरसे भी तो अंगारों की तरह
रहते थे कभी जिनके...

सौ रुप भरे जीने के लिए
बैठे हैं हज़ारों ज़हर पिये
ठोकर न लगाना हम ख़ुद हैं
गिरती हुई दीवारों की तरह
रहते थे कभी जिनके...

Movie/Album: ममता (1966)
Music By: रोशन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

Sunday, 6 September 2020

ये दिल और उनकी निगाहों के साये

ये दिल और उनकी निगाहों के साये
मुझे घेर लेते हैं बाँहों के साये

पहाड़ों को चंचल किरन चूमती है
हवा हर नदी का बदन चूमती है
यहाँ से वहाँ तक, हैं चाहों के साये
ये दिल और...

लिपटते ये पेड़ों से बादल घनेरे
ये पल-पल उजाले, ये पल-पल अंधेरे
बहुत ठंडे-ठंडे, हैं राहों के साये
ये दिल और...

धड़कते हैं दिल कितनी आज़ादियों से
बहुत मिलते-जुलते हैं इन वादियों से
मुहब्बत की रंगीं, पनाहों के साये
ये दिल और...

Movie/Album: प्रेम परबत (1973)
Music By: जयदेव
Lyrics By: जाँ निसार अख़्तर
Performed By: लता मंगेशकर

Saturday, 5 September 2020

सिमटी हुई ये घड़ियाँ

सिमटी हुई ये घड़ियाँ, फिर से न बिखर जाए
इस रात में जी लें हम, इस रात में मर जाएँ

अब सुबह न आ पाए, आओ ये दुआ माँगें
इस रात के हर पल से, रातें ही उभर जाएँ
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

दुनिया की निगाहें अब हम तक न पहुँच पाए
तारों में बसें चलकर, धरती में उतर जाएँ
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

हालात के तीरों से छलनी हैं बदन अपने
पास आओ के सीनों के, कुछ ज़ख़्म तो भर जाए
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

आगे भी अँधेरा है, पीछे भी अँधेरा है
अपनी हैं वो ही साँसें, जो साथ गुज़र जाए
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

बिछड़ी हुई रूहों का ये मेल सुहाना है
इस मेल का कुछ एहसाँ जिस्मों पे भी कर जाएँ
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

तरसे हुए जज़्बों को अब और न तरसाओ
तुम शाने पे सर रख दो, हम बाँहों में भर जाएँ
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

Movie/Album: चम्बल की कसम (1980)
Music By: खय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी

Friday, 4 September 2020

नग़मा-ओ-शेर की सौगात किसे पेश करूँ


नग़मा-ओ-शेर की सौगात किसे पेश करूँ
ये छलकते हुए जज़बात किसे पेश करूँ

शोख़ आँखों के उजालों को लुटाऊँ किस पर
मस्त ज़ुल्फ़ों की सियह रात किसे पेश करूँ
नग़मा-ओ-शेर की

गर्म साँसों में छुपे राज़ बताऊँ किसको
नर्म होठों में दबी बात किसे पेश करूँ
नग़मा-ओ-शेर की

कोई हमराज़ तो पाऊँ, कोई हमदम तो मिले
दिल की धड़कन के इशारात किसे पेश करूँ
नग़मा-ओ-शेर की...



Movie/Album: ग़ज़ल (1964)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर