Thursday, 31 December 2020

ये तारा वो तारा

ये तारा वो तारा हर तारा
देखो जिसे भी लगे प्यारा
ये तारा वो तारा हर तारा
ये सब साथ में, जो हैं रात में
तो जगमगाए आसमान सारा
जगमग तारे, दो तारे, नौ तारे, सौ तारे, जगमग सारे
हर तारा है शरारा

तुमने देखी है धनक तो, बोलो रंग कितने हैं
सात रंग कहने को, फिर भी संग कितने हैं
समझो सबसे पहले तो, रंग होते अकेले तो
इंद्रधनुष बनता ही नहीं
एक न हम हो पाये तो, अन्याय से लड़ने को
होगी कोई जनता ही नहीं
फिर न कहना निर्बल है क्यों हारा
ये तारा वो तारा...

बूँद-बूँद मिलने से बनता एक दरिया है
बूँद-बूँद सागर है वरना ये सागर क्या है
समझो इस पहेली को, बूँद हो अकेली तो
एक बूँद जैसे कुछ भी नहीं
हम औरों को छोड़ें तो, मूँह सबसे ही मोड़ें तो
तनहा रह न जायें देखो हम कहीं
क्यों न मिल के बनें हम धारा
ये तारा वो तारा...

जो किसान हल सम्भाले, धरती सोना ही उगाये
जो गावाला गईया पाले, दूध की नदी बहाये
जो लोहार लोहा ढाले, हर औज़ार ढल जाये
मिट्टी जो कुम्हार उठा ले, मिट्टी प्याला बन जाये
सब ये रूप हैं मेहनत के, कुछ करने की चाहत के
किसी का किसी से कोई बैर नहीं
सब के एक ही सपने हैं, सोचो तो सब अपने हैं
कोई भी किसी से यहाँ ग़ैर नहीं
सीधी बात है समझो यारा
ये तारा वो तारा...

Movie/Album: स्वदेस (2004)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण, मास्टर विग्नेश, बेबी पूजा

Wednesday, 30 December 2020

मेरा रंग दे बसंती चोला

मेरा रंग दे बसंती चोला माये रंग दे
मेरा रंग दे बसंती चोला माये रंग दे
मेरा रंग दे बसंती चोला...

निकले हैं वीर जिया ले, यूँ अपना सीना ताने
हँस-हँस के जान लुटाने, आज़ाद सवेरा लाने
मर के कैसे जीते हैं, इस दुनिया को बतलाने
तेरे लाल चलें हैं माये, अब तेरी लाज बचाने
आज़ादी का शोला बन के खून रगों में डोला
मेरा रंग दे बसंती...

दिन आज तो बड़ा सुहाना, मौसम भी बड़ा सुनहरा
हम सर पे बाँध के आये, बलिदानों का ये सेहरा
बेताब हमारे दिल में, इक मस्ती सी छायी है
ऐ देश अलविदा तुझको, कहने की घड़ी आई है
महकेंगे तेरी फिज़ा में, हम बन के हवा का झोंका
किस्मत वालों को मिलता, ऐसे मरने का मौका
निकली है बरात सजा है इंक़लाब का डोला
मेरा रंग दे बसंती...

Movie/Album: द लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: समीर
Performed By: सोनू निगम, मनमोहन वारिस


Tuesday, 29 December 2020

भारत हमको जान से प्यारा है

भारत हमको जान से प्यारा है
सबसे न्यारा गुलिस्ताँ हमारा है
सदियों से भारत भूमि दुनिया की शान है
भारत माँ की रक्षा में जीवन कुर्बान है

उजड़े नहीं अपना चमन, टूटे नहीं अपना वतन
गुमराह ना कर दे कोई, बरबाद ना कर दे कोई
मंदिर यहाँ, मस्जिद वहाँ, हिन्दू यहाँ, मुस्लिम यहाँ
मिलते रहें हम प्यार से, जागो

हिन्दुस्तानी नाम हमारा है, सबसे प्यारा देश हमारा है
जन्मभूमि है हमारी शान से कहेंगे हम
सभी ही तो भाई-भाई प्यार से रहेंगे हम
हिन्दुस्तानी नाम हमारा है

आसाम से गुजरात तक, बंगाल से महाराष्ट्र तक
जाति कई, धुन एक है, भाषा कई, सुर एक है
कश्मीर से मद्रास तक, कह दो सभी हम एक हैं
आवाज़ दो हम एक हैं, जागो

Movie/Album: रोजा (1992)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: पी.के.मिश्रा
Performed By: हरिहरन

Monday, 28 December 2020

सरफरोशी की तमन्ना

सोनू निगम, हरिहरन
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है जोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है
वक़्त आने पे बता देंगे तुझे ऐ आसमां
क्या बताएँ हम जुनूनें शौक किस मंज़िल में है

दूरियाँ उम्मीद की ना आज हमसे छूट जाए
मिलके देखा है जिन्हें वो सपने भी ना रूठ जाए
हौंसले वो हौंसले क्या जो सितम से टूट जाए
सरफरोशी की तमन्ना...

तेरे सोने रूप को हम इक नयी बहार देंगे
अपने ही लहू से तेरा रंग हम निखार देंगे
देश मेरे देश तुझपे ज़िन्दगी भी वार देंगे
सरफरोशी की तमन्ना...

खुशबू बन के महका करेंगे
हम लहलहाती हर फसलों में
साँस बन के हम गुनगुनायेंगे
आने वाली हर नस्लों में
आने वाली, आने वाली, नस्लों में
सरफरोशी की तमन्ना...

सोनू निगम
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है
देख सकता है तो तू भी देख ले ऐ आसमां
हौंसला ये देख के कातिल बड़ी मुश्किल में है

अपने ही लहू से हम लिखेंगे अपनी दास्ताँ
ज़ालिमों से छीन लेंगे ये ज़मीं ये आसमां
सरफिरे जवान हम तो मौत से भी ना डरें
आज आये देश में ये क्यूँ गँवारा हम करें
मुल्क पे कुर्बान हो ये आरज़ू मेरे दिल में है
सरफरोशी की तमन्ना...

Movie/Album: द लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: समीर
Performed By: सोनू निगम, हरिहरन

Sunday, 27 December 2020

माँ तुझे सलाम

यहाँ-वहाँ सारा जहां देख लिया है
कहीं भी तेरे जैसा कोई नहीं है
अस्सी नहीं, सौ दिन दुनिया घूमा है
नहीं कहीं तेरे जैसा कोई नहीं
मैं गया जहाँ भी
बस तेरी याद थी
जो मेरे साथ थी
मुझको तड़पाती, रुलाती
सबसे प्यारी तेरी सूरत
प्यार है बस तेरा, प्यार ही
माँ तुझे सलाम
वन्दे मातरम

जहाँ देखूँ वहाँ मैं, तेरा हूँ दीवाना मैं
झूमूँ, नाचूँ, गाऊँ तेरे प्यार का तराना मैं
चंदा नहीं, सूरज नहीं, दुनिया की दौलत नहीं
बस लूटूँगा तेरे प्यार का खज़ाना
इक नज़र जब तेरी, होती है प्यार की
दुनिया तब तो मेरी चमके-दमके-महके रे
तेरा चेहरा सूरज जैसा, चाँद सी ठण्ड है प्यार में
वन्दे मातरम

तेरे पास ही मैं आ रहा हूँ
अपनी बाहें खोल दे
ज़ोर से मुझको गले लगा ले
मुझको फिर वो प्यार दे
तू ही ज़िन्दगी है
तू ही मेरी मोहब्बत है
तेरे ही पैरों में जन्नत है
तू ही दिल, तू जां, अम्मा
माँ तुझे सलाम

Movie/Album: वन्दे मातरम (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: ए.आर.रहमान

Saturday, 26 December 2020

आज़ादी

जागे हैं अब सारे
लोग तेरे देख वतन
गूंजे है नारों से
अब ये ज़मीं और ये गगन
कल तक मैं तन्हा था
सूने थे सब रस्ते
कल तक मैं तन्हा था
पर अब हैं साथ मेरे
लाखों दिलों की धड़कन
देख वतन

आज़ादी पाएँगे
आज़ादी लायेंगे
आज़ादी छाएगी
आज़ादी आएगी

जागे हैं अब सारे
लोग तेरे देख वतन
गूंजे है नारों से
अब ये ज़मीं और ये गगन
कल तक मैं तन्हा था
सुने थे सब रस्ते
कल तक मैं तन्हा था
पर अब हैं साथ मेरे
लाखों दिलों की धड़कन
देख वतन
हम चाहें आज़ादी
हम मांगें आज़ादी
आज़ादी छाएगी
आज़ादी आएगी

Movie/Album: बोस - द फॉरगॉटेन हीरो (2005)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: ए.आर.रहमान


Friday, 25 December 2020

कुन फाया कुन

कदम बढ़ा ले
हदों को मिटा ले
आजा खाली पल में
पी का घर तेरा
तेरे बिन खाली
आजा खालीपन में

रंगरेज़ा...
कुन फायाकुन कुन
फायाकुन फायाकुन
फायाकुन फायाकुन फायाकुन

जब कहीं पे कुछ नहीं, भी नहीं था
वही था, वही था
वही था, वही था

वो जो मुझमें समाया
वो जो तुझमें समाया
मौला वही-वही माया
कुन फायाकुन...

रंगरेज़ा रंग मेरा तन मेरा मन
ले ले रंगाई चाहे तक चाहे मन

सजरा सवेरा मेरे तन बरसे
कजरा अँधेरा तेरी जलती लौ
कतरा मिला जो तेरे दर बरसे
ओ मौला...
कुन फायाकुन...

मुझपे करम सरकार तेरा
अरज तुझे कर दे मुझे
मुझसे ही रिहा
अब मुझको भी हो दीदार मेरा
कर दे मुझे मुझसे ही रिहा
मुझसे ही रिहा
मन के मेरे ये भरम
कच्चे मेरे ये करम
ले के चले हैं कहाँ
मैं तो जानूँ ही ना
तू है मुझमें समाया
कहाँ ले के मुझे आया
मैं हूँ तुझमें समाया
तेरे पीछे चला आया
तेरा ही मैं एक साया
तूने मुझको बढ़ाया
मैं तो जग को न भाया
तूने गले से लगाया
हक तू ही है खुदाया
सच तू ही है खुदाया
कुन फायाकुन...

Movie/Album: रॉकस्टार (2011)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: जावेद अली, मोहित चौहान, ए.आर.रहमान

Thursday, 24 December 2020

फिर से उड़ चला

फिर से उड़ चला
उड़ के छोड़ा है जहां नीचे
मैं तुम्हारे अब हूँ हवाले हवा
दूर-दूर लोग-बाग़ मीलों दूर ये वादियाँ

कर धुंआ धुंआ तन हर बदली चली आती है छूने
और कोई बदली कभी कहीं कर दे तन गीला ये है भी ना हो
किसी मंज़र पर मैं रुका नहीं
कभी खुद से भी मैं मिला नहीं
ये गिला तो है मैं खफ़ा नहीं
शहर एक से, गाँव एक से
लोग एक से, नाम एक
फिर से उड़ चला

मिट्टी जैसे सपने ये कित्ता भी
पलकों से झाड़ो फिर आ जाते हैं
इत्ते सारे सपने क्या कहूँ
किस तरह से मैंने तोड़े हैं छोड़े हैं क्यूँ
फिर साथ चले, मुझे ले के उड़े, ये क्यूँ

कभी डाल-डाल, कभी पात-पात
मेरे साथ-साथ, फिरे दर-दर ये
कभी सहरा, कभी सावन
बनूँ रावण क्यूँ मर-मर के
कभी डाल-डाल, कभी पात-पात
कभी दिन है रात, कभी दिन-दिन है
क्या सच है, क्या माया है दाता

इधर-उधर तितर-बितर
क्या है पता हवा लिए जाए तेरी ओर
खींचे तेरी यादें तेरी ओर
रंग बिरंगे वहमों में मैं उड़ता फिरूं

Movie/Album: रॉकस्टार (2011)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: मोहित चौहान

Wednesday, 23 December 2020

इश्क बिना

इश्क बिना क्या मरना यारा
इश्क बिना क्या जीना
गुड़ से मीठा इश्क-इश्क
इमली से खट्टा इश्क
वादा ये पक्का इश्क-इश्क
धागा ये कच्चा इश्क

नीचे इश्क है, ऊपर रब है
इन दोनों के बीच में सब है
एक नहीं सौ बातें कर लो
सौ बातों का एक मतलब है
रब सब से सोना इश्क-इश्क
रब से भी सोना इश्क

इश्क बिना क्या जीना यारों
इश्क बिना क्या मरना यारों
गुड़ से मीठा इश्क-इश्क
इमली से खट्टा इश्क इश्क
हीरा ना पन्ना इश्क-इश्कबस एक तमन्ना इश्क-इश्क


इश्क है क्या, ये किसको पता
ये इश्क है क्या, सबको पता
ये प्रेम नगर, अनजान डगर
साजन का घर का किसको खबर
छोटी सी उमर, ये लम्बा सफ़र
ये इश्क है क्या, ये किसको पता
ये दर्द है या दर्दों की दवा
ये कोई सनम या आप खुदा

इश्क बिना क्या मरना यारा...

तुमने इश्क का नाम सुना है
हमने इश्क किया है
फूलों का गुलशन इश्क-इश्क
काँटों का दामन इश्क

इश्क बिना क्या जीना यारों..

Movie/Album: ताल (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: अनुराधा श्रीराम, सुजाता, सोनू निगम, ए.आर.रहमान

Tuesday, 22 December 2020

नहीं सामने ये अलग बात है

देखो छोड के किस रस्ते वो जाते हैं
सारे रस्ते, वापस मेरे दिल को आते हैं

प्रेयसी..
नहीं सामने ये अलग बात है
मेरे पास है तू मेरे पास है
मेरे साथ है...

तेरा नाम मैंने लिया हैं यहाँ
मुझे याद तुने किया है वहाँ
बड़े ज़ोर की आज बरसात है
मेरे पास है तू मेरे पास है
प्रेयसी..

बिछड़ के भी मुझसे जुदा तो नहीं
ख़फ़ा है मगर बेवफ़ा तो नहीं
मेरे हाथ में ही तेरा हाथ है
मेरे पास है तू मेरे पास है
प्रेयसी..

Movie/Album: ताल (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: हरिहरन, सुखविंदर सिंह

Monday, 21 December 2020

ताल से ताल मिला

दिल ये बेचैन वे
रस्ते पे नैन वे
जिन्दड़ी बेहाल है
सुर है ना ताल है
आजा सांवरिया आ
ताल से ताल मिला

सावन ने आज तो, मुझको भिगो दिया
हाय मेरी लाज ने, मुझको डुबो दिया
ऐसी लगी झड़ी, सोचूँ मैं ये खड़ी
कुछ मैंने खो दिया, क्या मैंने खो दिया
चुप क्यूँ है बोल तू, संग मेरे डोल तू
मेरी चाल से चाल मिला
ताल से ताल मिला...

माना अनजान है, तू मेरे वास्ते
माना अनजान हूँ, मैं तेरे वास्ते
मैं तुझको जान लूं, तू मुझको जान ले
आ दिल के पास आ, इस दिल के रास्ते
जो तेरा हाल है, वो मेरा हाल है
इस हाल से हाल मिला
ताल से ताल मिला...

Movie/Album: ताल (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: अलका याग्निक, उदित नारायण, सुखविंदर सिंह

Sunday, 20 December 2020

रमता जोगी

ना जाने दिल विच की आया
एक प्रेम प्याला पी आया
मैं जी आया, मैं जी आया
मैं प्रेम प्याला पी आया

ओय, ओय रमता जोगी
मैं प्रेम दा प्याला पी आया
एक पल में सदियाँ जी आया
सारी मधुशाला पी आया
एक पल में सदियाँ जी आया
मैं पी आया...

तू रमता जोगी, तू रमता जोगी
तू प्रेम दा प्याला पी आया
ऐ तेरे दिल विच की आया

सारी मधुशाला पी आया
एक पल में सदियाँ जी आया
मैं पी आया...


ये जोग लिया किस कारण
ये रोग लिया किस कारण
एक जोगन देखी बस्ती में
एक मौज उठी तो मस्ती में
दिल भी आया, मैं पी आया
मैं प्रेम प्याला पी आया...

मन में लगन ये जागी, जग छूटा
जग छूटा जिया बैरागी
ये बात वहाँ तक ना पहुंची
ये चोट जिया तक ना लागी
ये दर्द जुबां तक ना आया
ये तेरे दिल विच की आया
सारी मधुशाला पी आया...

Movie/Album: ताल (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: सुखविंदर सिंह, अलका याग्निक

Saturday, 19 December 2020

कतिया करूँ

कतिया करूँ, कतिया करूँ
सारी रातें कतिया करूँ
सारा दिन सोचा विच लंगदा
तेरे लै हूंण जियूं ते मरूं

एह तन मेरा
चरखा होवे
होवे उलफत यार दी
चित्ता रूप

नचदी फिरूं
टपदी फिरूं
कीली मैं
नपदी फिरूं
हद्द करूँ
यारा बुल्ले लुटिया करूँ
मैनूं डर हूंण नइयो जगदा
तेरे लै हूंण जियूं ते मरूं

Movie/Album: रॉकस्टार (2011)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: हर्षदीप कौर, सपना अवस्थी

Friday, 18 December 2020

बरसो रे

बरसो रे मेघा-मेघा
बरसो रे, मेघा बरसो
मीठा है कोसा है, बारिश का बोसा है
जल-थल-चल-चल
चल-चल बहता चल

गीली-गीली माटी, गीली माटी के
चल घरौंदे बनायेंगे रे
हरी भरी अम्बी, अम्बी की डाली
मिल के झूले झुलाएंगे रे
धन बैजू गजनी, हल जोते सबने
बैलों की घंटी बजी, और ताल लगे भरने
रे तैर के चली, मैं तो पार चली
पार वाले पर ले किनारे चली
रे मेघा...
नन्ना रे..

काली-काली रातें, काली रातों में
ये बदरवा बरस जायेगा
गली-गली मुझको, मेघा ढूँढेगा
और गरज के पलट जायेगा
घर आँगन अंगना, और पानी का झरना
भूल न जाना मुझे, सब पूछेंगे वरना
रे बह के चली, मैं तो बह के चली
रे कहती चली, मैं तो कहके चली
रे मेघा...
नन्ना रे...

Movie/Album: गुरु (2007)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: श्रेया घोषाल

Thursday, 17 December 2020

तेरे बिना

तेरे बिना बेसुवादी बेसुवादी रतियाँ
ओ सजना
रूखी रे ओ रूखी रे, काटूँ रे कटे, कटे ना

ना जा चाकरी का मारे
ना जा सौतन पुकारे
सावन आएगा तो पूछेगा
ना जा रे
फीकी-फीकी बेसुवादी
ये रतिया
काटूँ रे कटे, कटे ना
अब तेरे बिना सजना-सजना काटे, कटे ना
काटे ना काटे ना तेरे बिना
तेरे बिना...

तेरे बिना चाँद का सोना, खोटा रे
पीली-पीली धूल उंड़ावे झूठा रे
तेरे बिना सोना पीतल
तेरे संग कीकर पीपल
आजा काटे ना रतियाँ
तेरे बिना...

Movie/Album: गुरु (2007)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान, चिन्मयी

Wednesday, 16 December 2020

ऐ हैरते

ऐ हैरते आशिकी जगा मत
पैरों से ज़मीं, ज़मीं लगा मत
दमदारा दमदारा चश्म-चश्म नम
दमदारा दमदारा चश्म-चश्म नम
सुन मेरे हमदम
हमेशा इश्क में ही जीना

क्यों उर्दू, फारसी बोलते
दस कहते हो, दो तौलते हो
झूठों के शहनशाह बोलो ना
कभी झाँकों, मेरी ऑंखें
सुनाये इक दास्ताँ
जो होठों से खोलो ना
ऐ हैरते आशिकी...

दो चार महीन से लम्हों में
उम्रों के हिसाब भी होते हैं
जिन्हें देखा नहीं कल तक
कहीं भी अब कोख में वो चेहरे बोते है
ऐ हैरते आशिकी...

Movie/Album: गुरु (2007)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: अलका याग्निक, हरिहरन

Tuesday, 15 December 2020

सतरंगी रे

तू ही तू, तू ही तू सतरंगी रे
तू ही तू, तू ही तू मनरंगी रे

दिल का साया हमसाया
सतरंगी रे, मनरंगी रे
कोई नूर है तू, क्यों दूर है तू
जब पास है तू, एहसास है तू
कोई ख्वाब है या परछाई है
सतरंगी रे, सतरंगी रे
इस बार बता, मुंहज़ोर हवा, ठहरेगी कहाँ

इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश ग़ालिब
जो लगाये न लगे और बुझाये न बुझे

आँखों ने कुछ ऐसे छुआ, हल्का हल्का उन्स हुआ
हल्का हल्का उन्स हुआ, दिल को महसूस हुआ
तू ही तू, तू ही तू, जीने की सारी खुशबू
तू ही तू, तू ही तू, आरज़ू, आरज़ू
तेरी जिस्म की आँच को छूते ही
मेरे साँस सुलगने लगते हैं
मुझे इश्क़ दिलासे देता है
मेरे दर्द बिलखने लगते हैं

तू ही तू, तू ही तू, जीने की सारी खुश्बू
तू ही तू, तू ही तू, आरज़ू आरज़ू
छूती है मुझे सरगोशी से
आँखों में घुली खामोशी से
मैं फ़र्श पे सजदे करता हूँ
कुछ होश में, कुछ बेहोशी से
दिल का साया हमसाया...

तेरी राहों में उलझा-उलझा हूँ
तेरी बाहों में उलझा-उलझा
सुलझाने दे होश मुझे, तेरी चाहों में उलझा हूँ
मेरा जीना जुनूँ, मेरा मरना जुनूँ
अब इसके सिवा नहीं कोई सुकूँ
तू ही तू...
इश्क़ पर ज़ोर...

मुझे मौत की गोद में सोने दे
तेरी रूह में जिस्म डबोने दे
सतरंगी रे, मनरंगी रे

Movie/Album: दिल से (1998)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: सोनू निगम, कविता कृष्णमूर्ती

Monday, 14 December 2020

दिल से रे

इक सूरज निकला था
कुछ तारा पिघला था
इक आँधी आयी थी
जब दिल से आह निकली थी
दिल से रे

दिल तो आखिर दिल है ना
मीठी सी मुश्किल है ना
पिया पिया, पिया पिया ना पिया
जिया जिया, जिया जिया ना जिया
दिल से रे...

दो पत्ते पतझड़ के पेड़ों से उतरे थे
पेड़ों की शाखों से उतरे थे
फिर कितने मौसम गुज़रे, वो पत्ते दो बेचारे
फिर उगने की चाहत में, वो सहराओं से गुज़रे
वो पत्ते दिल-दिल-दिल थे, वो दिल थे, दिल-दिल थे
दिल है तो फिर दर्द होगा, दर्द है तो दिल भी होगा
मौसम गुज़रते रहते हैं
दिल है तो फिर दर्द होगा, दर्द है तो दिल भी होगा
दिल से, दिल से, दिल से, दिल से रे
दिल तो आखिर...

बन्धन है रिश्तों में, काँटों की तारें हैं
पत्थर के दरवाज़े, दीवारें
बेलें फिर भी उगती हैं और गुँचे भी खिलते हैं
और चलते हैं अफ़साने, किरदार भी मिलते हैं
वो रिश्ते दिल-दिल-दिल थे, वो दिल थे, दिल-दिल थे
ग़म दिल के बस चुलबुले हैं, पानी के ये बुलबुले हैं
बुझते ही बनते रहते हैं
दिल से, दिल से, दिल से, दिल से रे

Movie/Album: दिल से (1998)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान

Sunday, 13 December 2020

छैय्याँ छैय्याँ

जिनके सर हो इश्क़ की छाँव
पाँव के नीचे जन्नत होगी
जिनके सर हो इश्क़ की छाँव

चल छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ
सारे इश्क़ की छाँव, चल छैय्याँ छैय्याँ
पाँव जन्नत चले, चल छैय्याँ छैय्याँ
चल छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ

वो यार है जो खुशबू की तरह
जिसकी ज़ुबाँ उर्दू की तरह
मेरी शाम रात, मेरी क़ायनात
वो यार मेरा सैंय्या सैंय्या
चल छैय्याँ छैय्याँ...

गुलपोश कभी इतराये कहीं
महके तो नज़र आ जाये कहीं
ताबीज़ बना के पहनूँ उसे
आयत की तरह मिल जाये कहीँ
वो यार है जो ईमाँ की तरह
मेरा नग़मा वही, मेरा कलमा वही
मेरा नग़मा नग़मा, मेरा कलमा कलमा
यार मिसाल-ए-आस चले
पाँव के तले फ़िरदौस चले
कभी डाल-डाल, कभी पात-पात
मैं हवा पे ढूँढूँ उसके निशाँ
सारे इश्क़ की छाँव...

मैं उसके रूप का शहदाई
वो धू- छाँव सा हरजाई
वो शोख का रंग बदलता है
मैं रंग रूप का सौदाई
जिनके सर हो इश्क़ की छाँव
पाँव के नीचे जन्नत होगी
शाम रात, मेरी कायनात
वो यार मेरा सैय्याँ सैय्याँ
चल छैय्याँ छैय्याँ...

Movie/Album: दिल से (1998)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: सुखविंदर सिंह,  सपना अवस्थी

Saturday, 12 December 2020

जिया जले

जिया जले, जाँ जले नैनों तले
धुआँ चले, धुआँ चले

(मळयाळम)
पुन्चिरी थनु कोंचीको
मुन्थिरी मुत्थम चिन्थीको
मंचनी वर्ण सुंदरी वावे
थान्कीनाका
थाकधिमी आडुम थन्कानीलावे, होय

थंक कोलूसल्ले
कुरुम कुईलल्ले
आदण मयीलल्ले

जिया जले, जाँ जले नैनों तले
धुआँ चले, धुआँ चले
रात भर धुआँ चले
जानूँ ना, जानूँ ना, जानूँ ना सखी री
जिया जले...

देखते हैं तन मेरा, मन में चुभती है नज़र
होंठ सिल जाते उनके, नर्म होंठों से मगर
गिनती रहती, हूँ मैं अपनी, करवटों के सिलसिले
क्या करूँ, कैसे कहूँ, रात कब कैसे ढले
जिया जले...

(मळयाळम)
हे, कुरुवनीकिलिये, कुरुवनीकिलिये
कुकुरू कुरूकुरू कूकी कुरुकी, कुन्निमरथिल उयल आड़ी
कोडुम ओरिक्के कूटू विलीकुन्ने
मारण निन्ने कूकी कुरुकी कूटू विलीकुन्ने

थंक कोलूसल्ले
कुरुम कुईलल्ले
आदण मयीलल्ले

अंग-अंग में जलती हैं, दर्द की चिंगारियाँ
मसले फूलों की महक में, तितलियों की क्यारियाँ
रात भर बेचारी मेहन्दी, पिसती है पैरों तले
क्या करूँ, कैसे कहूँ, रात कब कैसे ढले
जिया जले...

Movie/Album: दिल से (1998)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: लता मंगेशकर

Friday, 11 December 2020

अर्ज़ियाँ

अर्ज़ियाँ सारी मैं चेहरे पे लिख के लाया हूँ
तुम से क्या माँगू मैं
तुम ख़ुद ही समझ लो
मौला मेरे मौला
दरारें-दरारें हैं माथे पे मौला
मरम्मत मुक़द्दर की कर दो मौला
मेरे मौला
तेरे दर पे झुका हूँ, मिटा हूँ, बना हूँ
मरम्मत मुक़द्दर की कर दो मौला

जो भी तेरे दर आया, झुकने जो सर आया
मस्तियाँ पिए सबको, झूमता नज़र आया
प्यास लेके आया था दरिया वो भर लाया
नूर की बारिश में भीगता सा तर आया
मौला मेरे मौला...

एक खुशबू आती थी, मैं भटकता जाता था
रेशमी सी माया थी, और मैं तकता जाता था
जब तेरी गली आया, सच तभी नज़र आया
मुझमें ही वो खुशबू थी, जिससे तूने मिलवाया
मौला मेरे मौला...

टूट के बिखरना मुझको ज़रूर आता है
वरना इबादत वाला शहूर आता है
सजदे में रहने दो, अब कहीं ना जाऊँगा
अब जो तुमने ठुकराया तो सँवर ना पाऊँगा
मौला मेरे मौला...

सर उठा के मैंने तो कितनी ख्वाहिशें की थी
कितने ख्वाब देखे थे, कितनी कोशिशें की थी
जब तू रूबरू आया, नज़रें ना मिला पाया
सर झुका के एक पल में मैंने क्या नहीं पाया
मौला मेरे मौला...

मोरा पिया घर आया, मोरा पिया घर आया
मौला मेरे मौला...

Movie/Album: दिल्ली 6 (2009)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: जावेद अली, कैलाश खेर

Thursday, 10 December 2020

राधा कैसे न जले

मधुबन में जो कन्हैया किसी गोपी से मिले
कभी मुस्काये, कभी छेड़े, कभी बात करे
राधा कैसे न जले, राधा कैसे न जले
आग तनमन में लगे
राधा कैसे न जले, राधा कैसे न जले

मधुबन में भले कान्हा किसी गोपी से मिले
मन में तो राधा के ही प्रेम के हैं फूल खिले
किस लिये राधा जले, किस लिये राधा जले
बिना सोचे समझे
किस लिये राधा जले, किस लिये राधा जले

गोपियाँ तारे हैं, चाँद है राधा
फिर क्यों है उसको बिसवास (विश्वास) आधा
कान्हा जी का जो सदा इधर-उधर ध्यान रहे
राधा बेचारी फिर को अपने पे क्या मान रहे
गोपियाँ आनी-जानी हैं
राधा तो मन की रानी है
साँझ सखारे, जमुना किनारे
राधा राधा ही कान्हा पुकारे
बाहों के हार जो डाले कोई कान्हा के गले
राधा कैसे न जले...

मन में है राधे को कान्हा जो बसाये
तो कान्हा काहे को उसे न बताए
प्रेम की अपनी अलग, बोली अलग, भासा (भाषा) है
बात नैनों से हो, कान्हा की यही आसा (आशा) है
कान्हा के ये जो नैना हैं
जिनमें गोपियों के चैना हैं
मिली नजरिया, हुई बावरिया
गोरी गोरी सी कोई गुजरिया
कान्हा का प्यार किसी गोपी के मन में जो पले
किस लिये राधा जले, राधा जले, राधा जले
राधा कैसे न जले...

Movie/Album: लगान (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By:आशा भोंसले, उदित नारायण, वैशाली

Wednesday, 9 December 2020

इन लम्हों के दामन में

इन लम्हों के दामन में
पाकीज़ा से रिश्ते हैं
कोई कलमा मोहब्बत का
दोहराते फ़रिश्ते हैं
खामोश सी है ज़मीं
हैरान सा फ़लक है
इक नूर ही नूर सा
अब आसमां तलक है

नगमें ही नगमें हैं जागती-सोती फ़िज़ाओं में
हुस्न है सारी अदाओं में
इश्क है जैसे हवाओं में

कैसा ये इश्क है, कैसा ये ख्वाब है
कैसे जज़्बात का उमड़ा सैलाब है
दिन बदले, रातें बदली, बातें बदली
जीने के अंदाज़ ही बदले हैं
इन लम्हों के दामन...

समय ने ये क्या किया
बदल दी है काया
तुम्हें मैंने पा लिया
मुझे तुमने पाया
मिले देखो ऐसे हैं हम
कि दो सुर हों जैसे मद्धम
कोई ज़्यादा ना कोई कम
किसी राग में
के प्रेम आग में
जलते दोनों ही के
तन भी हैं मन भी
मन भी हैं तन भी

मेरे ख़्वाबों के इस गुलिस्ता में
तुमसे ही तो बहार छाई है
फूलों में रंग मेरे थे लेकिन
इनमें खुश्बू तुम्हीं से आई है

क्योँ है ये आरज़ू, क्योँ है ये जुस्तजू
क्योँ दिल बेचैन है, क्योँ दिल बेताब है
दिन बदले, रातें बदली, बातें बदलीं
जीने के अंदाज़ भी बदले हैं
इन लम्हों के दामन में...

Movie/Album: जोधा अकबर (2008)
Music By: ए आर रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सोनू निगम, मधुश्री

Tuesday, 8 December 2020

जश्न-ए-बहारा

कहने को जश्न-ए-बहारा है
दिल ये देख के हैराँ है
फूल से खुशबू ख़फ़ा-खफा है गुलशन में
छुपा है कोई रंज फिज़ा की चिलमन में
सारे सहमे नज़ारे हैं
सोये-सोये वक्त के धारे हैं
और दिल में खोई-खोई सी बातें हैं

कैसे कहें क्या है सितम
सोचते हैं अब ये हम
कोई कैसे कहे वो हैं या नहीं हमारे
करते तो हैं साथ सफर
फासले हैं फिर भी मगर
जैसे मिलते नहीं किसी दरिया के दो किनारे
पास हैं फिर भी पास नहीं
हमको ये गम रास नहीं
शीशे की इक दीवार है जैसे दरमियाँ
सारे सहमे नज़ारे हैं...

हमने जो था नगमा सुना
दिल ने था उसको चुना
ये दास्तान हमें वक्त ने कैसी सुनाई
हम जो अगर हैं गमगीं
वो भी उधर खुश तो नहीं
मुलाकातों में है जैसे घुल सी गई तन्हाई
मिलके भी हम मिलते नहीं
खिलके भी गुल खिलते नहीं
आँखों में हैं बहारें, दिल में खिज़ा
सारे सहमे नज़ारे हैं...

Movie/Album: जोधा अकबर (2008)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: जावेद अली

Monday, 7 December 2020

ख्वाजा मेरे ख्वाजा

ख्वाजा जी
या ग़रीब नवाज
या मोइनुद्दीन
या ख्वाजा जी

ख्वाजा मेरे ख्वाजा
दिल में समा जा
शाहो का शाह तू
अली का दुलारा
ख्वाजा मेरे ख्वाजा...
बेकसों की तक़दीर, तूने है संवारी
ख्वाजा मेरे ख्वाजा

तेरे दरबार में ख्वाजा
दूर तो है देखा
तेरे दरबार में ख्वाजा
सर झुकातें है औलिया
तू है उनलवली ख्वाजा
रुतबा है प्यारा
चाहने से तुझको ख्वाजा जी
मुस्तफ़ा को पाया
ख्वाजा मेरे ख्वाजा...

(है) मेरे पीर का सदका
तेरा दामन है थामा
ख्वाजा जी
टली हर बला हमारी
छाया है खुमार तेरा
जितना भी रश्क करे बेशक
तो कम है, ऐ मेरे ख्वाजा
तेरे क़दमों को मेरे रहनुमा नहीं
छोड़ना गंवारा
ख्वाजा मेरे ख्वाजा...

Movie/Album: जोधा अकबर (2008)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: काशिफ
Performed By: ए.आर.रहमान

Sunday, 6 December 2020

साँस

साँस में तेरी साँस मिली तो
मुझे साँस आई
रूह ने छू ली जिस्म की खुश्बू
तू जो पास आई

कब तक होश संभाले कोई
होश उड़े तो उड़ जाने दो
दिल कब सीधी राह चला है
राह मुड़े तो मुड़ जाने दो
तेरे ख़याल में डूबके अक्सर
अच्छी लगी तन्हाई
साँस में तेरी...

रात तेरी बाँहों में कटे तो
सुबह बड़ी हलकी लगती है
आँख में रहने लगे हो क्या तुम
क्यूँ छलकी-छलकी लगती है
मुझको फिर से छू के बोलो
मेरी कसम क्या खाई
साँस में तेरी...

Movie/Album: जब तक है जान (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: श्रेया घोषाल, मोहित चौहान

Saturday, 5 December 2020

हीर

हीर हीर ना आँखों अड़ियो
मैं ते साहेबा होई
घोड़ी ले के आवे लै जाए
हो मैनू लै जाए मिर्ज़ा कोई

ओहदे जे ही मैं, ते ओह मेरे वरगा
हंसदा-ए सजर-सवेरे वरगा
अन्खां बंद कर लै ते
ठन्डे हनेरे वरगा
ओहदे जे ही मैं, ते ओह मेरे मिर्ज़ा वरगा
हीर हीर ना...

नाल नाल टुर ना ते विथ रखणा
हद रख लेणा विच दिल रखणा
छाँवे-छाँवे पावे असी तेरी
पर छाँवे टुर ना
ओहदे जे ही मैं ते ओ मिर्ज़ा मेरे वरगा
हीर हीर ना...

Movie/Album: जब तक है जान (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: हर्षदीप कौर


Friday, 4 December 2020

जिया जिया रे जिया रे

चली रे, चली रे
जुनूं को लिए
कतरा, कतरा
लम्हों को पीये
पिंजरे से उड़ा
दिल का शिकरा
खुदी से मैंने इश्क किया रे
जिया, जिया रे जिया रे

छोटे-छोटे लम्हों को
तितली जैसे पकड़ो तो
हाथों में रंग रह जाता है
पंखों से जब छोडो तो
वक़्त चलता है
वक़्त का मगर रंग
उतरता है अक्किरा
उड़ते-उड़ते फिर एक लम्हा
मैंने पकड़ लिया रे
जिया जिया रे जिया रे...

हलके-हलके पर्दों में
मुस्कुराना अच्छा लगता है
रौशनी जो देता हो तो
दिल जलाना अच्छा लगता है
एक पल सही, उम्र भर इसे
साथ रखना अक्किरा
ज़िन्दगी से फिर एक वादा
मैंने कर लिया रे
जिया जिया रे जिया रे...

Movie/Album: जब तक है जान (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: नीति मोहन, सोफ़िया अशरफ

Thursday, 3 December 2020

कहना ही क्या

कहना ही क्या
ये नैन एक अन्जान से जो मिले
चलने लगे, मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमां नये ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे, हम उनसे कभी ना मिले
कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम लें
कैसे उन्हे मैं पुकारूँ

पहली ही नज़र में कुछ हम, कुछ तुम
हो जातें है यूँ गुम
नैनों से बरसे रिम-झिम, रिम-झिम
हमपे प्यार का सावन
शर्म थोड़ी-थोड़ी हमको, आये तो नज़रें झुक जाएँ
सितम थोड़ा-थोड़ा हमपे, शोख हवा भी कर जाये
ऐसी चली, आँचल उड़े, दिल में एक तूफ़ान उठे
हम तो लुट गये खड़े ही खड़े
कहना ही क्या...

इन होंठों ने माँगा सरगम, सरगम
तू और तेरा ही प्यार है
आँखें ढूंढे है जिसको हर दम, हर दम
तू और तेरा ही प्यार है
महफ़िल में भी तन्हां है दिल ऐसे, दिल ऐसे
तुझको खोना दे, डरता है ये ऐसे, ये ऐसे
आज मिली, ऐसी खुशी, झूम उठी दुनिया ये मेरी
तुमको पाया तो पाई ज़िन्दगी
कहना ही क्या...

Movie/Album: बॉम्बे (1995)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: के.एस.चित्रा

Wednesday, 2 December 2020

साथिया साथिया

साथिया, साथिया
मद्धम-मद्धम तेरी ये गीली हँसी
साथिया, साथिया
सुन के हमने सारी पी ली हँसी

हँसती रहे तू हँसती रहे, हया की लाली खिलती रहे
जुल्फों के नीचे गर्दन पे, सुबह-ओ-शाम मिलती रहे
सौंधी सी हँसी तेरी, खिलती रहे, मिलती रहे

पीली धूप पहन के तुम, देखो बाग़ में मत जाना
भंवरे तुमको सब छेड़ेंगे, फूलों में मत जाना
मद्धम-मद्धम हंस दे फिर से
सोणा-सोणा फिर से हंस दे
ताजा गिरे पत्ते की तरह, सब्ज लॉन पर लेटे हुए
सात रंग हैं बहारों के, एक अदा में लपेटे हुए
सावन भादों सारे तुझसे
मौसम-मौसम हंसते रहना
मद्धम-मद्धम हँसते रहना
साथिय, साथिया...

कभी नीले आसमां पे
चलो घुमने चलें हम
कोई अब्र मिल गया तो
जमीं पे बरस लें हम
तेरी बाली हिल गयी है
कभी शब चमक उठी है
कभी शाम खिल गयी है

तेरे बालों की पनाह में, इस सियाह रात गुजरे
तेरी काली काली आँखे, कोई उजली बात उतरे
तेरी इक हंसी के बदले
मेरी ये ज़मीन ले ले, मेरा आसमान ले ले
साथिय, साथिया...

बर्फ गिरी हो वादी में
ऊन में लिपटी-सिमटी हुयी
बर्फ गिरी हो वादी में, और हंसी तेरी गूंजी
ऊन में लिपटी सिमटी हुई,बात करे धुंआ निकले
गरम-गरम उजला धुंआ , नरम नरम उजला धुंआ

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: सोनू निगम, डोमिनिक सेरेजो, क्लिंटन सेरेजो

Tuesday, 1 December 2020

छलका छलका रे

छलका छलका रे कलसी का पानी
छलका छलका रे ओ आँख ना मानी
मईया बोले जाना नहीं, भैया को भी माना नहीं
बाबुल बोले बस इक दिन कल का छलका
गुड्डा बोले जाना नहीं, गुड्डी बोले जाना नहीं
सखी बोले बस इक दिन कल का छलका
छलका छलका रे...

भोले भोले पैरों से चली, चली रे
बाबू तेरे छोटी थी गली
बेटे मेरे पीछे रह गयी, रह गयी
पाखियों के नीचे रह गयी
गैया मेरी प्यासी रह गयी
तुलसी वाली वादी रह गयी, रह गयी
चूल्हा मैं जलाती रह गयी
छलका छलका रे...
बाबुला छोड़ा तेरा अंगनारा


अब की जो घर आयेगी, आयेगी
हीरे वाला छल्ला लाईया
गोदी में खिलाये सखियाँ
नन्हा मुन्ना लल्ला लाईयो
अब के जो सावन आएगा
दूसरी बिदाई डोलेगी, डोलेगी
पिया की जुदाई डोलेगी
छलका छलका रे...

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ऋचा शर्मा, महालक्ष्मी अय्यर, वैशाली सामंत, शोमा बनर्जी

Monday, 30 November 2020

ऐ उड़ी उड़ी

ऐ उड़ी उड़ी उड़ी, ऐ ख़्वाबों की पुड़ी
ऐ अंग-रंग खिली, ऐ सारी रात बोली

हल्की, ऐ हल्की कल रात जो शबनम गिरी
अँखियाँ वखियाँ भर गयीं कल तो हाथ में डब डब गिरी
पहली पहली बारिश की छींटें
पहली बारिश भीगी हो हो
उलझी हुयी थी, खुल भी गयी थी, लट वो रात भर भरसी कभी मनाये, खूब सताए वो, सब यार की मर्जी
ऐ उड़ी उड़ी...

छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
छोड़ दूं, रूठ के, तो भी तो जंग होती है
छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
खामखा चूम लूं, तो भी तो जंग होती है
ज़िंदगी आँखों की, आयत है ज़िंदगी
आँखों में रखी है, तेरी अमानत है
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...

लड़-लड़ के जीने को, ये लम्हें भी थोड़े हैं
मर-मर के सीने में, ये शीशे जोड़े हैं
तुम कह दो, सब नाते मंजिल दो सोचो तो
अम्बर पे पहले ही सितारे थोड़े हैं
ज़िंदगी आँखों की आयत है ज़िंदगी
पलकों में चखी है, मीठी शिकायत
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: अदनान सामी

Sunday, 29 November 2020

चुपके से रात की चादर

दोस्तों से झूठी-मूठी दूसरों का नाम ले के
फिर मेरी बातें करना
यारा रात से दिन करना
लम्बी जुदाई तेरी बड़ा मुश्किल है
आहों से दिल भरना
यारा रात से दिन करना
कब ये पूरी  होगी, दूर ये दूरी होगी
रोज सफ़र करना
यारा रात से दिन करना

चुपके से चुपके से
रात की चादर तले
चाँद की भी आहट ना हो
बादल के पीछे चले
जले कतरा कतरा, गले कतरा कतरा
रात भी ना हिले आधी आधी
चुपके से लग जा गले...

फरवरी की सर्दियों की धूप में
मुंदी मुंदी अँखियों से देखना
हाथ की आड़ से
निमी निमी ठण्ड और आग में
हौले हौले मारवा के राग में
मीर की बात हो
दिन भी ना डूबे, रात ना आये, शाम कभी ना ढले
शाम ढले तो, सुबह ना आये, रात ही रात चले
चुपके से रात की चादर..
दोस्तों से झूठी-मूठी...

तुझ बिना पगली ये पुरवई
आ के मेरी चुनरी में भर गयी
तू कभी ऐसे ही, गले लग जैसे ये पुरवई
आ गले लग जैसे ये पुरवाई, साथिया सुन तू
कल जो मुझको नींद ना आये, पास बुला लेना
गोद में अपनी सर रख लेना, लोरी सुना देना
चुपके से लग जा गले...

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मुर्तजा खान, कादिर खान, ए.आर.रहमान

Saturday, 28 November 2020

मेरा यार मिला दे

बंजर है सब बंजर है
हम ढूँढने जब फिरदोस चले
तेरी खोज तलाश में देख पिया
हम कितने काले कोस चले
बंजर है सब बंजर है
मेरा यार मिला दे साइयाँ
इक वार मिला दे साइयाँ

मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
मेरा यार मिला...
तारों की चमक ये सुबह तलक
लगती ही नहीं पल भर को तलक
साइयाँ...
मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
सिर्फ एक तेरी आहट के लिए
कंकर पत्थर बुत सारे सुने
हूण वेणे ते रुस्वाइयां
मेरा यार मिला दे...
बंजर है सब बंजर है...

आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
पैरों के निशाँ जब देखे जहाँ, सौ बार झुकाया सर को वहाँ
आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
मैं कितनी बार पुकारूं तुझे, तेरे नाम के सफ्हे लिखे हैं
तेरा साया कहीं तो बोलेगा, मैं चुनता रहा परछाईयाँ
मेरा यार मिला दे...

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान

Friday, 27 November 2020

नैना मिलाय के

नैना मिलाय के मोसे

झूठ कपट छल कीनी
मोसे नैना मिलाय के
पलकों में बंद कर लीनी

चिकनी माटी बिस आँगन
धड़ से फिसलवाय दीनी
सावन में बुलाय के
झूठ कपट छल कीनी...

सुध बुध खोई होस उड़ाय हाय
छु मंतर कर दीनी
हमका छु के छूवाय के 
झूठ कपट छल कीनी...

दिल की कचहरी मुकदमा चलाय है
हाँ मुजरिम हमें कर दीनी
बिना रपट लिखाय के
झूठ कपट छल कीनी...

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मधुर्श्री

Thursday, 26 November 2020

चोरी पे चोरी

चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, एक डकैती और सीना जोरी
चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, हाथ पकड़ के उंगली मरोड़ी
तौबा तौबा...

चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, कट्ठे की चुटकी चूने की बोरी
झूठी जहान की, आफत है जान की, एक डकैती और सीना जोरी
तौबा तौबा...

दोस्तों, बार बार तोड़ने की बात भी पुरानी हो गयी
रात रात भर का इन्तजार भी कहानी हो गयी
दिन का जलते रहना दोस्त अब तो जिंदगानी हो गयी
इक रात मिलने की, बाकी सुलगने की, सावन नहीं है कहीं
दो-तीन लहरे है, बाकी समंदर है, साहिल नहीं है कहीं
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है वहाँ
चोरी पे चोरी...

दोस्तों, इक ख़याल के बगल में कैसे सारी ज़िन्दगी गुजार दें
बने तो हम तेरे ख़याल को लिबास की तरह उतार दें
इश्क विश्क का खुमार भी उतार दीजिये ज़रा
जाने भी दो यार, कैसे निभेगी, कैसे गुज़र होगा
ये --- के फेरे, ये --- के चक्कर, प्यार भंवर होगा
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है जहाँ
चोरी पे चोरी...

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: आशा भोंसले, कार्तिक, ब्लाज़

Wednesday, 25 November 2020

आवारा भँवरे

आवारा भँवरे जो हौले हौले गाएँ
फूलों के तन पे हवा ये सरसराये
कोयल की कुहू कुहू
पपीहे की पिहू पिहू
जंगल में झींगुर भी छाये जाये
नदियाँ में लहरें आयें
बलखायें छलकी जायें
भीगी होंठों से वो गुनगुनाएं
गाता है साहिल, गाता है बहता पानी
गाता है ये दिल सुन
सा रे गा मा पा धा नि सा रे

रात जो आये तो, सन्नाटा छाये तो
टिक-टिक करे घड़ी सुनो
दूर कहीं गुज़रे, रेल किसी पुल से
गूँजे धड़ाधड़ी सुनो
संगीत है ये, संगीत है
मन का संगीत सुनो
बाहों में लेके बच्चा, माँ जो कोई लोरी गाये
ममता का गीत सुनो
आवारा भँवरे...

भीगे परिन्दे जो, ख़ुद को सुखाने को
पर फड़फड़ाते हैं सुनो
गाय भी, बैल भी, गले में पड़ी घंटी
कैसे बजाते हैं सुनो
संगीत है ये, संगीत है
जीवन संगीत सुनो
बरखा रानी बूँदों की
पायल जो झनकाये
धरती का गीत सुनो
हिलको रे, हिलको रे...
आवारा भँवरे...

Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हेमा सरदेसाई, मलेशिया वासुदेवन

Tuesday, 24 November 2020

चंदा रे, चंदा रे

चंदा रे चंदा रे
कभी तो ज़मीं पर आ
बैठेंगे, बातें करेंगे
तुझको आते इधर, लाज आये अगर
ओढ़ के आजा, तू बादल घने

गुलशन-गुलशन, वादी-वादी
बहती है रेशम जैसी हवा
जंगल-जंगल, पर्वत-पर्वत
हैं नींद में सब इक मेरे सिवा
चंदा, चंदा
आजा सपनों की नीली नदिया में नहायें
आजा ये तारे चुनके हम, घार बनाएँ
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं
चंदा रे चंदा रे...

चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
झरने क्यों गाते हैं, पंछी क्यों मतवाले
क्यों है सावन महीना घटाओं का
चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
चंदा, चंदा
तितली के पर क्यों इतने रंगीं होते हैं
जुगनू रातों में जागे, तो कब सोते हैं
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं
चंदा रे, चंदा रे... 

Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हरिहरन, साधना सरगम

Monday, 23 November 2020

देखो आई होली

होली है!
होली आई, रंग फूट पड़े
ये छलक छलक, वो ढलक ढलक
फिर बाजे घुँघरू ढोल बड़े
ये छलक छलक, वो धमक धमक
सब निकले हैं पी पी के घड़े
ये लपक लपक, वो धुमक धुमक
छम छम नाचे परियों की धुनें
ये थिरक थिरक, वो मटक मटक
ये छलक छलक, वो ढलक ढलकये छलक छलक, वो धमक धमक
ये लपक लपक, वो धुमक धुमक
ये थिरक थिरक, वो मटक मटक

देखो आई होली, रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा, मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल
रंग रेली में रंग खेलूंगी, रंग जाऊँगी
रंग गहरे हैं, अबके साल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
देखो आई होली...

भीगी चोली चुनरी भी गीली हुई
सजनाजी देखो मैं रंगीली हुई
थोड़ी थोड़ी तू जो नशीली हुई
पतली कमर लचकीली हुई
मन क्यों ना बहके, तन क्यों न दहके
तुम रह रह के, मत फेंको ये नज़रों का जाल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
 
देखो आई होली...
आज हुआ एक सा कमाल
रंग ऐसे उड़े देखने में लगे, कोई रंगे हवाओं के बाल
चांदी की थाल से लेके गुलाल
अब राधा से खेलेंगे होली मुरारी
राधा भी नटखट है, पलटी वो झटपट है
मारे कन्हैया को है पिचकारी
देखने वाले तो दंग हुए हैं
के होली में दोनों जो संग हुए हैं
तो राधा काँन्हा एक रंग हुए हैं
कौन है राधा, कौन है काँन्हा
कौन ये समझा, कौन ये जाना

होली में जो सजनी से नयन लड़े
थामी हैं कलाई के बात बढ़े
तीर से जैसे मेरे मन में गड़े
तेरी ये नजरिया जो मुझपे पड़े
जो ये रास रचे, जो ये धूम मचे, कोई कैसे बचे
हमसे पूछो ना तुम ये सवाल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
देखो आई होली...

Movie/Album: मंगल पांडे (1973)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: आमिर खान, चिन्मयी, उदित नारायण, मधुश्री, श्रीनिवास


Sunday, 22 November 2020

क्या करें क्या ना करें

क्या करें क्या ना करें ये कैसी मुश्किल हाय
कोई तो बता दे इसका हल ओ मेरे भाई
कि एक तरफ़ तो उससे प्यार करें हम
और उसको ही ये कहने से डरें हम
क्या करें क्या ना करें...

रोज़-रोज़ हम सोचता यही
आज हमको वो अगर मिल जाये कहीँ
तो ऐसा बोलेगा साला वैसा बोलेगा
खुल्लम-खुल्ला उसपे दिल का राज़ हम खोलेगा
वो सामने चमकती है
साँस ही अटकती है
और ये ज़बान जाती है फिसल
क्या करें क्या ना करें...

कोई बड़ी बात नहीँ हमें कहना था जो भी
वो तो हम यूं भी कहते मगर
फिर भी कहा नहीं वजह उसकी है यही
बस इन्कार से हमको था डर
अब कहें या तब कहें, कहाँ कहें, कब कहें
सोच-सोच में ही वो गई निकल
क्या करें क्या ना करें...

Movie/Album: रंगीला (1996)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: उदित नारायण

Saturday, 21 November 2020

तनहा तनहा यहाँ पे जीना

तनहा तनहा यहाँ पे जीना ये कोई बात है
कोई साथी नहीँ तेरा यहाँ तो ये कोई बात है
किसी को प्यार दे-दे किसी का प्यार ले-ले
इस सारे ज़माने में यही प्यारी बात है
तनहा तनहा यहाँ पे...

किसी का तो सपना हो आँखों में तेरी
कोई दिलबर तो हो बाँहोँ में तेरी
कोई तो बने हमसफ़र राहोँ में तेरी
ये ज़िन्दगी तो वैसे एक सज़ा है
साथ किसी का हो तो और ही मज़ा है
तनहा तनहा यहाँ पे...

ज़मीं आसमां से तो कुछ कह रही है
लहरें भी साहिल से कुछ कह रही है
चाँदनी भी चाँद से कुछ कह रही है
किसी ना किसी से कोई कुछ तो कह रहा है
तू दिल की बात कह दे, कहने में क्या है
तनहा तनहा यहाँ पे...

Movie/Album: रंगीला (1996)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: आशा भोंसले

Friday, 20 November 2020

माही वे

धूप पानी पे बरस जाये
ये साये बनाये, मिटाये
मैं कहूँ और तू आ जाये, बहलाए
हर दूरी शरमाये
तू साथ है, हो दिन रात है
परछाईयाँ बतलाये
तू साथ है, दिन रात है
साया साया
माही वे! माही वे!
मेरी हर बात में साथ तू है
माही वे! माही वे!
मेरे सारे हालात तू
माही वे...

हाय सताये, मनाये, सताये
तू रुलाये, हँसाए भी तू ही
हमसाये, हर दूरी शरमाये
तू साथ है, हो दिन रात है
परछाईयाँ बतलाये
माही वे! माही वे!
मेरी सब राज़, कल-आज तू है
माही वे! माही वे!
मेरी हर उड़ान एक तू
माही वे...

ये जीना भी, ना जीना भी
है दोनों का तुमसे ही वास्ता
मैं ही तो हूँ तेरा पता
है दूसरा ना कोई रास्ता
आये मुझ तक वो तुमको जो हो ढूंढता
मेरी खामोशियों में है तू बोलता
ये जीना भी, नेया जीना भी
जो भी हुआ है, वो तुमसे हुआ
माही वे...

Movie/Album: हाईवे (2014)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: ए.आर.रहमान

 

Thursday, 19 November 2020

पटाखा गुड्डी

हाँ मिट्ठे पान दी गल्लोरी
लट्ठा सूट दा लाहोरी
फट्टे मार दी फिल्लौरी
जुगनी मेल मेल के
कूद फांद के
चक्क चकौटे जावे

मौला तेरा माली
ओ हरियाली जंगल वाली
तू दे हर गाली पे ताली
उसकी कदम-कदम रखवाली
ऐंवे लोक लाज की सोच-सोच के
क्यूं है आफत डाली
तू ले नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली
नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली
शर्फ़ खुदा का, ज़र्फ़ खुदा का
अली अली अली अली
अली हो, अली हो
चली ओ रे चली चली, चली ओ
अली अली तेरी गली
वो तो चली, अली अली
तेरी गली चली ओ

ओ जुगनी ओ, पटाखा गुड्डी ओ
नशे में उड्डी जाये रे हाये रे
सज्जे खब्बे धब्बे किल्ली ओ
मौला तेरा माली...

मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां
तू तो पाक रब का बांका बच्चा, राज-दुलारा तू ही
पाक रब का बांका बच्चा, उसका प्यारा तू ही
मालिक ने जो चिंता दी तो, दूर करेगा वो ही
नाम अली का लेके तू...

(कांच कंवारी, शर्म उतारी
चार पे भारी लगे
जाए भाड़ में दुनियादारी
वो तो चली चली चली
अली हो...)

जुगनी रुख पीपल दा होई
जिसनु पूजे ता हर कोई
जिसदी फसल किसे ना बोई
घर वि रख सके ना कोई
रास्ता नाप रही मरजानी
पट्ठी बारिश दा है पानी
जब नज़दीक जहान दे आणि
जुगनी मैली सी हो जानी
तू ले नाम रब दा अली अली
झाल्ल खालेरण छल्ली
नाम रब दा अली अली
हर दरवाज़ा अली
साईं रे..
मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां...

Movie/Album: हाईवे (2014)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: सुल्ताना नूरान, ज्योति नूरान, ए.आर.रहमान

Wednesday, 18 November 2020

कहाँ हूँ मैं

कहाँ हूँ मैं
कहाँ हूँ मैं अब
आहें, डर, खुशी, रास्ते
कच्ची बातें, सच्चे वास्ते
कहीं पे इन सब में
कहाँ हूँ मैं
मैंने भी तो आना था इसी तरफ
मेरी भी तो राहें हैं यहीं कहीं
उलझनों के दो राहें
रास्तों की ये बाहें
आते-जाते पूछती, मैं कहाँ
कहाँ हूँ मैं...
ऊनी ऊनी बादल में गयी सिमट
जैसे मैं हूँ जाड़ों की हवा कोई
सोचूं ना क्या पीछे है
देखूँ ना जो आगे है
मन ये मेरा पूछता, मैं कहाँ
कहाँ हूँ मैं...
यादें अब ज़मीन, ख्वाहिशें
पक्की चाहत, कच्ची कोशिशें
कहीं पे इन सब में
कहाँ हूँ मैं

Movie/Album: हाईवे (2014)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: जोनिता गाँधी

Tuesday, 17 November 2020

सूहा साहा

मैना ने सूहा साहा ले जाना खोय के
मीठी मीठी खेती में खेलन हो
तोता बोले पेड़ों पे, पेड़ से, पूड़ी से
सूहा साहा नींदन में ओखा ना हो
संगी साथी, हंसू ने तारे हो ना हो
सूहा साहा, अम्मा का...
सूहा साहा, अम्मा का...

रैना, कारी कारी कोयलां सी रैना
नींदी तोला, तोला सी नैना
तारों का बिछौना, चैन से सोना
गोटा-गोटा गुदड़ी में घूमेगा घामेगा
सूहा साहा मैना..

टूटा तारा सा, छोटा सा
तारा सा, टूटा रे
पूछे वो देखूँ तेरे ही बारे
क्यूं ना सोये, क्यूं तू रोये
क्यूं तूखोये यूं परदेस में हो
क्यूं तू रूठा, किससे रूठा
क्या है छूटा तेरा देस में हो
जो भी है रूखा-सूखा
मन में वो बोलो तो
खोलो राहें बातों की, बाहें हो

तोता बोले पेड़ों पे, पेड़ से, पूड़ी से
सूहा साहा नींदन में...

Movie/Album: हाईवे (2014)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: ज़ेबुनिषा बंगश (ज़ेब), आलिया भट्ट