Friday, 30 April 2021

ऐतबार

गुलज़ार ज़ार हुआ ऐतबार
टुकड़े हज़ार हुआ ऐतबार
हुआ शर्मसार खुद से ही हार कर के
क्यूँ तार-तार हुआ ऐतबार
झूठा ख़ुमार हुआ ऐतबार
सीने में यार चुभता गुबार बन के
दिल ऐतबार कर के
रो रहा है ऐतबार ऐतबार
ऐतबार ऐतबार कर के
रो रहा है ऐतबार कर के
दिल ऐतबार कर के
हो रहा है ऐतबार ऐतबार
ऐतबार ऐतबार कर के
रो रहा है ऐतबार कर के

डर का शिकार हुआ ऐतबार
दिल में दरार हुआ ऐतबार
करे चीत्कार बाहें पसार कर के
नश्तर की धार हुआ ऐतबार
पसली के पार हुआ ऐतबार
चूसे हैं खून बड़ा खूनखार बन के

झुलसी हुई इस रूह के
चीथड़े पड़े बिखरे हुए
उधड़ी हुई उम्मीद है ओ
रौंदे जिन्हें क़दमों तले
बड़ी बेरहम रफ़्तार ये
बेजान-सी इस भीड़ की ओ
जल-भुन के राख हुआ ऐतबार
गन्दा मज़ाक हुआ ऐतबार
चिढ़ता है, कुढ़ता है, सड़ता है रातों में
झल्ली-सा चाख हुआ ऐतबार
रस्ते की ख़ाक हुआ ऐतबार
गलत है, पिघलता है, खलता है रातों में
दिल ऐतबार कर के...

Movie/Album: नो वन किल्ड जेसिका (2011)
Music By: अमित त्रिवेदी
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: विशाल ददलानी, रोबर्ट बोबोमुलो

Thursday, 29 April 2021

देने वाला जब भी देता

पैसा पैसा, मनी मनी
भाई अपना भी टाइम है भाई
नोट छपरेले हैं

खुशियों की बारात है
पैसों की बरसात है
सच्चे हो गए सारे सपने
खुले नसीबा यार के
देनेवाला जब भी देता
देता छप्पर फाड़ के
किती किती कितना, किती किती कितना
दिक् ताना, दिक् ताना, तिकना तिकना

सब कहते हैं हलो हलो
साथ हमारे चलो चलो
सबको मुझसे काम है
दुनिया भर में नाम है
बंगला भी है, गाड़ी भी है
महकी-महकी बाड़ी भी है
देने वाला जब भी देता...

मीठा है जल जोग का
खाना छप्पन भोग का
साक़ी मीना जाम है
पिस्ता है, बादाम है
सेज सजी है फूलों वाली
आने वाली है नखराली
देने वाला जब भी देता...

पेरिस वाला सूट है
ये लन्दन का बूट है
हाँ अपना भी इस्टाइल है
अरे हाथों में मोबाइल है
मुझको पकड़े, अरे मुझको चूमे
आगे पीछे परियाँ घूमें
देने वाला जब भी देता...

Movie/Album: हेरा फेरी (2000)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: समीर
Performed By: अभिजीत, अनु मलिक, हरिहरन, विनोद राठोड़

Wednesday, 28 April 2021

जिस देश में गंगा रहता है

भाभी कंगन खनकाती है
और माँ लोरियाँ गाती है
मद्धम-मद्धम सी पवन चले
कोयलिया गीत सुनाती है
बच्चा वहाँ आज भी चाँद को
चंदामामा कहता है
जिस देश में गंगा रहता है
जिस देश में गंगा रहता है
भाभी कंगन खनकाती...

गाँव का पनघट, पनघट का पानी
भरे गगरिया कोई दीवानी
ठंडी-ठंडी पुरवाई में मीठी-मीठी खुशबू
मत पूछो उस खुशबू में होता है कैसा जादू
जादू ऐसा होता है के हर कोई झूमता रहता है
जिस देश में गंगा रहता है
भाभी कंगन खनकाती...

दिल में बसा कर गाँव की ममता
शहर में आया मैं जोगी रमता
सुख-दुःख सारे मान कर और उनको अपना कर
तरह-तरह के नातों से घर बन जाता है सुन्दर
पल-पल सच्चे रिश्तों का वहाँ प्यार बरसता रहता है
जिस देश में गंगा रहता है
भाभी कंगन खनकाती...

Movie/Album: जिस देश में गंगा रहता है (2000)
Music By: आनंद राज आनंद
Lyrics By: देव कोहली
Performed By: अभिजीत

Tuesday, 27 April 2021

मेला दिलों का

मेला दिलों का - थीम
मेला दिलों का आता है
इक बार आ के चला जाता है
आते हैं मुसाफ़िर, जाते हैं मुसाफ़िर
जाना ही है उनको, क्यों आते है मुसाफ़िर
मेला दिलों का...

हँस ले गा ले, ये दिन ना मिलेंगे कल
थोड़ी खुशियाँ, हैं थोड़े से ये पल
एक बार चली गयी जो ये बहारें
लौट के ना आएँगी, गुज़री बहारें
मेला बहारों का आता है
इक बार आ के चला जाता है
आती हैं बहारें, जाती हैं बहारें
जाना ही है इनको, क्यों आती हैं बहारें
मेला दिलों का...

साजन मेरे, एक तुझ पे भरोसा है
इस भीड़ में, बस तू ही तो मेरा है
मौसम बदले, बदले ज़माना
वादा किया जो वादा निभाना
मेला वफाओं का आता है
इक बार आ के चला जाता है
हाथों की लकीरें, गायें ये तराना
मर के भी ये रिश्ता, हमको है निभाना
मेला दिलों का...

मेला दिलों का - सेलिब्रेशन
इस दुनिया में देश कई
देश कई में देश है एक
और उस देश का नाम है
भारत भारत भारत भारत भारत
हमारा भारत, तुम्हारा भारत
प्यारा भारत, प्यारा भारत

भारत देश में गाँव कई
गाँव कई में गाँव है एक
अपने गाँव के लोग हैं नेक
लोगों के सीने में रहता है दिल
और दिल कहता है कहता है
कहता है कहता है कहता है
कहता है दिल
क्या कहता है दिल राम जी

मेला दिलों का आता है
एक बार आ के चला जाता है
आते हैं मुसाफ़िर, जाते हैं मुसाफ़िर
जाना ही है सबको, क्यों आते हैं मुसाफ़िर
मेला दिलों का...

हँस ले गा ले, ये दिन ना मिलेंगे कल
थोड़ी खुशियाँ, हैं थोड़े से ये पल
एक बार चली गयी जो ये बहारें
लौट के ना आएँगी गुज़री बहारें
मेला बहारों का आता है
एक बार आ के चला जाता है
आती हैं बहारें, जाती हैं बहारें
जाना ही है उनको, क्यों आती हैं बहारें
मेला दिलों का...

सात अजूबे इस दुनिया में
आठवाँ है रूप तेरा रूपा
ओ रूपा ओ मेरी रूपा
मुझसे दूर तू न जाना मेरी रूपा
रूपा रूपा रूपा रूपा

आई रे जवानी, जैसे रुत तूफानी
पगली ये दीवानी, उफ़ मैं क्या करूँ
मैं भई सयानी, सबको परेशानी
उम्र ये सुहानी, तो मैं क्या करूँ
देख री दीवानी, ना कर तू नादानी
बार-बार नहीं आनी, ये पल भर की जवानी
मेला जवानी का आता है
एक बार आ के चला जाता है
आती है जवानी, जाती है जवानी
जाना ही है इसको, क्यों आती है जवानी
मेला दिलों का...

बलिये बलिये
कुछ दिल की सुन बलिये
बस लौट ना फिर बलिये
दुनिया के इस मेले में
धन दौलत का है खेल
धन पास नहीं हो जिसके
वो क्या देखेगा मेला
वो क्या देखेगा मेला

दुःख दूर करूँ मैं उसका
इस गाँव में हो जो दुखिया
हर दुःख की दवा रखता हूँ
कहते हैं मुझको मुखिया
कहते हैं मुझको मुखिया

मैं उड़ती हुई तितली हूँ
हाथों में नहीं आऊँगी
मुझे कैसे पकड़ पाओगे
हर पल मैं उड़ जाऊँगी
तू चलेगी आगे-आगे
हम चलेंगे पीछे-पीछे
दिल रख देंगे हम अपना
तेरे क़दमों के नीचे
मेला मोहब्बत का आता है
एक बार आ के चला जाता है
आते भी हैं आशिक, जाते भी हैं आशिक
जाना ही है इनको, क्यों आते हैं ये आशिक
मेला दिलों को...

बुलबुल बुलबुल
मेरी सखी सहेली बुलबुल
इस गाँव की मैं बुलबुल हूँ
मैं उड़ने की हूँ आदी
मैं सब कुछ कर सकती हूँ
पर करुँगी ना मैं शादी
खेला है यहाँ मेरा बचपन, ना छोडूँगी ये आँगन
सुन भाई मेरे, सुन गाँव मेरे, ना बांधों कोई बंधन
यही रस्म है इस दुनिया की, बेटी तो धन है पराया
दूजे का धन घर अपने, कोई भी ना रख पाया
मेला बिदाई का आता है
एक बार आ के चला जाता है
बन के बहना गुड़िया, मेरे घर में आई
दुल्हन बन के जाना था, क्यों गुड़िया बन के आई
मेला दिलों का...

मेला दिलों का - ग्रैंड फिनाले
मेला दिलों का आता है
इक बार आ के चला जाता है
हम नहीं डरेंगे, दुश्मन से लड़ेंगे
कर्म जो है अपना, हम कर के ही रहेंगे
मेला दिलों का...

सात अजूबे इस दुनिया में
आठवाँ है रूप तेरा रूपा
ओ रूपा ओ मेरी रूपा
मुझसे दूर तू न जाना मेरी रूपा
रूपा रूपा रूपा रूपा

हँस ले गा ले, ये दिन ना मिलेंगे कल
थोड़ी खुशियाँ, हैं थोड़े से ये पल
एक बार चली गयी जो ये बहारें
लौट के ना आएँगी गुज़री बहारें
मेला बहारों का आता है
एक बार आ के चला जाता है
लौटेंगी बहारें, बहारों से कहेंगे
कर्म जो है अपना, हम कर के ही रहेंगे
मेला दिलों का...

कन्हैया, कन्हैया
काहे चुप है तू कन्हैया
कुछ बोल ना तू कृष्णा
लब खोल ना तू कृष्णा

लब कुछ ना कहें तो अच्छा है
ये चुप ही रहें तो अच्छा है
मतलब की भरी इस दुनिया में
ना जाने कौन सच्चा है
हमने भी देखे सपने थे
हमने भी चाहे अपने थे
पर वक़्त ने हमें सिखला ही दिया
हर धागा यहाँ पर कच्चा है

कच्चे धागों से मीत बना
और मीत से अपनी जीत मना
और जीत से ऐसी प्रीत बना
तू प्रीत को जीवन गीत बना...

Movie/Album: मेला (2000)
Music By: अनु मलिक, राजेश रोशन
Lyrics By: धर्मेश दर्शन, समीर
Performed By: अल्का याग्निक, जसपिंदर नरूला, रूप कुमार राठोड़, शंकर महादेवन, सोनू निगम, उदित नारायण, साधना सरगम, अभिजीत

Monday, 26 April 2021

आज मैं खुश हूँ

आज मैं खुश हूँ
लो तुम ही बोलो मैं हूँ खुश क्यों
जल्दी-जल्दी बोलो चलो
साथ चल रहे हैं
तो इसलिए तुम खुश हो
बात यही है ना कहो
ये क्या बात बोली
चलो मारो ताली
ये सच ही कहा
अई अईयो अई अईयो

कानों की ये बाली
लो चूमे मेरे गालों को
ऐसे क्यों चूमे कहो
जैसे तुम नाचो
वैसे वो भी झूमे नाचे
झूम झूम झूमे सुनो
ये क्या बात बोली...

मुझको ये दुनिया
लो दिखती है सारी उलटी
ऐसी मुझे दिखती है क्यों
तू है सीधी-सादी
तो इसलिए तुझको सुन
दुनिया सारी दिखती हैं यूँ
ये क्या बात बोली...

Movie/Album: ग्रहण (2001)
Music By: कार्तिक राजा
Lyrics By: महबूब
Performed By: आशा भोंसले, अभिजीत

Sunday, 25 April 2021

कहते हैं जिसको मोहब्बत

कहते हैं जिसको मोहब्बत, वो हो तुम
रब ने बनाया जिसे दिल से, वो हो तुम
हुस्न ये गज़ब का, अदायें हैं क़ातिल
जैसे क़यामत के लुट ही गया दिल
तेरे नाम से होती हैं सुबहें ओ हो हो
तेरे नाम से होती हैं शामें ओ हो हो
दिन भर तेरा ख्याल, तेरे ख़्वाब रातों में
तेरा पागलपन है मुझपर जानेमन
कहते हैं जिसको मोहब्बत...

हम काँटों पर सोयेंगे तेरी चाहत में
अंगारों पर भी चलेंगे तेरी चाहत में
तो क़दमों के नीचे मैं तेरे, अपनी हथेली रख दूँगा
इक काँटा भी चुभने न दूँ तुझको
कहते हैं जिसको मोहब्बत...

हमको है यकीं पर फिर भी इतना है कहना
किसी और की सोच भी दिल में ना आने देना
जो मिलती नहीं हमको तुमसे, ऐसी मोहब्बत ओ हमदम
सोचेंगे क्यों ग़ैरों का हम बोलो
कहते हैं जिसको मोहब्बत...

Movie/Album: ग्रहण (2001)
Music By: कार्तिक राजा
Lyrics By: महबूब
Performed By: अभिजीत, कविता कृष्णामूर्ति

Saturday, 24 April 2021

तेरी बिंदिया उड़ा के ले गई मेरी निंदिया

तेरी बिंदिया उड़ा के ले गई मेरी निंदिया
मैं जाग रहा हूँ, सो गया सारा इंडिया
मेरी बिंदिया उड़ा के ले गई तेरी निंदिया
तू जाग रहा है, सो गया सारा इंडिया
तेरी बिंदिया उड़ा...

मेरी जान किसी की जान को जाते देखा है
मैं जान लुटा दूँगा तुझपे ये सोचा है
तू एक लुटेरा है, दिल तूने लूटा है
मैं क्या जानूँ तू सच्चा है कि झूठा है
तूने कर लिया काबू, जादू मुझपे किया किया
मैं जाग रहा हूँ...

मैंने जब से दिया है जानेमन ये दिल तुझको
मुझे तेरी कसम है चैन नहीं इक पल मुझको
हालत मेरी भी कुछ-कुछ तेरे जैसी है
बेचैन बड़ा करती है मोहब्बत कैसी है
अब क्या डरना, जब प्यार किया तो किया किया
मैं जाग रहा हूँ...

Movie/Album: जोड़ी नं.1 (2001)
Music By: आनंद राज आनंद
Lyrics By: देव कोहली
Performed By: सुनिधि चौहान, अभिजीत

Friday, 23 April 2021

कौन कहता है

कौन कहता है मुँह काला है झूठ का
कौन कहता है मुँह काला है झूठ का
ए सच है ये सच, बोलबाला है झूठ का
कौन कहता है...

चाहे देखो दायें, चाहे देखो बाएँ
लोग यहाँ झूठ का डंका बजाएँ
सच के होंठों पे ताला है झूठ का
अरे कौन कहता है...

झूठ बोलने से बात बन जाती है
काम चल जाता है, दाल गल जाती है
तीखा बड़ा मिर्च-मसाला है झूठ का
कौन कहता है...

झूठ बोले जम कर सिक्का जमा ले
झूठी तारीफ़ कर, सबको पटा ले
ए सारा ज़माना मतवाला है झूठ का
कौन कहता है...

झूठ का ये धंधा है, खूब ये है चलता
माल-पानी आज कल, झूठे को है मिलता
हे रंग और ढंग ही निराला है झूठ का
कौन कहता है...

माना इस झूठ की बात है निराली
एक बात और है जो है सुनने वाली
चढ़ता है सूरज ढलता है
ये झूठ ना ज़्यादा चलता है
पल के सुख के खातिर तू
क्यों अपना रंग बदलता है

पल दो पल का उजाला है झूठ का
अरे काला है जी काला मुँह काला है झूठ का

Movie/Album: क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता (2001)
Music By: आनंद राज आनंद
Lyrics By: देव कोहली
Performed By: अभिजीत

Thursday, 22 April 2021

मोहब्बत हो ना जाये

तू क्या मिल गई, ये समां रंगीन हो गया
सेहरा में जैसे खिल गया हो गुल नया
ऐ मेरी जान-ए-जाँ है तुझे क्या पता
तेरे हुस्न का मुझ पे नशा छा गया
मोहब्बत मोहब्बत मोहब्बत हो ना जाये
क़यामत क़यामत क़यामत आ ना जाये

आज कल क्या बताऊँ मदहोश हो गई हूँ
महसूस हो रहा है, मैं कहीं खो गई हूँ
खोया मेरा भी दिल है, बेचैन ये धड़कन है
क्या यही है मोहब्बत, कैसा दीवानापन है
ऐ मेरी जान-ए-जाँ, है तुझे क्या पता
हाल मेरे भी दिल का है कुछ आप-सा
मोहब्बत मोहब्बत...

तूने जो छू लिया तो, खिल गई दिल की कलियाँ
तेरी आँखों में मुझको, मिल गई मेरी दुनिया
यूँ तो लाखों हसीं है, तुझसा कोई नहीं है
जिसकी ख्वाहिश थी मुझको, जान-ए-जाँ तू वही है
ऐ मेरे जान-ए-जाँ सुन तेरा शुक्रिया
मिल गया तेरे दिल में मुझे आशियाँ
ऐ मेरी जान-ए-जाँ, आ गले से लगा
ताकि मिल जाये मुझको ज़मीं आसमां
मोहब्बत मोहब्बत...

Movie/Album: स्टाइल (2001)
Music By: संजीव दर्शन
Lyrics By: अब्बास कटका
Performed By: हेमा सरदेसाई, अभिजीत

Wednesday, 21 April 2021

ये है स्टाइल

ये है स्टाइल, ये है स्टाइल
लाइफ है क्या, एक स्टाइल
स्टाइल है स्टाइल, सब कुछ स्टाइल
लाइफ है क्या एक स्टाइल
चाल में मेरी गज़ब का स्टाइल है
बालों का भी क्या अजब-सा स्टाइल है
लब पे जो स्माइल है, ये मेरा स्टाइल है
ये है स्टाइल...

स्पीड में बाइक है, क्या स्टाइल है
काला ये चश्मा, हाथ में मोबाइल है
आँख मार के फिर सीटी बजाना
स्टाइल से तू जानी लड़की पटाना
यही तो ओ ब्रदर स्टाइल के खेल हैं
स्टाइल से तू खा ले यारा बॉम्बे भेल है
ये है स्टाइल...

मोटी को पसंद देखो मिनी फ्रॉक है
पतली का ये पैरेलल हाय क्या जोक है
माथे की लटों को ये अदा से हटाना
चुम्मा देने की स्टाइल में लिपस्टिक लगाना
सीने से ये लिपटी रहे क्या फाइल है
बतख के जैसे चलने का ये क्या स्टाइल है
ये है स्टाइल...

कूल-कूल कूल बेबी लेट इट बी कूल
दिस इज़ माय स्टाइल, बडी आई वाना रूल

मरती हैं लड़कियाँ मेरे पे प्यार से
लेना ना दुश्मनी तू मेरे यार से
ये मेरी मसल देख साइड पोज़ से
दस किलो का मुक्का है ये देख क्लोज़ से
ये है स्टाइल...

Movie/Album: स्टाइल (2001)
Music By: संजीव-दर्शन
Lyrics By: तेजपाल कौर
Performed By: के.के, अभिजीत

Tuesday, 20 April 2021

हँसाते हो रुलाते हो

हँसाते हो रुलाते हो, हमेशा तुम सताते हो
जो रूठे तो मनाते हो, मना कर दिल दुखाते हो
दीवाने हो, हमें भी तुम, दीवाना क्यों बनाते हो
हँसाते हो रुलाते हो...

देखो जी कर के बहाना, राहों में मेरी ना आना
कहता हैं तुमसे दीवाना, हँस के ना मुझको बुलाना
छोड़ो ना छोड़ो ना, बाहें ये छोड़ो ना
बोलो ना बोलो ना, दिलबर से बोलो ना
थोड़ा-सा हँस के दिखाओ
हँसाते हो रुलाते हो...

कैसी ये लड़की दीवानी, मांगे है दिल की निशानी
इतनी है मेरी कहानी, बातें तुम्हारी ही मानी
आओ ना आओ ना, बाहों में आओ ना
चाहो ना चाहो ना, तुम दिल से चाहो ना
चाहत है क्या ये दिखाओ
हँसाते हो रुलाते हो...

Movie/Album: ये तेरा घर ये मेरा घर (2001)
Music By: आनंद-मिलिंद
Lyrics By: इब्राहीम अश्क
Performed By: अल्का याग्निक, अभिजीत

Monday, 19 April 2021

मैं अगर सामने आ भी जाया करूँ

मैं अगर सामने आ भी जाया करूँ
लाज़मी है कि तुम मुझसे पर्दा करो
अपनी शादी के दिन अब नहीं दूर है
मैं भी तड़पा करूँ, तुम भी तड़पा करो

बड़ी मुश्किल है, ये मेरा दिल है
तुम ही कहो कैसे मैं चुप रहूँ
तुम अगर सामने आ भी जाया करो
लाज़मी है कि मैं तुमसे पर्दा करूँ
अपनी शादी के दिन...

सताने के, मनाने के, ये दिन हैं आज़माने के
ज़रा समझा करो दिलबर, तुम्हें मेरी कसम
यही मेरी है मजबूरी, सही जाये ना अब दूरी
मेरा क्या हाल है कैसे, बताऊँ मैं सनम
ज़मीं होगी, गगन होगा
तेरा-मेरा मिलन होगा
मैं अगर तुमसे नज़रें मिलाया करूँ
लाज़मी है कि तुम मुझसे पर्दा करो

मैं दुनिया से चला जाऊँ, कभी ना लौट के आऊँ
करोगी क्या अकेले तुम, बताओ दिलरुबा
मैं रब से छीन लाऊँगी, तुझे अपना बनाऊँगी
चलेगी साँस जब तक ये, ना होंगे हम जुदा
ना अपनी ये कसम टूटे
जो रब रूठे, तो रब रूठे
मैं अगर तुमको मिलने बुलाया करूँ
लाज़मी है कि तुम मुझसे पर्दा करो
अपनी शादी के दिन...

Movie/Album: राज़ (2002)
Music By: नदीम-श्रवण
Lyrics By: समीर
Performed By: अल्का याग्निक, अभिजीत

Sunday, 18 April 2021

प्यार से प्यार हम

प्यार से प्यार हम, अब तो करने लगे
आपके प्यार में, जीने मरने लगे
इस कदर आपसे हमको मोहब्बत हुई
आपकी धड़कनों में उतरने लगे
प्यार से प्यार हम...

अब नहीं हो रहा दिल पे काबू सनम
आपकी चाहतों में है जादू सनम
अब होश ना कुछ भी रहा, ख़्वाबों में खो गए
ज़ुल्फों तले हम चैन से, बाहों में सो गए
आपको देख के आहें भरने लगे
इस कदर आपसे...

एक दूजे को ऐसे तड़पा गए
देखते-देखते ही करीब आ गए
छेड़े ज़रा महबूब को आवारगी कहे
चाहे सदा बस आपको दीवानगी कहे
आज तो हद से आगे गुज़रने लगे
इस कदर आपसे...

Movie/Album: राज़ (2002)
Music By: नदीम-श्रवण
Lyrics By: समीर
Performed By: अभिजीत

Saturday, 17 April 2021

आप मुझे अच्छे लगने लगे

मोहब्बत की हसीं शुरुआत हो गयी
मेरी दुनिया, मेरे सपने, अब सजने लगे
के आप मुझे अच्छे लगने लगे
के आप मुझे अच्छे लगने लगे...

मंज़िलें हैं नयी, रास्ते हैं नये
हम ज़मीं से आसमां तक, अब उड़ने लगे
के आप मुझे अच्छे लगने लगे
के आप मुझे अच्छे लगने लगे...

राज़ क्या है ज़िन्दगी का, खुल गया खुल गया
दिल का आईना ख़ुशी से, धुल गया धुल गया
हम भी अपनी एक दुनिया रखने लगे
के आप मुझे अच्छे...

सोची समझी ये मुलाकातें नहीं, जी नहीं
आदमी के बस की ये बातें नहीं, जी नहीं
रब ने चाहा तो ये दिल यूँ मिलने लगे
के आप मुझे अच्छे...

Movie/Album: आप मुझे अच्छे लगने लगे (2002)
Music By: राजेश रोशन
Lyrics By: देव कोहली, इब्राहीम अश्क़
Performed By: अभिजीत, अल्का याग्निक

Friday, 16 April 2021

आँखें भी होती हैं दिल की ज़ुबाँ

आँखें भी होती हैं दिल की ज़ुबाँ
बिन बोले कर देती हैं, हालत ये पल में बयाँ
आँखें भी होती...

ख़ामोशी भी तो प्यार में
रखती बहुत ही असर है
कब इश्क हो जाये यहाँ
दिल को कहाँ ये खबर है
दो दिल के ये सिलसिले
छुप सके है कहाँ
आँखें भी होती...

नींद आये ना जब आँखों में
बढ़ने लगे बेकरारी
शबनम को भी छूने से जब
महसूस हो चिंगारी
तो ऐसा क्यों लगता है
एक है ज़मीं-आसमाँ
आँखें भी होती...

Movie/Album: हासिल (2003)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: इसरार अंसारी
Performed By: अभिजीत

Thursday, 15 April 2021

शहर की लड़की

आँख मिला के पूछे
हाई हाऊ आर यू
(हाई हाऊ आर यू
हाई हाऊ आर यू)
हाथ मिला के पूछे
हाऊ डू यू डू
(हाऊ डू यू डू
हाऊ डू यू डू)

आँख मिला के पूछे
हाई हाऊ आर यू
हाथ मिला के पूछे
हाऊ डू यू डू
स्टाइल पे उसकी स्माइल पे उसकी
हाय तबीयत भड़की
शहर की लड़की

शहर की, शहर की
शहर की, शहर की
शहर की, शहर की
शहर की, लड़की

मस्ती में घूमे घूमे
घूमे घूमे आ हा हा
बाहों में झूमे झूमे
झूमे झूमे बात बरा
हाय हाय ज़ालिम फिगर
तेरी मचलती नज़र
मेरा बदन चूमे चूमे
चूमे, चूमे
आँख मिला के पूछे...

ओह माय गॉड लड़की ज़हर
कौन सा सिटी तेरी, कौन सा शहर
बेबी है डेंजर, लगती है स्ट्रेंजर
कैफीनेशन ऑफ कहर
येस
लड़की हॉट नि बहोत ही हॉट है
आग पकड़ती है लड़कों की मौत है
शॉट लगती है धक्के तू खाती है
थकती नहीं है स्टैमिना बहोत है

हाय गली गली घुमे
मेरे आगे पीछे झूमे
हाय नज़र ना लग जाये मुझको
ब्यूटी मेरी है, कैफ़ीन की गोली जैसे
नशा ना चढ़ जाए तुझको
फिगर पे तेरी सब मरते हैं
स्कैन पूरा तुझे करते हैं
लम्बी लम्बी साँसें भरते हैं
बट टच करने से डरते हैं

रोज़ तू आके पूछे
हाई हाऊ आर यू
बाल गिरा के पूछे
हाऊ डू यू डू
मुंबई की बरसात में जैसे
झूम के बिजली कड़की
शहर की लड़की

शहर की, शहर की...

Movie/Album: खानदानी शफाखाना (2019)
Music By: तनिष्क बागची
Lyrics By: तनिष्क बागची, दीपक चौधरी
Performed By: बादशाह, आनंद-मिलिंद, तुलसी कुमार, अभिजीत, चंद्रा दीक्षित

Wednesday, 14 April 2021

दिल चुरा लिया

मेरे दिलबर मेरे जानम
मैंने तुमसे प्यार किया रे
बेचैनी बढ़ती जाती है
तूने कैसा दर्द दिया रे
मैंने प्यार तुम्हीं से किया रे
दिल चुरा लिया, दिल चुरा लिया

तेरी पहली नज़र ने, मेरा चैन चुराया
तेरा ख्वाब जो आया, रातों को जगाया
तेरी प्यास को मैंने, होंठों पे सजाया
चाहत कैसी है, तूने मुझको बताया
दिल चुरा लिया...

पाँव ज़मीं पे पड़ते नहीं
मैं उड़ने लगी हूँ हवा में
खुशबू बन के बिखरी पड़ी है
तेरी ज़ुल्फें आज फिज़ा में
तूने जादू ये कैसा किया रे
दिल चुरा लिया...

तेरी इन बाहों में मुझको
अब तो जीना मरना है
सोच लिया है हद से ज़्यादा
अब इश्क तुझे करना है
मैंने माना तुझे ही पिया रे
दिल चुरा लिया...

Movie/Album: क़यामत (2003)
Music By: नदीम-श्रवण
Lyrics By: समीर
Performed By: अभिजीत, कविता कृष्णामूर्ति

Tuesday, 13 April 2021

तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो

तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो
क्या गम है जिसको छुपा रहे हो

आँखों में नमी, हँसी लबों पर
क्या हाल है क्या दिखा रहे हो
क्या गम है जिसको...

बन जायेंगे ज़हर पीते पीते
ये अश्क जो पिए जा रहे हो
क्या गम है जिसको...

जिन ज़ख्मों को वक़्त भर चला है
तुम क्यों उन्हें छेड़े जा रहे हो
क्या गम है जिसको...

रेखाओं का खेल है मुक़द्दर
रेखाओं से मात खा रहे हो
क्या गम है जिसको...

Album/Movie: अर्थ (1983)
Music By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह
Lyrics By: कैफ़ी आज़मी
Performed By: जगजीत सिंह

Monday, 12 April 2021

उस मोड़ से शुरू करें

उस मोड़ से शुरू करें फिर ये ज़िन्दगी
हर शय जहाँ हसीन थी, हम तुम थे अजनबी

लेकर चले थे हम जिन्हें जन्नत के ख़्वाब थे
फूलों के ख़्वाब थे वो मुहब्बत के ख़्वाब थे
लेकिन कहाँ है इनमें वो, पहली सी दिलकशी
उस मोड़ से शुरू...

रहते थे हम हसीन ख़यालों की भीड़ में
उलझे हुए हैं आज सवालों की भीड़ में
आने लगी है याद वो फ़ुर्सत की हर घड़ी
उस मोड़ से शुरू...

शायद ये वक़्त हमसे कोई चाल चल गया
रिश्ता वफ़ा का और ही रंगो में ढल गया
अश्कों की चाँदनी से थी बेहतर वो धूप ही
उस मोड़ से शुरू...

Movie/Album: द लेटेस्ट (1982)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर
Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह

Sunday, 11 April 2021

तू नहीं तो ज़िन्दगी में

तू नहीं तो ज़िन्दगी में और क्या रह जायेगा
दूर तक तन्हाईयों का सिलसिला रह जायेगा
तू नहीं तो ज़िन्दगी में...

दर्द की सारी तहें, और सारे गुज़रे हादसे
सब धुआँ हो जायेंगे, इक वाक़िया रह जायेगा
तू नहीं तो ज़िन्दगी में...

यूँ भी होगा वो मुझे, दिल से भुला देगा मगर
ये भी होगा खुद उसी में, इक ख़ला रह जायेगा
तू नहीं तो ज़िन्दगी में...

दायरे इन्कार के, इक़रार की सरगोशियाँ
ये अगर टूटे कभी तो, फ़ासला रह जायेगा
तू नहीं तो ज़िन्दगी में...

Movie/Album: अर्थ (1983)
Music By: कुलदीप सिंह
Lyrics By: इफ्तिकार इमाम सिद्दीकी
Performed By: चित्रा सिंह

Saturday, 10 April 2021

देख तो दिल कि जाँ

देख तो दिल कि जाँ से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ से उठता है

गोर किस दिलजले की है ये फ़लक
शोला इक सुब्हो याँ से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ...

यूँ उठे आह उस गली से हम
जैसे कोई जहां से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ...

बैठने कौन दे है फिर उसको
जो तेरे आस्ताँ से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ...

इश्क़ इक 'मीर' भारी पत्थर है
कब ये तुझ ना-तवाँ से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ...

मेहदी हसन साहब की ग़ज़ल में ये शेर नहीं सुनाई दिए हैं
ख़ाना-ए-दिल से ज़ीनहार न जा
कोई ऐसे मकाँ से उठता है

नाला सर खींचता है जब मेरा
शोर इक आसमाँ से उठता है

लड़ती है उस की चश्म-ए-शोख़ जहाँ
एक आशोब वाँ से उठता है

सुध ले घर की भी शोला-ए-आवाज़
दूद कुछ आशियाँ से उठता है

Music By: मेहदी हसन
Lyrics By: मीर तक़ी मीर
Performed By: मेहदी हसन

Friday, 9 April 2021

तसवीर तेरी दिल मेरा

तसवीर तेरी दिल मेरा बहला न सकेगी
ये तेरी तरह मुझसे तो शर्मा न सकेगी
तसवीर तेरी दिल मेरा...

मैं बात करूँगा तो ये खामोश रहेगी
सीने से लगा लूँगा तो ये कुछ न कहेगी
आराम वो क्या देगी जो तड़पा न सकेगी
तसवीर तेरी दिल मेरा...

ये आँखें हैं ठहरी हुई चंचल वो निगाहें
ये हाथ हैं सहमे हुए और मस्त वो बाहें
परछाई तो इंसान के काम आ न सकेगी
तसवीर तेरी दिल मेरा...

इन होंठों को फ़ैय्याज़ मैं कुछ दे न सकूँगा
इस ज़ुल्फ़ को मैं हाथ में भी ले न सकूँगा
उलझी हुई रातों को ये सुलझा न सकेगी
तसवीर तेरी दिल मेरा...

Movie/Album: देवर भाभी (1965)
Music By: कमल दासगुप्ता
Lyrics By: फैय्याज़ हाशमी
Performed By: तलत महमूद

Thursday, 8 April 2021

तेरे ख़ुशबू में बसे ख़त

तेरे ख़ुशबू में बसे ख़त, मैं जलाता कैसे
प्यार में डूबे हुये ख़त, मैं जलाता कैसे
तेरे हाथों के लिखे ख़त, मैं जलाता कैसे

जिनको दुनिया की निगाहों से छुपाये रखा
जिनको इक उम्र कलेजे से लगाये रखा
दीन जिनको, जिन्हें ईमान बनाये रखा
तेरे खुशबू में बसे ख़त...

जिनका हर लफ़्ज़ मुझे याद था पानी की तरह
याद थे मुझको जो पैग़ाम-ए-ज़ुबानी की तरह
मुझको प्यारे थे जो अनमोल निशानी की तरह
तेरे खुशबू में बसे ख़त...

तूने दुनिया की निगाहों से जो बचकर लिखे
साल-हा-साल मेरे नाम बराबर लिखे
कभी दिन में तो कभी रात को उठ कर लिखे
तेरे खुशबू में बसे ख़त...

तेरे ख़त आज मैं गंगा में बहा आया हूँ
आग बहते हुये पानी में लगा आया हूँ
तेरे खुशबू में बसे ख़त...

Movie/Album: अर्थ (1983)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: राजिंदरनाथ रहबर
Performed By: जगजीत सिंह

Wednesday, 7 April 2021

मेरी आँखों ने चुना है

चाँद भी देखा, फूल भी देखा
बादल, बिजली, तितली, जुगनूं
कोई नहीं है ऐसा
तेरा हुस्न है जैसा

मेरी निगाह ने, ये कैसा ख्वाब देखा है
ज़मीं पे चलता हुआ, माहताब देखा है

मेरी आँखों ने चुना है तुझको दुनिया देखकर
किसका चेहरा अब मैं देखूँ तेरा चेहरा देखकर
मेरी आँखों ने चुना है...

नींद भी देखी, ख्वाब भी देखा
चूड़ी, बिंदिया, दर्पण, खुशबू
कोई नहीं है ऐसा
तेरा प्यार है जैसा
मेरी आँखों ने चुना है...

रंग भी देखा, रूप भी देखा
रस्ता, मंज़िल, साहिल, महफ़िल
कोई नहीं है ऐसा
तेरा साथ है जैसा
मेरी आँखों ने चुना है...

बहुत खूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
बना दीजिए इनको किस्मत हमारी
उसे और क्या चाहिये ज़िन्दगी में
जिसे मिल गई है मुहब्बत तुम्हारी

Movie/Album: तरकीब (2000)
Music By: आदेश श्रीवास्तव
Lyrics By: निदा फ़ाज़ली
Performed By: जगजीत सिंह, अलका याग्निक

Tuesday, 6 April 2021

चराग़-ओ-आफ़ताब ग़ुम

चराग़-ओ-आफ़ताब ग़ुम
बड़ी हसीन रात थी
शबाब की नक़ाब गुम
बड़ी हसीन रात थी

मुझे पिला रहे थे वो
के ख़ुद ही शम्माँ बुझ गई
गिलास ग़ुम, शराब ग़ुम
बड़ी हसीन रात थी...

लिखा था जिस किताब में
के इश्क़ तो हराम है
हुई वही किताब ग़ुम
बड़ी हसीन रात थी...

लबों से लब जो मिल गए
लबों से लब ही सिल गए
सवाल ग़ुम. जवाब ग़ुम
बड़ी हसींन रीत थी...

Movie/Album: ख़ुमार (2000)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर
Performed By: जगजीत सिंह

Monday, 5 April 2021

कोई फ़रियाद

कोई फ़रियाद तेरे दिल में दबी हो जैसे
तूने आँखों से कोई बात कही हो जैसे
जागते-जागते इक उम्र कटी हो जैसे
जान बाकी है मगर साँस रुकी हो जैसे

हर मुलाकात पे महसूस यही होता है
मुझसे कुछ तेरी नज़र पूछ रही हो जैसे

राह चलते हुए अक्सर ये गुमां होता है
वो नज़र छुप के मुझे देख रही हो जैसे

एक लम्हें में सिमट आया सदियों का सफ़र
ज़िन्दगी तेज़ बहुत तेज़ चली हो जैसे

इस तरह पहरों तुझे सोचता रहता हूँ मैं
मेरी हर साँस तेरे नाम लिखी हो जैसे
कोई फरियाद...

Movie/Album: तुम बिन (2001)
Music By: निखिल-विनय
Lyrics By: फैज़ अनवर
Performed By: जगजीत सिंह

Sunday, 4 April 2021

तेरी फ़रियाद

अब कोई आस ना उम्मीद बची हो जैसे
तेरी फ़रियाद मगर मुझमें दबी हो जैसे
जागते-जागते इक उम्र कटी हो जैसे
अब कोई आस ना उम्मीद बची हो जैसे

रस्ते चलते हैं मगर पाँव हमें लगते हैं
हम भी इस बर्फ़ के मंज़र में जमे लगते हैं
जान बाकी है मगर साँस रुकी हो जैसे

वक़्त के पास लतीफे भी हैं मरहम भी है
क्या करूँ मैं कि मेरे दिल में तेरा ग़म भी है
मेरी हर साँस तेरे नाम लिखी हो जैसे
कोई फ़रियाद तेरे दिल में दबी हो जैसे

किसको नाराज़ करूँ, किससे खफ़ा हो जाऊँ
अक्स हैं दोनों मेरे किससे जुदा हो जाऊँ
मुझसे कुछ तेरी नज़र पूछ रही हो जैसे

रात कुछ ऐसे कटी है कि सहर ही न हुई
जिस्म से जां के निकलने की ख़बर ही ना मिली
ज़िन्दगी तेज़ बहुत तेज़ चली हो जैसे

कैसे बिछडू़ँ कि वो मुझमे ही कहीं रहता है
उससे जब बच के गुज़रता हूँ तो ये लगता है
वो नज़र छुप के मुझे देख रही हो जैसे

Movie/Album: तुम बिन 2 (2016)
Music By: निखिल-विजय, अंकित तिवारी
Lyrics By: फैज़-अनवर, शकील आज़मी
Performed By: जगजीत सिंह, रेखा भारद्वाज

Saturday, 3 April 2021

रात आँखों में ढली

रात आँखों में ढली, पलकों पे जुगनू आए
हम हवाओं की तरह जा के उसे छू आएरात आँखों में ढली...

बस गई है मेरे एहसास में ये कैसी महक
कोई खुशबू मैं लगाऊँ तेरी खुशबू आए
हम हवाओं की तरह जा के उसे छू आए
रात आँखों में ढली...

उसने छू कर मुझे पत्थर से फिर इन्सान कियामुद्दतों बाद मेरी आँख में आँसूँ आए
रात आँखों में ढली...

मैंने दिन रात खुदा से ये दुआ माँगी थीकोई आहट ना हो दर पर मेरे जब तू आई
हम हवाओं की तरह जा के उसे छू आए
रात आँखों में ढली...

Movie/Album: तुम तो नहीं हो (2005)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: बशीर बद्र
Performed By: जगजीत सिंह

Friday, 2 April 2021

तारीफ़ उस ख़ुदा की

तारीफ़ उस ख़ुदा की, जिस ने जहां बनाया
कैसी ज़मीं बनाई, क्या आसमां बनाया
तारीफ़ उस ख़ुदा की

मिट्टी से बेल बूटे क्या खुशनुमा उगाए
पहना के सब्ज़ खिल्लत उनको जवाँ बनाया
तारीफ़ उस ख़ुदा की...

सूरज से हमने पाई गर्मी भी रौशनी भी
क्या खूब चश्मा तूने ऐ महरबां बनाया
तारीफ़ उस ख़ुदा की...

हर चीज़ से है उसकी कारीगरी टपकती
ये कारखाना तूने कब रायगाँ बनाया
तारीफ़ उस ख़ुदा की...

Movie/Album: चिराग (1993)
Music By: जगजीत सिंह
Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह


Thursday, 1 April 2021

अब तो मेरे ख़ुदा

अब तो मेरे ख़ुदा जलवा दिखाईये
अपने नमाज़ियों का कहा मान जाईये
अब तो मेरे ख़ुदा...

कुछ कह रहीं हैं आपसे सीने की धड़कनें
मेरा नहीं तो दिल का कहा मान जाईये
अपने नमाज़ियों का...

मैं जानता हूँ तू बड़ा रहमत-नवाज़ है
सबके दिलों पे रहम का जादू जगाईये
अपने नमाज़ियों का...

मुद्दत से तिशनगी है तुम्हारे जमाल की
नूर-ए-कमाल से ज़रा पर्दा हटाईये
अपने नमाज़ियों का...

Movie/Album: चिराग (1993)
Music By: जगजीत सिंह
Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह