Sunday, 28 February 2021

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है
दुनिया है मेरे आगे
होता है शब-ओ-रोज़
तमाशा मेरे आगे

होता है निहाँ गर्द में सहरा मेरे होते
घिसता है ज़बीं ख़ाक पे दरिया मेरे आगे

मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे
तू देख कि क्या रंग तेरा मेरे आगे
बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है...

ईमान मुझे रोके है जो खींचे है मुझे कुफ़्र
काबा मेरे पीछे है कलीसा मेरे आगे
बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है...

गो हाथ को जुम्बिश नहीं आँखों में तो दम है
रहने दो अभी सागर-ओ-मीना मेरे आगे
बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है...

Movie/Album: मिर्ज़ा ग़ालिब (टी वी सीरियल) (1988)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: मिर्ज़ा ग़ालिब
Performed By: जगजीत सिंह

Saturday, 27 February 2021

लोग हर मोड़ पे

लोग हर मोड़ पे रुक-रुक के सँभलते क्यूँ हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँ हैं
लोग हर मोड़ पे...

मैं न जुगनू हूँ, दीया हूँ न कोई तारा हूँ
रोशनी वाले मेरे नाम से जलते क्यूँ हैं
लोग हर मोड़ पे...

नींद से मेरा त'आल्लुक़ ही नहीं बरसों से
ख़्वाब आ-आ के मेरी छत पे टहलते क्यूँ हैं
लोग हर मोड़ पे...

मोड़ होता है जवानी का, सँभलने के लिए
और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँ हैं
लोग हर मोड़ पे...

Movie/Album: बियॉण्ड टाइम (1987)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: राहत इंदौरी
Performed By: जगजीत सिंह

Friday, 26 February 2021

सामने है जो उसे

सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैं
जिसको देखा ही नहीं उसको ख़ुदा कहते हैं
जिसको देखा ही नहीं...

ज़िन्दगी को भी सिला कहते हैं कहने वाले
जीने वाले तो गुनाहों की सज़ा कहते हैं
जिसको देखा ही नहीं...

फ़ासले उम्र के कुछ और बढ़ा देती है
जाने क्यूँ लोग उसे फिर भी दवा कहते हैं
जिसको देखा ही नहीं...

चंद मासूम से पत्तों का लहू है 'फ़ाकिर'
जिसको महबूब के हाथों की हिना कहते हैं
जिसको देखा ही नहीं...

Movie/Album: बियॉण्ड टाइम (1987)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर
Performed By: जगजीत सिंह

Thursday, 25 February 2021

सर झुकाओगे

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा
इतना मत चाहो उसे, वो बेवफ़ा हो जाएगा

हम भी दरिया हैं, हमें अपना हुनर मालूम है
जिस तरफ भी चल पड़ेंगे, रास्ता हो जाएगा
सर झुकाओगे तो...

मैं ख़ुदा का नाम ले कर पी रहा हूँ दोस्तों
ज़हर भी इसमें अगर होगा, दवा हो जाएगा
सर झुकाओगे तो...

रूठ जाना तो मुहब्बत की अलामत है मगर
क्या ख़बर थी मुझसे वो, इतना ख़फ़ा हो जाएगा
सर झुकाओगे तो...

Movie/Album: विज़न्स (वॉल्यूम 2) (2003)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: बशीर बद्र
Performed By: जगजीत सिंह

Wednesday, 24 February 2021

सारे बदन का ख़ून

सारे बदन का ख़ून, पसीने में जल गया
इतना चले के जिस्म हमारा पिघल गया
सारे बदन का ख़ून...

चलते थे, गिन रहे थे मुसीबत के रात-दिन
दम लेने हम जो बैठ गए, दम निकल गया
इतना चले के...

अच्छा हुआ, जो राह में ठोकर लगी हमें
हम गिर पड़े तो सारा ज़माना संभल गया
इतना चले के...

वहशत में कोई साथ हमारा ना दे सका
दामन की फ़िक्र की तो गिरेबाँ निकल गया
इतना चले के...

Movie/Album: बियॉन्ड टाइम (1987)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: महमूद दुर्रानी
Performed By: चित्रा सिंह

Tuesday, 23 February 2021

वो ख़त के पुर्ज़े उड़ा रहा था

वो ख़त के पुर्ज़े उड़ा रहा था
हवाओं का रुख दिखा रहा था

कुछ और भी हो गया नुमायाँ
मैं अपना लिक्खा मिटा रहा था
हवाओं का रुख...

उसी का ईमाँ बदल गया है
कभी जो मेरा ख़ुदा रहा था
हवाओं का रुख...

वो एक दिन एक अजनबी को
मेरी कहानी सुना रहा था
हवाओं का रुख...

वो उम्र कम कर रहा था मेरी
मैं साल अपने बढ़ा रहा था
हवाओं का रुख...

Movie/Album: मरासिम (2000)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: जगजीत सिंह

Monday, 22 February 2021

आँखों में जल रहा है क्यूँ

आँखों में जल रहा है क्यूँ, बुझता नहीं धुआँ
उठता तो है घटा-सा, बरसता नहीं धुआँ

चूल्हे नहीं जलाये या बस्ती ही जल गई
कुछ रोज़ हो गए हैं अब, उठता नहीं धुआँ
आँखों में जल रहा है...

आँखों के पोंछने से लगा आँच का पता
यूँ चेहरा फेर लेने से छुपता नहीं धुआँ

आँखो से आँसुओं के मरासिम पुराने हैं
मेहमाँ ये घर में आए तो, चुभता नहीं धुआँ
उठता तो है घटा-सा...

Movie/Album: मरासिम (2000)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: जगजीत सिंह

Sunday, 21 February 2021

एक परवाज़ दिखाई दी है

एक परवाज़ दिखाई दी है
तेरी आवाज़ सुनाई दी है
एक परवाज़ दिखाई...

जिसकी आँखों में कटी थी सदियाँ
उसने सदियों की जुदाई दी है
तेरी आवाज़...

सिर्फ़ एक सफ़हा पलट कर उसने
सारी बातों की सफ़ाई दी है
तेरी आवाज़...

फिर वहीं लौट के जाना होगा
यार ने कैसी रिहाई दी है
तेरी आवाज़...

आग में क्या-क्या जला है शब भर
कितनी खुशरंग दिखाई दी है
तेरी आवाज़...

Movie/Album: मरासिम (2000)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: जगजीत सिंह


Saturday, 20 February 2021

रुख़ से परदा उठा

रुख़ से परदा उठा दे ज़रा साक़िया
बस अभी रंग-ए-महफ़िल बदल जाएगा
है जो बेहोश वो होश में आएगा
गिरने वाला है जो, वो संभल जाएगा
रुख़ से परदा...

तुम तसल्ली ना दो, सिर्फ़ बैठे रहो
वक़्त कुछ मेरे मरने का टल जाएगा
क्या ये कम है, मसीहा के रहने ही से
मौत का भी इरादा बदल जाएगा
रुख़ से परदा...

तीर की जाँ है दिल, दिल की जाँ तीर है
तीर को ना यूँ खींचो, कहा मान लो
तीर खींचा तो दिल भी निकल आएगा
दिल जो निकला तो दम भी निकल जाएगा
रुख़ से परदा...

इसके हँसने में रोने का अन्दाज़ है
ख़ाक उड़ाने में फ़रियाद का राज़ है
इसको छेड़ो ना 'अनवर' ख़ुदा के लिए
वरना बीमार का दम निकल जाएगा
रुख़ से परदा...

Movie/Album: मैजिकल मोमेन्ट्स (2014)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: अनवर मिर्ज़ापुरी
Performed By: जगजीत सिंह

Friday, 19 February 2021

कठिन है राह गुज़र

कठिन है राह गुज़र थोड़ी दूर साथ चलो
बहुत कड़ा है सफ़र थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र...

तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता है
ये जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र...

नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहीं
बड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र...

ये एक शब की मुलाक़ात भी गनीमत है
किसे है कल की ख़बर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र...

तवाफ़-ए-मंज़िल-ए-जाना हमें भी करना है
'फ़राज़' तुम भी अगर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र...

Movie/Album:हुस्न-ए-ग़ज़ल (2007), महफ़िल (1983)
Music By: गुलाम अली, पंकज उदास
Lyrics By: अहमद फ़राज़
Performed By: गुलाम अली, पंकज उदास

Thursday, 18 February 2021

अपना दिल पेश करूँ

अपना दिल पेश करूँ, अपनी वफ़ा पेश करूँ
कुछ समझ में नहीं आता तुझे क्या पेश करूँ
अपना दिल पेश करूँ...

तेरे मिलने की ख़ुशी में कोई नग़मा छेड़ूँ
या तेरे दर्द-ए-जुदाई का गिला पेश करूँ
कुछ समझ में नहीं...

मेरे ख़्वाबों में भी तू, मेरे ख़यालों में भी तू
कौन-सी चीज़ तुझे तुझसे जुदा पेश करूँ
कुछ समझ में नहीं...

जो तेरे दिल को लुभाए वो अदा मुझमें नहीं
क्यों न तुझको कोई तेरी ही अदा पेश करूँ
कुछ समझ में नहीं...

Music By: भारती विश्वनाथन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: भारती विश्वनाथन


 

Wednesday, 17 February 2021

आँख से आँख मिला

आँख से आँख मिला, बात बनाता क्यूँ है
तू अगर मुझसे ख़फ़ा है तो छुपाता क्यूँ है
आँख से आँख मिला...

ग़ैर लगता है न अपनों की तरह मिलता है
तू ज़माने की तरह मुझको सताता क्यूँ है

वक़्त के साथ ख़यालात बदल जाते हैं
ये हक़ीक़त है मगर मुझको सुनाता क्यूँ है

एक मुद्दत से जहाँ क़ाफ़िले गुज़रे ही नहीं
ऐसी राहों पे चराग़ों को जलाता क्यूँ है
तू अगर मुझसे ख़फ़ा...

Movie/Album: अ साउंड अफेयर (1985)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सईद राही
Performed By: चित्रा सिंह

Tuesday, 16 February 2021

कभी-कभी यूँ भी हमने

कभी-कभी यूँ भी हमने
अपने जी को बहलाया है
जिन बातों को ख़ुद नहीं समझे
औरों को समझाया है
कभी-कभी यूँ भी हमने...

हमसे पूछो इज़्ज़त वालों
की इज़्ज़त का हाल कभी
हमने भी इस शहर में रह कर
थोड़ा नाम कमाया है
कभी-कभी यूँ भी...

उससे बिछड़े बरसों बीते
लेकिन आज न जाने क्यूँ
आँगन में हँसते बच्चों को
बे-कारण धमकाया है
कभी-कभी यूँ भी...

कोई मिला तो हाथ मिलाया
कहीं गए तो बातें की
घर से बाहर जब भी निकले
दिन भर बोझ उठाया है
कभी-कभी यूँ भी...

Movie/Album: विज़न्स वॉल्यूम 1 (1992)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: निदा फ़ाज़ली
Performed By: जगजीत सिंह

Monday, 15 February 2021

दोस्ती जब किसी से

दोस्ती जब किसी से की जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए

मौत का ज़हर है फ़िज़ाओं में
अब कहाँ जा के साँस ली जाए
दुश्मनों की...

बस इसी सोच में हूँ डूबा हुआ
ये नदी कैसे पार की जाए
दुश्मनों की...

मेरे माज़ी के ज़ख़्म भरने लगे
आज फिर कोई भूल की जाए
दुश्मनों की...

बोतलें खोल के तो पी बरसों
आज दिल खोल कर भी पी जाए
दुश्मनों की...

Movie/Album: इन सर्च (1996)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: राहत इंदौरी
Performed By: जगजीत सिंह

Sunday, 14 February 2021

कौन आया रास्ते

कौन आया, रास्ते आईना-ख़ाने हो गए
रात रौशन हो गई, दिन भी सुहाने हो गए
कौन आया...

ये भी मुमकिन है कि मैंने उसको पहचाना न हो
अब उसे देखे हुए, कितने ज़माने हो गए
रात रौशन हो गई...

जाओ उन कमरों के आईने उठाकर फेंक दो
बे-अदब ये कह रहें हैं, हम पुराने हो गए
रात रौशन हो गई...

मेरी पलकों पर ये आँसू, प्यार की तौहीन हैं
उसकी आँखों से गिरे, मोती के दाने हो गए
रात रौशन हो गई...

Movie/Album: विज़न्स वॉल्यूम २ (1992)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: बशीर बद्र
Performed By: जगजीत सिंह

Saturday, 13 February 2021

आदमी आदमी को

आदमी आदमी को क्या देगा
जो भी देगा वही ख़ुदा देगा

मेरा क़ातिल ही मेरा मुन्सिब है
क्या मेरे हक़ में फ़ैसला देगा
आदमी आदमी को...

ज़िन्दगी को क़रीब से देखो
इसका चेहरा तुम्हें रुला देगा
आदमी आदमी को...

हमसे पूछो न दोस्ती का सिला
दुश्मनों का भी दिल हिला देगा
आदमी आदमी को...

इश्क़ का ज़हर पी लिया 'फ़ाकिर'
अब मसीहा भी क्या दवा देगा
आदमी आदमी को...

Movie/Album: समवन समवेयर (1986)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर
Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह

Friday, 12 February 2021

शेख़ जी

शेख़ जी थोड़ी-सी पी कर आइए
मय है क्या शै फिर हमें बतलाइए
शेख़ जी थोड़ी...

आप क्यूँ हैं सारी दुनिया से जुदा
आप भी दुश्मन मेरे बन जाइए
शेख जी थोड़ी...

क्या है अच्छा क्या बुरा, बन्दा नवाज़
आप समझें तो हमें समझाइए
शेख जी थोड़ी...

जाने दीजे अक्ल की बातें जनाब
दिल की सुनिये और पीते जाइए
शेख जी थोड़ी...

उलझने दुनिया की सुलझा लेंगे हम
आप अपनी ज़ुल्फ़ तो सुलझाइए
शेख़ जी थोड़ी...

Movie/Album: फेस टु फेस (1994)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर
Performed By: जगजीत सिंह

Thursday, 11 February 2021

ये जो ज़िन्दगी की किताब है

ये जो ज़िन्दगी की किताब है
ये किताब भी क्या किताब है
कहीं इक हसीन सा ख़्वाब है
कहीं जान-लेवा अज़ाब है

कहीं छाँव है, कहीं धूप है
कहीं और ही कोई रूप है
कई चेहरे इस में छुपे हुए
इक अजीब-सी ये नक़ाब है
कहीं इक हसीन सा...

कहीं खो दिया, कहीं पा लिया
कहीं रो लिया, कहीं गा लिया
कहीं छीन लेती है हर ख़ुशी
कहीं मेहरबाँ बेहिसाब है
कहीं इक हसीन सा...

कहीं आँसुओं की है दास्ताँ
कहीं मुस्कुराहटों का बयाँ
कहीं बरकतों की हैं बारिशें
कहीं तिश्नगी बेहिसाब है
कहीं इक हसीन सा...

Movie/Album: सहर (2000)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: राजेश रेड्डी
Performed By: जगजीत सिंह

Wednesday, 10 February 2021

मेरी ज़िन्दगी किसी और की

मेरी ज़िन्दगी किसी और की
मेरे नाम का कोई और है
मेरा अक्स है सर-ए-आईना
पस-ए-आइना कोई और है

मेरी धड़कनों में है चाप-सी
ये जुदाई भी है मिलाप-सी
मुझे क्या पता, मेरे दिल बता
मेरे साथ क्या कोई और है
मेरी ज़िन्दगी किसी और की...

न गए दिनों को ख़बर मेरी
न शरीक-ए-हाल नज़र तेरी
तेरे देस में, मेरे भेस में
कोई और था कोई और है
मेरी ज़िन्दगी किसी और की...

वो मेरी तरफ़ निगराँ रहे
मेरा ध्यान जाने कहाँ रहे
मेरी आँख में कई सूरतें
मुझे चाहता कोई और है
मेरी ज़िन्दगी किसी और की...

Movie/Album: समवन समवेयर (1996)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: मुज़फ्फर वारसी
Performed By: जगजीत सिंह

Tuesday, 9 February 2021

कोई समझेगा क्या

कोई समझेगा क्या राज़-ए-गुलशन
जब तक उलझे ना काँटों से दामन

यक-ब-यक सामने आना जाना
रुक न जाए कहीं दिल की धड़कन
कोई समझेगा क्या...

गुल तो गुल, ख़ार तक चुन लिए हैं
फिर भी खाली है गुलचीं का दामन
कोई समझेगा क्या...

कितनी आराइश-ए-आशियाना
टूट जाए ना शाख़-ए-नशेमन
कोई समझेगा क्या...

अज़मत-ए-आशियाना बढ़ा दी
बर्क़ को दोस्त समझूँ के दुश्मन
कोई समझेगा क्या...

Movie/Album: समवन समवेयर (1986)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: फ़ना निज़ामी
Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह

Monday, 8 February 2021

ना कह साक़ी

ना कह साक़ी, बहार आने के दिन हैं
जिगर के दाग़ छिल जाने के दिन हैं

अदा सीखो, अदा आने के दिन हैं
अभी तो दूर शरमाने के दिन हैं

गरेबाँ ढूँढ़ते हैं हाथ मेरे
चमन में फूल खिल जाने के दिन हैं
ना कह साकी...

तुम्हें राज़-ए-मोहब्बत क्या बताएँ
तुम्हारे खेलने-खाने के दिन हैं

घटाएँ ऊंदी-ऊंदी कह रही हैं
मय-ए-अंगूर खिंचवाने के दिन हैं
ना कह साकी...

Movie/Album: विज़न्स वॉल् १ (1992)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: बेख़ुद देहलवी
Performed By: जगजीत सिंह

Sunday, 7 February 2021

चले जा रहे हैं

चले जा रहे हैं
मोहब्बत के मारे
किनारे किनारे
किनारे किनारे
चले जा रहे हैं...

न साहिल की परवाह
ना तूफाँ का डर है
ना ज़ुल्मों का शिकवा
न ग़म का असर है
उम्मीदों के पल पल
दिलों के सहारे
चले जा रहे हैं...

तमन्ना यही है|
के लहरों से खेलें
नसीबों की गर्दिश को
हँस-हँस के झेलें
उमंगों की राहों में
बिछा कर सितारे
चले जा रहे हैं...

Movie/Album: किनारे किनारे (1964)
Music By: जयदेव
Lyrics By: न्याय शर्मा
Performed By: मन्ना डे

Saturday, 6 February 2021

शहर की लड़की

आँख मिला के पूछे
हाई हाऊ आर यू
(हाई हाऊ आर यू
हाई हाऊ आर यू)
हाथ मिला के पूछे
हाऊ डू यू डू
(हाऊ डू यू डू
हाऊ डू यू डू)

आँख मिला के पूछे
हाई हाऊ आर यू
हाथ मिला के पूछे
हाऊ डू यू डू
स्टाइल पे उसकी स्माइल पे उसकी
हाय तबीयत भड़की
शहर की लड़की

शहर की, शहर की
शहर की, शहर की
शहर की, शहर की
शहर की, लड़की

मस्ती में घूमे घूमे
घूमे घूमे आ हा हा
बाहों में झूमे झूमे
झूमे झूमे बात बरा
हाय हाय ज़ालिम फिगर
तेरी मचलती नज़र
मेरा बदन चूमे चूमे
चूमे, चूमे
आँख मिला के पूछे...

ओह माय गॉड लड़की ज़हर
कौन सा सिटी तेरी, कौन सा शहर
बेबी है डेंजर, लगती है स्ट्रेंजर
कैफीनेशन ऑफ कहर
येस
लड़की हॉट नि बहोत ही हॉट है
आग पकड़ती है लड़कों की मौत है
शॉट लगती है धक्के तू खाती है
थकती नहीं है स्टैमिना बहोत है

हाय गली गली घुमे
मेरे आगे पीछे झूमे
हाय नज़र ना लग जाये मुझको
ब्यूटी मेरी है, कैफ़ीन की गोली जैसे
नशा ना चढ़ जाए तुझको
फिगर पे तेरी सब मरते हैं
स्कैन पूरा तुझे करते हैं
लम्बी लम्बी साँसें भरते हैं
बट टच करने से डरते हैं

रोज़ तू आके पूछे
हाई हाऊ आर यू
बाल गिरा के पूछे
हाऊ डू यू डू
मुंबई की बरसात में जैसे
झूम के बिजली कड़की
शहर की लड़की

शहर की, शहर की...

Movie/Album: खानदानी शफाखाना (2019)
Music By: तनिष्क बागची
Lyrics By: तनिष्क बागची, दीपक चौधरी
Performed By: बादशाह, आनंद-मिलिंद, तुलसी कुमार, अभिजीत, चंद्रा दीक्षित

Friday, 5 February 2021

धूम ताना

धूम ताना, तानुम ताना नानाना
धूम ताना, तानुम ताना नानाना
धूम ताना देरे ना, देरे ना

कैसे नैनों से नैन मिलाऊँ सजना
कैसे मैं ऐसे न घबराऊँ सजना
कैसे आये ना ऐसे मोहे लाज सजना
छूना न देखो मोहे आज सजना

मृगनैनी तू ना जाने
प्रेम कितना मेरे मन में है
ये बेचैनी मांगती है
रूप जो तेरे यौवन में है
तेरे फूल सा है अंग
तेरे अंग में है रंग
तेरे रंग के मैं संग गोरिये
तेरे रंग में है रूप
तेरे रूप में है धूप
तेरी धूप है अनूप गोरिये
सजना से काहे आये लाज सजनी
छूने दे अंग मोहे आज सजनी
धूम ताना...

झलकी झलकी फिरती हूँ
छलकी छलकी सी फिरती हूँ
जिस्म ये मेरा कोई जाम है जैसे
नज़र मिलाती हूँ, ख़्वाब में समा जाती हूँ
दिल में बस जाना मेरा काम है जैसे
अरे दिल में मेरे बस जा, मैंने रोका कब है
लेकिन क्या अरमान है मेरा
ये तो समझाने दे
सजना से काहे आये...

कैसे बंजारा मन की बात में आये
कैसे इक राजा को मनमीत बनाये
कैसे पहनूँ मैं प्यार का ये ताज सजना
करते हो तुम क्यूँ दिल पे राज सजना
धूम ताना...

मृगनैनी तू ना जाने
प्रेम कितना मेरे मन में है
ये बेचैनी मांगती है
रूप जो तेरे यौवन में है
मेरे मीत तेरे गीत
तेरे गीत में है प्रीत
तेरी प्रीत मेरी जीत गोरिये
मेरी जीत में भी हार
मेरी हार में है प्यार
मेरे प्यार में इकरार गोरिये
भूल के सारे काम काज सजनी
छूने दे अंग मोहे आज सजनी

आये ना कैसे मोहे लाज सजना
छूना न देखो मोहे आज सजना

Movie/Album: ॐ शांति ॐ (2007)
Music By: विशाल-शेखर
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: श्रेया घोषाल, अभिजीत

Thursday, 4 February 2021

सुनता है मेरा ख़ुदा

सुनता है मेरा ख़ुदा
दिल-ओ-जान से चाहूँ तुझको
यारा दिलरुबा
ये ज़िन्दगी तेरे लिए, तेरे लिए
और तू मेरे लिए दिल की सदा है
सुनता है मेरा ख़ुदा...

सजन सुन तू भी इतना, कि तू है मेरा सपना
तू ही तो है मेरी आरज़ू
सनम ये बातें कैसी, कहाँ मेरी किस्मत ऐसी
कि बन जाऊँ तेरी आरज़ू
कहो तो मैं तेरे आगे, कमर बीच गजरा बांधें
डोलूँ नशीली चाल से
अदा हाय ऐसी कातिल, सहेगा तो कैसे ये दिल
तरस खाओ मेरे हाल पे
सुनता है मेरा ख़ुदा...

ये गुल-बूटे भी दिल है, यहाँ काँटे सब गुल हैं
ये रास्ते हैं अपने प्यार के
कहूँगा पर मैं इतना, कदम देख कर ही रखना
कहीं कोई ठोकर ना लगे
जो मिल गए दो दिल ऐसे, जुदा ये फिर होंगे कैसे
हमारी कहानी है यही
मुझे भी अब क्या करना है, तुझी पे जीना-मरना है
के अब ज़िन्दगानी है यही
सुनता है मेरा ख़ुदा...

Movie/Album: पुकार (2000)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: कविता कृष्णामूर्ति, स्वर्णलता, उदित नारायण

Wednesday, 3 February 2021

हमराही जब हो मस्ताना

हमराही जब हो मस्ताना
मौज में हो दिल दीवाना
फिर चलने वाले रुकते हैं कहाँ
ये ख़ुमार, ये नशा, जवाँ बेख़ुदी
अब ना कोई नगर, ना कोई गली
दिन वहाँ रात यहाँ
हमराही जब हो मस्ताना...

डगमग चलना शहरों में बाज़ारों में
महके-महके फिरना गुलज़ारों में
हम दिलवाले चंचल ऐसे तौबा
हलचल सी पड़ जाये दिलदारों में
इस मस्ती में सब चलता है
अब कोई क्या सोच रहा है
हम मतवाले क्या जाने
हमराही जब हो मस्ताना...

चढ़ती जवानी तेरी-मेरी
मिल जाने में काहे की है देरी
जोश में आ के चल निकले हैं हम यारा
होने दे धड़कन की हेरा-फेरी
प्यार की रस्में फिर सोचेंगे
ठीक है क्या और गलती क्या है
हम मतवाले क्या जाने
हमराही जब हो मस्ताना...

Movie/Album: पुकार (2000)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: हेमा सरदेसाई, उदित नारायण

Tuesday, 2 February 2021

किस्मत से तुम हमको

किस्मत से तुम हमको मिले हो
कैसे छोड़ेंगे, ये हाथ हम ना छोड़ेंगे
फिर से बनती तकदीरों को
अरमानों की ज़ंजीरों को, जानम अब ना तोड़ेंगे
किस्मत से तुम हमको...

क्या कहूँ कैसे, लगते हैं दिल पे, ज़ुल्फों के साये
कोई भूला राही जैसे मंज़िल पा जाये
या कोई दिल तूफ़ान का मारा
दर्द की लहरों में आवारा
कोई प्यारा प्यार का साहिल पा जाये
किस्मत से तुम हमको मिले हो
कैसे छोड़ेंगे, ये हाथ हम ना छोड़ेंगे
टुकड़े दिल के हम-तुम मिल के
फिर से जोड़ेंगे, ये शीशा फिर से जोड़ेंगे
फिर से बनती...

यूँ शर्माती, यूँ घबराती, ऐसे सिमटी-सिमटाई
ओ मेरे बालम, यूँ ही नहीं मैं, जाते-जाते लौट आई
वो प्रीत मेरी पहचानी तूने
मेरी कदर तो जानी तूने
अब दिल जागा, होश में चाहत अब आई
किस्मत से तुम...
Movie/Album: पुकार (2000)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: अनुराधा पौडवाल, सोनू निगम


Monday, 1 February 2021

ओ मितवा

हर संत कहे साधू कहे
सच और साहस है जिसके मन में
अंत में जीत उसी की रहे

आजा रे आजा रे
भले कितने लम्बे हो रस्ते हो
थके ना तेरा ये तन हो
आजा रे आजा रे
सुन ले पुकार डगरिया
रहे ना ये रस्ते तरसते हो तू आजा रे
इस धरती का है राजा तू
ये बात जान ले तू
कठिनाई से टकरा जा तू
नहीं हार मान ले तू
ओ मितवा सुन मितवा, तुझको क्या डर है रे
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है रे
ओ मितवा सुन मितवा...
तू आजा रे

सुन लो रे मितवा
जो है तुम्हरे मन में, वो ही हमरे मन में
जो सपना है तुम्हरा, सपना वो ही हमरा है
जीवन में
हाँ, चले हम लिए, आसा के दीये नैनन में
दीये हमरी आसाओं के कभी बुझ ना पाएँ
कभी आंधियाँ जो आ के इनको बुझाये
ओ मितवा सुन मितवा...

सुन लो रे मितवा
पुरवा भी गाएगी, मस्ती भी छाएगी
मिल के पुकारो तो, फूलों वाली जो रुत है
आयेगी
हाँ, सुख भरे दिन दुःख के बिन लाएगी
हम तुम सजाये आओ रंगों के मेले
रहते हो बोलो काहे तुम यूँ अकेले
ओ मितवा सुन मितवा...
हर संत कहे साधू कहे...

Movie/Album: लगान (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण, अल्का याग्निक, सुखविंदर सिंह, श्रीनिवास