Friday, 2 October 2020

सुन लो ज़रा कहता है मन

सुन लो ज़रा कहता है मन
तुमसे ये धड़कन-धड़कन
ये जो प्यार है, ये बहार है
है जो प्यार तो खिला हर चमन
सुनो ना कहती है ये उमंग
चलेंगे संग संग, ले के हम प्यार के सारे रंग
जागे हैं अरमान जज़्बातें हैं जवाँ
दिल में नयी है तरंग
मैं हूँ दिल है तू है
बस ये गुफ़्तगू है
तू मेरी है मेरी है
अरमान मचलते हैं, सपने पिघलते हैं
हम तुम बदलते हैं, आहिस्ता आहिस्ता
मौसम सलोना है, तो होश खोना है
दीवाना होना है, आहिस्ता आहिस्ता
सुनो ना कहती है ये उमंग...

जाने ये क्या जादू है
क्या ये समां हरसू है
तुमसे नज़र जो मिली है
चाँदनी दिन में खिली है
तू है तो ये फ़िज़ा है
वरना दुनिया क्या है
ये हुस्न तू ही है लायी
अरमान मचलते हैं...

Movie/Album: एक दीवाना था (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: रशीद अली, श्रेया घोषाल

No comments:

Post a Comment