Monday, 30 November 2020

ऐ उड़ी उड़ी

ऐ उड़ी उड़ी उड़ी, ऐ ख़्वाबों की पुड़ी
ऐ अंग-रंग खिली, ऐ सारी रात बोली

हल्की, ऐ हल्की कल रात जो शबनम गिरी
अँखियाँ वखियाँ भर गयीं कल तो हाथ में डब डब गिरी
पहली पहली बारिश की छींटें
पहली बारिश भीगी हो हो
उलझी हुयी थी, खुल भी गयी थी, लट वो रात भर भरसी कभी मनाये, खूब सताए वो, सब यार की मर्जी
ऐ उड़ी उड़ी...

छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
छोड़ दूं, रूठ के, तो भी तो जंग होती है
छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
खामखा चूम लूं, तो भी तो जंग होती है
ज़िंदगी आँखों की, आयत है ज़िंदगी
आँखों में रखी है, तेरी अमानत है
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...

लड़-लड़ के जीने को, ये लम्हें भी थोड़े हैं
मर-मर के सीने में, ये शीशे जोड़े हैं
तुम कह दो, सब नाते मंजिल दो सोचो तो
अम्बर पे पहले ही सितारे थोड़े हैं
ज़िंदगी आँखों की आयत है ज़िंदगी
पलकों में चखी है, मीठी शिकायत
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: अदनान सामी

Sunday, 29 November 2020

चुपके से रात की चादर

दोस्तों से झूठी-मूठी दूसरों का नाम ले के
फिर मेरी बातें करना
यारा रात से दिन करना
लम्बी जुदाई तेरी बड़ा मुश्किल है
आहों से दिल भरना
यारा रात से दिन करना
कब ये पूरी  होगी, दूर ये दूरी होगी
रोज सफ़र करना
यारा रात से दिन करना

चुपके से चुपके से
रात की चादर तले
चाँद की भी आहट ना हो
बादल के पीछे चले
जले कतरा कतरा, गले कतरा कतरा
रात भी ना हिले आधी आधी
चुपके से लग जा गले...

फरवरी की सर्दियों की धूप में
मुंदी मुंदी अँखियों से देखना
हाथ की आड़ से
निमी निमी ठण्ड और आग में
हौले हौले मारवा के राग में
मीर की बात हो
दिन भी ना डूबे, रात ना आये, शाम कभी ना ढले
शाम ढले तो, सुबह ना आये, रात ही रात चले
चुपके से रात की चादर..
दोस्तों से झूठी-मूठी...

तुझ बिना पगली ये पुरवई
आ के मेरी चुनरी में भर गयी
तू कभी ऐसे ही, गले लग जैसे ये पुरवई
आ गले लग जैसे ये पुरवाई, साथिया सुन तू
कल जो मुझको नींद ना आये, पास बुला लेना
गोद में अपनी सर रख लेना, लोरी सुना देना
चुपके से लग जा गले...

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मुर्तजा खान, कादिर खान, ए.आर.रहमान

Saturday, 28 November 2020

मेरा यार मिला दे

बंजर है सब बंजर है
हम ढूँढने जब फिरदोस चले
तेरी खोज तलाश में देख पिया
हम कितने काले कोस चले
बंजर है सब बंजर है
मेरा यार मिला दे साइयाँ
इक वार मिला दे साइयाँ

मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
मेरा यार मिला...
तारों की चमक ये सुबह तलक
लगती ही नहीं पल भर को तलक
साइयाँ...
मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
सिर्फ एक तेरी आहट के लिए
कंकर पत्थर बुत सारे सुने
हूण वेणे ते रुस्वाइयां
मेरा यार मिला दे...
बंजर है सब बंजर है...

आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
पैरों के निशाँ जब देखे जहाँ, सौ बार झुकाया सर को वहाँ
आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
मैं कितनी बार पुकारूं तुझे, तेरे नाम के सफ्हे लिखे हैं
तेरा साया कहीं तो बोलेगा, मैं चुनता रहा परछाईयाँ
मेरा यार मिला दे...

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान

Friday, 27 November 2020

नैना मिलाय के

नैना मिलाय के मोसे

झूठ कपट छल कीनी
मोसे नैना मिलाय के
पलकों में बंद कर लीनी

चिकनी माटी बिस आँगन
धड़ से फिसलवाय दीनी
सावन में बुलाय के
झूठ कपट छल कीनी...

सुध बुध खोई होस उड़ाय हाय
छु मंतर कर दीनी
हमका छु के छूवाय के 
झूठ कपट छल कीनी...

दिल की कचहरी मुकदमा चलाय है
हाँ मुजरिम हमें कर दीनी
बिना रपट लिखाय के
झूठ कपट छल कीनी...

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मधुर्श्री

Thursday, 26 November 2020

चोरी पे चोरी

चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, एक डकैती और सीना जोरी
चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, हाथ पकड़ के उंगली मरोड़ी
तौबा तौबा...

चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, कट्ठे की चुटकी चूने की बोरी
झूठी जहान की, आफत है जान की, एक डकैती और सीना जोरी
तौबा तौबा...

दोस्तों, बार बार तोड़ने की बात भी पुरानी हो गयी
रात रात भर का इन्तजार भी कहानी हो गयी
दिन का जलते रहना दोस्त अब तो जिंदगानी हो गयी
इक रात मिलने की, बाकी सुलगने की, सावन नहीं है कहीं
दो-तीन लहरे है, बाकी समंदर है, साहिल नहीं है कहीं
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है वहाँ
चोरी पे चोरी...

दोस्तों, इक ख़याल के बगल में कैसे सारी ज़िन्दगी गुजार दें
बने तो हम तेरे ख़याल को लिबास की तरह उतार दें
इश्क विश्क का खुमार भी उतार दीजिये ज़रा
जाने भी दो यार, कैसे निभेगी, कैसे गुज़र होगा
ये --- के फेरे, ये --- के चक्कर, प्यार भंवर होगा
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है जहाँ
चोरी पे चोरी...

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: आशा भोंसले, कार्तिक, ब्लाज़

Wednesday, 25 November 2020

आवारा भँवरे

आवारा भँवरे जो हौले हौले गाएँ
फूलों के तन पे हवा ये सरसराये
कोयल की कुहू कुहू
पपीहे की पिहू पिहू
जंगल में झींगुर भी छाये जाये
नदियाँ में लहरें आयें
बलखायें छलकी जायें
भीगी होंठों से वो गुनगुनाएं
गाता है साहिल, गाता है बहता पानी
गाता है ये दिल सुन
सा रे गा मा पा धा नि सा रे

रात जो आये तो, सन्नाटा छाये तो
टिक-टिक करे घड़ी सुनो
दूर कहीं गुज़रे, रेल किसी पुल से
गूँजे धड़ाधड़ी सुनो
संगीत है ये, संगीत है
मन का संगीत सुनो
बाहों में लेके बच्चा, माँ जो कोई लोरी गाये
ममता का गीत सुनो
आवारा भँवरे...

भीगे परिन्दे जो, ख़ुद को सुखाने को
पर फड़फड़ाते हैं सुनो
गाय भी, बैल भी, गले में पड़ी घंटी
कैसे बजाते हैं सुनो
संगीत है ये, संगीत है
जीवन संगीत सुनो
बरखा रानी बूँदों की
पायल जो झनकाये
धरती का गीत सुनो
हिलको रे, हिलको रे...
आवारा भँवरे...

Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हेमा सरदेसाई, मलेशिया वासुदेवन

Tuesday, 24 November 2020

चंदा रे, चंदा रे

चंदा रे चंदा रे
कभी तो ज़मीं पर आ
बैठेंगे, बातें करेंगे
तुझको आते इधर, लाज आये अगर
ओढ़ के आजा, तू बादल घने

गुलशन-गुलशन, वादी-वादी
बहती है रेशम जैसी हवा
जंगल-जंगल, पर्वत-पर्वत
हैं नींद में सब इक मेरे सिवा
चंदा, चंदा
आजा सपनों की नीली नदिया में नहायें
आजा ये तारे चुनके हम, घार बनाएँ
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं
चंदा रे चंदा रे...

चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
झरने क्यों गाते हैं, पंछी क्यों मतवाले
क्यों है सावन महीना घटाओं का
चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
चंदा, चंदा
तितली के पर क्यों इतने रंगीं होते हैं
जुगनू रातों में जागे, तो कब सोते हैं
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं
चंदा रे, चंदा रे... 

Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हरिहरन, साधना सरगम

Monday, 23 November 2020

देखो आई होली

होली है!
होली आई, रंग फूट पड़े
ये छलक छलक, वो ढलक ढलक
फिर बाजे घुँघरू ढोल बड़े
ये छलक छलक, वो धमक धमक
सब निकले हैं पी पी के घड़े
ये लपक लपक, वो धुमक धुमक
छम छम नाचे परियों की धुनें
ये थिरक थिरक, वो मटक मटक
ये छलक छलक, वो ढलक ढलकये छलक छलक, वो धमक धमक
ये लपक लपक, वो धुमक धुमक
ये थिरक थिरक, वो मटक मटक

देखो आई होली, रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा, मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल
रंग रेली में रंग खेलूंगी, रंग जाऊँगी
रंग गहरे हैं, अबके साल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
देखो आई होली...

भीगी चोली चुनरी भी गीली हुई
सजनाजी देखो मैं रंगीली हुई
थोड़ी थोड़ी तू जो नशीली हुई
पतली कमर लचकीली हुई
मन क्यों ना बहके, तन क्यों न दहके
तुम रह रह के, मत फेंको ये नज़रों का जाल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
 
देखो आई होली...
आज हुआ एक सा कमाल
रंग ऐसे उड़े देखने में लगे, कोई रंगे हवाओं के बाल
चांदी की थाल से लेके गुलाल
अब राधा से खेलेंगे होली मुरारी
राधा भी नटखट है, पलटी वो झटपट है
मारे कन्हैया को है पिचकारी
देखने वाले तो दंग हुए हैं
के होली में दोनों जो संग हुए हैं
तो राधा काँन्हा एक रंग हुए हैं
कौन है राधा, कौन है काँन्हा
कौन ये समझा, कौन ये जाना

होली में जो सजनी से नयन लड़े
थामी हैं कलाई के बात बढ़े
तीर से जैसे मेरे मन में गड़े
तेरी ये नजरिया जो मुझपे पड़े
जो ये रास रचे, जो ये धूम मचे, कोई कैसे बचे
हमसे पूछो ना तुम ये सवाल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
देखो आई होली...

Movie/Album: मंगल पांडे (1973)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: आमिर खान, चिन्मयी, उदित नारायण, मधुश्री, श्रीनिवास


Sunday, 22 November 2020

क्या करें क्या ना करें

क्या करें क्या ना करें ये कैसी मुश्किल हाय
कोई तो बता दे इसका हल ओ मेरे भाई
कि एक तरफ़ तो उससे प्यार करें हम
और उसको ही ये कहने से डरें हम
क्या करें क्या ना करें...

रोज़-रोज़ हम सोचता यही
आज हमको वो अगर मिल जाये कहीँ
तो ऐसा बोलेगा साला वैसा बोलेगा
खुल्लम-खुल्ला उसपे दिल का राज़ हम खोलेगा
वो सामने चमकती है
साँस ही अटकती है
और ये ज़बान जाती है फिसल
क्या करें क्या ना करें...

कोई बड़ी बात नहीँ हमें कहना था जो भी
वो तो हम यूं भी कहते मगर
फिर भी कहा नहीं वजह उसकी है यही
बस इन्कार से हमको था डर
अब कहें या तब कहें, कहाँ कहें, कब कहें
सोच-सोच में ही वो गई निकल
क्या करें क्या ना करें...

Movie/Album: रंगीला (1996)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: उदित नारायण

Saturday, 21 November 2020

तनहा तनहा यहाँ पे जीना

तनहा तनहा यहाँ पे जीना ये कोई बात है
कोई साथी नहीँ तेरा यहाँ तो ये कोई बात है
किसी को प्यार दे-दे किसी का प्यार ले-ले
इस सारे ज़माने में यही प्यारी बात है
तनहा तनहा यहाँ पे...

किसी का तो सपना हो आँखों में तेरी
कोई दिलबर तो हो बाँहोँ में तेरी
कोई तो बने हमसफ़र राहोँ में तेरी
ये ज़िन्दगी तो वैसे एक सज़ा है
साथ किसी का हो तो और ही मज़ा है
तनहा तनहा यहाँ पे...

ज़मीं आसमां से तो कुछ कह रही है
लहरें भी साहिल से कुछ कह रही है
चाँदनी भी चाँद से कुछ कह रही है
किसी ना किसी से कोई कुछ तो कह रहा है
तू दिल की बात कह दे, कहने में क्या है
तनहा तनहा यहाँ पे...

Movie/Album: रंगीला (1996)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: आशा भोंसले

Friday, 20 November 2020

माही वे

धूप पानी पे बरस जाये
ये साये बनाये, मिटाये
मैं कहूँ और तू आ जाये, बहलाए
हर दूरी शरमाये
तू साथ है, हो दिन रात है
परछाईयाँ बतलाये
तू साथ है, दिन रात है
साया साया
माही वे! माही वे!
मेरी हर बात में साथ तू है
माही वे! माही वे!
मेरे सारे हालात तू
माही वे...

हाय सताये, मनाये, सताये
तू रुलाये, हँसाए भी तू ही
हमसाये, हर दूरी शरमाये
तू साथ है, हो दिन रात है
परछाईयाँ बतलाये
माही वे! माही वे!
मेरी सब राज़, कल-आज तू है
माही वे! माही वे!
मेरी हर उड़ान एक तू
माही वे...

ये जीना भी, ना जीना भी
है दोनों का तुमसे ही वास्ता
मैं ही तो हूँ तेरा पता
है दूसरा ना कोई रास्ता
आये मुझ तक वो तुमको जो हो ढूंढता
मेरी खामोशियों में है तू बोलता
ये जीना भी, नेया जीना भी
जो भी हुआ है, वो तुमसे हुआ
माही वे...

Movie/Album: हाईवे (2014)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: ए.आर.रहमान

 

Thursday, 19 November 2020

पटाखा गुड्डी

हाँ मिट्ठे पान दी गल्लोरी
लट्ठा सूट दा लाहोरी
फट्टे मार दी फिल्लौरी
जुगनी मेल मेल के
कूद फांद के
चक्क चकौटे जावे

मौला तेरा माली
ओ हरियाली जंगल वाली
तू दे हर गाली पे ताली
उसकी कदम-कदम रखवाली
ऐंवे लोक लाज की सोच-सोच के
क्यूं है आफत डाली
तू ले नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली
नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली
शर्फ़ खुदा का, ज़र्फ़ खुदा का
अली अली अली अली
अली हो, अली हो
चली ओ रे चली चली, चली ओ
अली अली तेरी गली
वो तो चली, अली अली
तेरी गली चली ओ

ओ जुगनी ओ, पटाखा गुड्डी ओ
नशे में उड्डी जाये रे हाये रे
सज्जे खब्बे धब्बे किल्ली ओ
मौला तेरा माली...

मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां
तू तो पाक रब का बांका बच्चा, राज-दुलारा तू ही
पाक रब का बांका बच्चा, उसका प्यारा तू ही
मालिक ने जो चिंता दी तो, दूर करेगा वो ही
नाम अली का लेके तू...

(कांच कंवारी, शर्म उतारी
चार पे भारी लगे
जाए भाड़ में दुनियादारी
वो तो चली चली चली
अली हो...)

जुगनी रुख पीपल दा होई
जिसनु पूजे ता हर कोई
जिसदी फसल किसे ना बोई
घर वि रख सके ना कोई
रास्ता नाप रही मरजानी
पट्ठी बारिश दा है पानी
जब नज़दीक जहान दे आणि
जुगनी मैली सी हो जानी
तू ले नाम रब दा अली अली
झाल्ल खालेरण छल्ली
नाम रब दा अली अली
हर दरवाज़ा अली
साईं रे..
मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां...

Movie/Album: हाईवे (2014)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: सुल्ताना नूरान, ज्योति नूरान, ए.आर.रहमान

Wednesday, 18 November 2020

कहाँ हूँ मैं

कहाँ हूँ मैं
कहाँ हूँ मैं अब
आहें, डर, खुशी, रास्ते
कच्ची बातें, सच्चे वास्ते
कहीं पे इन सब में
कहाँ हूँ मैं
मैंने भी तो आना था इसी तरफ
मेरी भी तो राहें हैं यहीं कहीं
उलझनों के दो राहें
रास्तों की ये बाहें
आते-जाते पूछती, मैं कहाँ
कहाँ हूँ मैं...
ऊनी ऊनी बादल में गयी सिमट
जैसे मैं हूँ जाड़ों की हवा कोई
सोचूं ना क्या पीछे है
देखूँ ना जो आगे है
मन ये मेरा पूछता, मैं कहाँ
कहाँ हूँ मैं...
यादें अब ज़मीन, ख्वाहिशें
पक्की चाहत, कच्ची कोशिशें
कहीं पे इन सब में
कहाँ हूँ मैं

Movie/Album: हाईवे (2014)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: जोनिता गाँधी

Tuesday, 17 November 2020

सूहा साहा

मैना ने सूहा साहा ले जाना खोय के
मीठी मीठी खेती में खेलन हो
तोता बोले पेड़ों पे, पेड़ से, पूड़ी से
सूहा साहा नींदन में ओखा ना हो
संगी साथी, हंसू ने तारे हो ना हो
सूहा साहा, अम्मा का...
सूहा साहा, अम्मा का...

रैना, कारी कारी कोयलां सी रैना
नींदी तोला, तोला सी नैना
तारों का बिछौना, चैन से सोना
गोटा-गोटा गुदड़ी में घूमेगा घामेगा
सूहा साहा मैना..

टूटा तारा सा, छोटा सा
तारा सा, टूटा रे
पूछे वो देखूँ तेरे ही बारे
क्यूं ना सोये, क्यूं तू रोये
क्यूं तूखोये यूं परदेस में हो
क्यूं तू रूठा, किससे रूठा
क्या है छूटा तेरा देस में हो
जो भी है रूखा-सूखा
मन में वो बोलो तो
खोलो राहें बातों की, बाहें हो

तोता बोले पेड़ों पे, पेड़ से, पूड़ी से
सूहा साहा नींदन में...

Movie/Album: हाईवे (2014)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: ज़ेबुनिषा बंगश (ज़ेब), आलिया भट्ट


Monday, 16 November 2020

तू कुजा, मन कुजा

तू कुजा, मन कुजा
तू कहाँ, मैं कहाँ
कृपा दृष्टि मुझपे भी हो महाराजा
अनगिनत चिंताओं ने घेरा
आस्था है, जो व्यथा है, वो हरेगा तू
सुन मेरी भी, कोई ना मेरा
तू कुजा, मन कुजा...

है भय भयंकर, पथ में कंकर, महाराजा
मुझ अधम से क्यूं तूने मुख फेरा
मैं धरातल से पुकारूँ, हाथ दे अपना
सुन मेरी भी, कोई ना मेरा
निर्धनों का धीर तू है, निर्बलों का बल
सुन मेरी भी कोई ना मेरा
मैं जगत में लापता, मेरा तू पता
मैं कहाँ, बतला?

मैं एकाकी, दे दया की भीख राजा
है धर में, श्वास भी मेरा
तू कुजा, मन कुजा...

मैं कहाँ कहाँ
घनघोर हैं अंधियारे
सब रूठे हैं उजियारे
तन टूटे, मन हारे
किस्मत के डूबे तारे
कोई किरण दिखला रे
हैं सूने पथ सारे
मैं एकाकी, दे दया की भीख राजा
क्या तुझे आभास भी मेरा
तू कुजा, मन कुजा...

Movie/Album: हाईवे (2014)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: सुनिधि चौहान

Sunday, 15 November 2020

हीरा सोई सराहिये

हीरा सोई सराहिये
सहे घनन की चोट
कपट को रंगे मानवा
परखत निकरा खोट

हीरा तहाँ ना खोलिये
जहाँ कुंजड़ों की हाट
सहजे गाँठि बाँधी के
लगिये अपनी बात
हीरा सोई सराहिये...

हीरा परा बाजार में
रहा छार लपटाय
केतिहे मूरख पची मुए
कोई पारखी लिया उठाय
हीरा सोई सराहिये...

Movie/Album: हाईवे (2014)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: संत कबीर
Performed By: श्वेता पंडित

Saturday, 14 November 2020

धीमी धीमी

धीमी धीमी, भीनी भीनी
खुशबू है तेरा बदन
सुलगे महके पिघले दहके
क्यों ना बहके मेरा मन
वो चली हवा, के नशा घुला
हैं समा भी जैसे धुआँ-धुआँ
तेरा रुप है, की ये धूप है
खुले बाल है, के है बदलियाँ
तू जो पास है, मुझे प्यास है
तेरे जिस्म का एहसास है

सांस भी जैसे रुक सी जाती है
तू जो पास आये तो आँच आती है
दिल की धड़कन भी, मेरे सीने में लडखडाती है
ये तेरा तन बदन, कैसी है ये अगन
ठंडक है जिस्म तू वो आग है
बलखाती है जो तू, लहराती है जो तू
लगता है ये बदन, इक राग है
वो चली हवा...

Movie/Album: 1947 अर्थ (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हरिहरन


Friday, 13 November 2020

ये जो ज़िंदगी है

जो अफ़साने दिल ने बुने
उनको कोई दिल ही सुने
हम हौले हौले प्यार की धुंधली फ़िज़ाओं में आये
गहरे गहरे हैं ख़्वाब की नीली घटाओं के साये
हम-तुम दोनों खोये खोये, सपने देखें जागे सोये
गुमसुम हैराँ

ये जो ज़िन्दगी है कोई दास्ताँ है
कब होगा क्या ये खबर कहाँ है
ये जो ज़िन्दगी है कोई कारवाँ है
कहाँ जायेगी ये खबर कहाँ है

सुजाता
बहती हैं चिंगारियाँ जैसे, सर से पाँव तक नस नस में
हल्का हल्का होश है लेकिन, कुछ भी नहीं अब मेरे बस में
मेरे अंग अंग में बेचैनी बिजली बनके लहराये
एक मीठे मीठे दर्द का बादल तन मन पर छाये
साँसें उलझे धड़के ये दिल, जाने कैसे मेरी मुश्किल
होगी आसाँ
ये जो ज़िंदगी है कोई दास्ताँ है...

सुखविंदर
अरे काश मेरी इन आँखों की अब रोशनी बुझ जाये
मैंने देखा था जो ख़्वाब वो मुझको न कभी याद आये
ऐसे बरसे ग़म के तीशे, टूटे दिल के सारे शीशे
दिल है वीराँ
ये जो ज़िंदगी है...

Movie/Album: 1947 अर्थ (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सुखविंदर सिंह, सुजाता त्रिवेदी, श्रीनिवास

Thursday, 12 November 2020

ईश्वर अल्लाह तेरे जहां में

ईश्वर अल्लाह तेरे जहां में
नफ़रत क्यों है जंग है क्यों
तेरा दिल तो इतना बड़ा है
इन्साँ का दिल तंग है क्यों

क़दम क़दम पर सरहद क्यों है, सारी जमीं जो तेरी है
सूरज के फेरे करती है, फिर क्यों इतनी अंधेरी है
इस दुनिया के दामन पर, इन्साँ के लहू का रंग है क्यों
ईश्वर अल्लाह तेरे जहाँ में...

गूँज रही है कितनी चीखें, प्यार की बातें कौन सुने
टूट रहे हैं कितने सपने, इनके टुकड़े कौन चुने
दिल के दरवाज़ों पर ताले, तालों पर ये ज़ंग है क्यों
ईश्वर अल्लाह तेरे जहाँ में...

Movie/Album: 1947 अर्थ (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सुजाता मोहन, अनुराधा सरगम
 

Wednesday, 11 November 2020

तू चले संग चले सभी गुल

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल, अपना है ये ख़याल
है ऐसा लगे वहाँ रोज़ खिले गुल
जहाँ तेरा आना जाना
है ऐसा लगे गुल ग़लती से बन गए
रब ने था तुझे बनाना
ये महका मौसम, हुस्न का आलम
है तेरी ही परछाई
अपना है ये ख़याल, अपना है ये ख़याल
तू चले...

तू जाने, ना जाने. ना माने
जाना तेरा ख़याल, जाना तेरा क्या हाल
तेरे जिया की ताल सुरमयी
आँखों में है शबाब, जैसे खिले गुलाब
देखें ऐसे ही ख़वाब हम कई
तेरे आने से यार ऐसा आया निखार
जैसे आई बहार हो नई
तेरे होंठों के जाम पीलूँ सुबह शाम
तू तो मेरा ही नाम हो गयी
मेरी दुनिया में तूने है रंग भरा
मेरे साथ ये दुनिया देख ज़रा
मेरी तू ही तो है प्यारी दुनिया
सारी दुनिया मेरे हमकदम
तू चले...

दूर खिले रंग कौन सा रंग तेरा है बतलाना
लो हाथ से छूटा दिल, रंग तेरे मैंने रंग है जाना
महक गयी है ले खुशबू, महका तेरा जो है ये आँचल
फूलों की तू है रानी या फिर तू है कोई संदल
धीमी धीमी बातें, सहज सुगम मौसम
पिया मेरे ऐसे मौसम अब आएंगे हरदम
तू जो मुझे हासिल, नैना करे झिलमिल
साथी तेरे होने से है, खुशियों के या काफ़िले
तू चले...

Movie/Album: आई (2015)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल

Tuesday, 10 November 2020

रोजा जानेमन

रोजा जानेमन
तू दिल की धड़कन (तू ही मेरा दिल)
तुझ बिन तरसे नैना
दिल से ना जाती है यादें तुम्हारी
कैसे तुम बिन जीना
आँखों में तू है, आँसूओं में तू है
आँखें बंद कर लूँ, तो मन में भी तू है
ख्वाबों में तू, साँसों में तू
रोज़ा
रोजा जानेमन...

छू के यूँ चली हवा, जैसे छू गये हो तुम
फूल जो खिले थे वो, शूल बन गये हैं क्यों
जी रहा हूँ इसलिए. दिल में प्यार है तेरा
ज़ुल्म से रहा हूँ क्यों, इंतेज़ार है तेरा
तुमसे मिले बिना जान भी ना जाएगी
कयामत से पहले सामने तू आएगी
कहाँ है तू, कैसी है तू
रोज़ा
रोजा जानेमन...

ठंडी ठंडी है हवा, तेरा काम क्या यहाँ
मीत नहीं पास में, चाँदनी तू लौट जा
फूल क्यों खिले हो तुम, ज़ुल्फ़ नहीं वो यहाँ
झुके झुके आसमां, मेरी हँसी ना उड़ा
प्यार के बिना मेरी, ज़िन्दगी उदास है
कोई नहीं है मेरा, सिर्फ़ तेरी आस है
ख्वाबों में तू, साँसों में तू
रोज़ा
रोजा जानेमन...

Music/Album: रोजा (1992)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: पी.के.मिश्रा
Performed By: हरिहरन, सुजाता, एस.पी.बालासुब्रमनियम

Monday, 9 November 2020

किस्सा हम लिखेंगे

किस्सा हम लिखेंगे दिल-ए-बेक़रार का
ख़त में सजा के फूल हम प्यार का
लफ़्ज़ों में लिख देंगे अपना ये हाल-ए-दिल
देखेंगे क्या जवाब आता है फिर यार का

दिल का दीवानापन कहता है ये सजन
क़दमों में आपके लुटा दूँ अपनी जाँ
जान हमारी हो, जाँ से भी प्यारी हो
आपके प्यार की तो दिल में है जगह
दिल में ही बसा के रखना तुम सदा
हम तो ना छोड़ेंगे ये साथ कभी दिलदार का
किस्सा हम लिखेंगे...

चंदा सा चेहरा जब आता है याद जब
दिन में भी छा जाता है रात का समाँ
रातें बेहाल है, सोना मुहाल है
आँखों में आप हैं जी, नींदें हैं कहाँ
मेरी भी निगाहों का अब सुन ले सवाल
पूछती हैं कब आयेगा फिर मौक़ा तेरे दीदार का
किस्सा हम लिखेंगे...

Movie/Album: डोली सजा के रखना (1998)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: अनुराधा पौडवाल, एम.जी.श्रीकुमार

Sunday, 8 November 2020

हो जा रंगीला रे

याई रे याई रे जोर लगा के नाचे रे
याई रे याई रे मिल के धूम मचाये रे
चल मेरे संग-संग, ले-ले दुनिया के रंग
हो जा रंगीला रे, रंग-रंग रंगीला रे

इतने चेहरों में अपने चेहरे की पहचान
बड़े-बड़े नामों में अपना भी नाम-ओ-निशाँ
जीने में फिर तो क्या बात हो
दिन नया और नई रात हो
हर घड़ी बस ख़ुशी साथ हो
याई रे...

अरे यारों मेरे पास तो आओ, मेरी मुश्क़िल दूर भगाओ
कैडबरी बोले मैं मीठा हूँ, अमूल बोले मैं मीठा हूँ
हॉर्लिक्स बोले मैं अच्छा हूँ, कॉम्प्लान बोले मैं अच्छा हूँ
क्या सबने सोचा मैं बच्चा हूँ
चॉकलेट खाने में टेंशन है, दूध पीने में टेंशन है
टेंशन टेंशन टेंशन

लानत है जी उस पर दुनिया में ही रहकर
दुनिया में जो जीने के अन्दाज़ को न जाने
माथे या हाथोँ पे, चाँद या तारों में
क़िस्मत को ढूँढे पर, ख़ुद में क्या है ये ना जाने
ख़ुद पे ही हमको यक़ीं हो
मुश्किलें राह की आसाँ हो
दोनों हाथों में ये जहां हो
याई रे...

Movie/Album: रंगीला (1996)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: आशा भोंसले, आदित्य नारायण

Saturday, 7 November 2020

यारों सुन लो ज़रा

यारों सुन लो ज़रा, हाँ अपना ये कहना
जीना हो तो अपुन के जैसे ही जीना
गाड़ी बंगला नहीँ ना सही ना सही
बैंक बैलेंस नहीँ ना सही ना सही
टीवी विडियो नहीँ ना सही ना सही
सूटिंग शर्टिंग नहीँ ना सही ना सही
इनकी हमको क्यूँ हो फ़िकर
जी लो जैसे मस्त कलंदर

यारों सुन लो ज़रा, हाँ अपना भी कहना
जीना हो तो अपुन के जैसे ही जीना
गाड़ी बंगला अगर हो तो क्या बात है
बैंक बैलेंस से रंगीन दिन-रात है
टीवी विडियो अगर है तो क्या है मज़ा
ड्रेसिंग-वेसिंग से कुछ और ही ठाठ है
इनकी कर लो कुछ तो कदर
यारों थोड़ा जाओ सुधर
यारों सुन लो ज़रा...

हमको देखो हम हैँ यारा अपनी मर्ज़ी के राजा
दुनिया बोले तो मज़ा है, ना कहो ख़ुद को राजा
नाम अपुन का मुन्ना भाई
हम करें वो जो दिल में समाई
अरे धंदा किया ना किया क्या फ़िकर
कौन आया गया दुनिया में क्या ख़बर
इस दुनिया से तुम जो रहे बेख़बर
कहीं दुनिया तुम्हें ना भुलाये
यारों सुन लो ज़रा...

कल का क्या है किसने देखा हम तो आज में जीते हैं
जिनमें हिम्मत है नहीं वो ऐसी बातें करते हैं
इसकी तो तुम बात ना करना
हमको दादा सब कहते हैं
अरे शेरों के जैसा है अपना जिगर
ऊँचा ही रहा है सदा अपना सर
सर से ज्यादा ऊँची रहे ये नज़र
आसमां फिर तो सर को झुकाये
यारों सुन लो ज़रा...

Movie/Album: रंगीला (1996)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: उदित नारायण, के.एस.चित्रा

Friday, 6 November 2020

रहते थे कभी जिनके दिल में हम

रहते थे कभी जिनके दिल में हम
जान से भी प्यारों की तरह
बैठे हैं उन्हीं के कूचे में हम
आज गुनहगारों की तरह
रहते थे कभी जिनके...

दावा था जिन्हें हमदर्दी का
ख़ुद आ के न पूछा हाल कभी
महफ़िल में बुलाया है हम पे
हँसने को सितमगारों की तरह
रहते थे कभी जिनके...

बरसों के सुलगते तन मन पर
अश्कों के तो छींटे दे ना सके
तपते हुए दिल के ज़ख़्मों पर
बरसे भी तो अंगारों की तरह
रहते थे कभी जिनके...

सौ रुप भरे जीने के लिए
बैठे हैं हज़ारों ज़हर पिये
ठोकर न लगाना हम ख़ुद हैं
गिरती हुई दीवारों की तरह
रहते थे कभी जिनके...

Movie/Album: ममता (1966)
Music By: रोशन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

Thursday, 5 November 2020

प्यार ये जाने कैसा है

प्यार ये जाने कैसा है
क्या कहें ये कुछ ऐसा है
कभी दर्द ये देता है, कभी चैन ये देता है
कभी ग़म देता है, कभी ख़ुशी देता है

दिन तो गुज़रता है जिसके ख़यालों में
रातें गुज़रती हैं उसकी ही यादों में
वक़्त मिलन का आये तो बागों में
झूमें बहारें फूलों की गलियों में
भँवरों की टोली आये
कलियों पे वो मंडलाए
डर ये ख़िज़ां का भी दिल से मिटाये
प्यार ये जाने कैसा है...

आँखों पे छाये ये सपना बन के तो
कोई पराया आये अपना बन के
चलते-चलते राहों की धूप में
साथी मिल जाये कोई साया बन के
मंज़िल आये न आये
या कोई तूफ़ाँ आये
दिलवालों को ये जीना सिखाये
प्यार ये जाने कैसा है...

Movie/Album: रंगीला (1996)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: कविता कृष्णमूर्ति, सुरेश वाडकर

Wednesday, 4 November 2020

ये हसीं वादियां

ये हसीं वादियां, ये खुला आसमां
आ गये हम कहाँ, ऐ मेरे साजना
इन बहारों में दिल की कली खिल गयी
मुझको तुम जो मिले हर खुशी मिल गयी
तेरे होठों पे हैं हुस्न की बिजलियां
तेरे गालों पे हैं ज़ुल्फ़ की बदलियां
तेरे दामन की खुशबू से महके चमन
संग-ए-मरमर के जैसा है तेरा बदन
मेरी जानेजां मैं तेरी चाँदनी
छेड़ लो तुम आज कोई, प्यार की रागिनी
ये हसीं वादियां ये खुला आसमां

ये बन्धन है प्यार का, देखो टूटे ना सजनी
ये जन्मों का साथ है, देखो छूटे ना सजना
तेरे आँचल की छांव के तले, मेरी मंज़िल मुझे मिल गयी
तेरी पलकों की छांव के तले, मुहब्बत मुझे मिल गयी
ये हसीं वादियाँ...

जी करता है साजना, दिल में तुमको बिठा लूँ
आ मस्ती की रात में, अपना तुमको बना लूँ
उठने लगे हैं तूफ़ान क्यों, मेरे सीने में ऐ सनम
तुम्हें चाहूँगा दिल-ओ-जान से, मेरी जान-ए-जां मेरी क़सम
ये हसीं वादियाँ...

Movie/Album: रोजा (1993)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: पी.के.मिश्रा
Performed By: एस.पी.बालासुब्रमन्यम, के.एस.चित्रा

Tuesday, 3 November 2020

एक बगिया में रहती है एक मैना

एक बगिया में रहती है एक मैना
पूछती है के बोलो क्या है कहना
मेरा रंग हसीं है क्या, मेरा अंग हसीं है क्या
कभी पूछे तो मेरा जवाब यही होगा
ऊ ला ला ला...

एक है रास्ता, रस्ते में गाड़ी
है गाड़ी में है लड़की
मैंने जो पूछा रंग साड़ी का
वो बोली धनक जैसा
रिम झिम बरसे जलती तपती धरती पर जो कभी पानी
उठे धरती से सौंधी सौंधी खुशबुओं की धनकें सुहानी
ऊ ला ला ला...

झूमे जा, झूमे जा, ज़िन्दगी के फल कोई, ये प्यार से चखे तो मीठे हैं
झूमे जा, झूमे जा, पंछियों के सुर कोई, ध्यान से सुने तो मीठे हैं
कानों में, हैं मेरे, सारी दुनिया की आवाजें
उनसे बनी तसवीरें कई
झूमे जा, झूमे जा, राही तू झूमे जा, भूल जा परेशानियां
रिम झिम बरसे जलती तपती धरती पर जो कभी पानी
उठे धरती से सौंधी सौंधी खुशबुओं की धनकें सुहानी
ऊ ला ला ला...
एक बगिया में रहती है एक मैना...

झूमे जा, झूमे जा, जब तक है जीवन में ये सर्दी गर्मी ये हवा
झूमे जा, झूमे जा, दुनिया में हर दिल को है गीत कोई तो मिला
गीतों में है जिनके प्यार सपनों की दुनिया ही
उनको मिलती हैं राहें नयी
झूमे जा, झूमे जा, बादल जो है गरजा, दिल पे बनी परछाइयां
रिम झिम बरसे जलती तपती धरती पर जो कभी पानी
उठे धरती से सौंधी सौंधी खुशबुओं की धनकें सुहानी
ऊ ला ला ला...एक बगिया में रहती है एक मैना...

Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: शंकर महादेवन, के.एस.चित्रा, श्रीनिवास

Monday, 2 November 2020

कहीं आग लगे

जाए ना ना ना
पीड़ सहा नहीं जाए

जंगल में बोले कोयल कू कू कू...

कहीं आग लगे लग जावे, कोई नाग डसे डस जावेकभी गगन गिर जावे, चाहे कुछ भी हो जाए
इस टूटे दिल की पीड़ सही ना जाए

आओ सईयाँ आओ सईयाँ...

जाए जां, ना जाए जिया
जाए जिया, ना जाए जिया
हर वक़्त गुज़र जाता है, पर दर्द ठहर जाता है
सब भूल भी जाए कोई, कुछ याद मगर आता है
जिस पेड़ को बेल ये लिपटी, वो सूखे टूटे सिमटी
फूलों के बाग का वादा, पर काटें बड़े ज़ियादा
ना दवा लगे, ना दुआ लगे, ये प्रेम रोग है कु कु कु
कहीं आग लगे...

प्यार बड़ा हरजाई है, पर प्यार बिना तन्हाई है
दिल मत देना कहते हैं, सब दिल देते रहते हैं
जब नींद चुरा लेते हैं, रत जगे मज़ा देते हैं
खुशियाँ किसी के गम से, रौनक किसी के दम से
कोई वचन नहीं चलता है, कोई जतन नहीं चलता है
ना हो ये रोग, तो सारे लोग, ले लेवें जोग, कु कु कु
जंगल में बोले कोयल...

Movie/Album: ताल (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: आशा भोंसले, ऋचा शर्मा, आदित्य नारायण


Sunday, 1 November 2020

रुखी सुखी रोटी

ए मंजरी
रुखी सुखी रोटी तेरे हाथों से, खा के आया मज़ा बड़ा
ठंडा ठंडा पानी तेरे आँगन का, पी के छाया नशा नशा
बोले जो मुझसे तु वो मैं कर जाऊँ
तेरे सीने से लग के मैं मर जाऊँ
तौबा ओ तौबा तु क्या बोला
धड़क धड़क मेरा दिल डोला

चलो जी कोई तितली पकड़ते हैं
चलो जी किसी पेड़ पे चढ़ते हैं
क्या होगा जो मैं पेड़ से गिर गई गई गई गई
ओ मुझे दर्द बड़ा होगा तुझको चोट अगर लग गई
लई लई...
ये तो पुरानी लई लई लई, प्रेम कहानी लई लई लई
बात कोई कर आज नई नई नई..
प्यार में दिन आये कैसे रोग लगे हमको ऐसे
नाच उठे दो दिल जैसे ता-थई, ता-थई, ता-थई
तौबा ओ तौबा...

ओ प्यारी मंजरी, प्यार मंजरी...

चलो जी नदिया में नहाएँगे
नहीं जी पहले आम चुराएँगे
पकड़े गए तो बड़ी मार पड़ेगी, नहीं नहीं नहीं
अरे प्यार-व्यार जो करते हैं, वो मार से डरते नहीं
लई लई...
बात बदल गई लई लई लई
बच के निकल गई लई लई लई
चाल ये कैसी तु चल गई गई गई
तीर चला दिल पर लागा, दर्द बड़ा मीठा जागा
धक धक जोर से दिल भागा, दिल्ली से मुंबई
रुखी सुखी रोटी मेरे हाथों से खा के आया मज़ा तुझे
हे रुखी सुखी रोटी...

Movie/Album: नायक (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: शंकर महादेवन,अलका याग्निक