Monday, 10 May 2021

मन की डोरी

जिस पल से देखा है तुझको
मन ये पगल गया रे
पीछे-पीछे देखो
तेरे हद से निकल गया रे

हो जिस पल से देखा है तुझको...
तू जहाँ वहाँ ले के जाए
ये राहें मोरी
कि तुझ संग बाँधी
कि तुझ संग बाँधी
कि तुझ संग बाँधी
ये मन की डोरी
कि तुझ संग बाँधी
ये मन की डोरी
कि तुझ संग बाँधी
ये मन की डोरी
रे रे रे
तुझ संग बाँधी
ये मन की डोरी

हो दाँतों से काटे
हाथों से खींचे
डोर ये तेरी मेरी
तोड़े ना टूटे
हो धूप के दिन हो या
सर्दी की रातें
डोर ये तेरी मेरी
छोड़े ना छूटे

तू जहाँ वहाँ ले के जाए...

Movie/Album: गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल (2020)
Music By: अमित त्रिवेदी
Lyrics By: कौसर मुनीर
Performed By: अरमान मलिक, पलक मुछाल


 

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