Monday, 3 May 2021

चोरी-चोरी सपनों में आता है कोई

चोरी-चोरी सपनों में आता है कोई
सारी-सारी रात जगाता है कोई
दिल मेरा दिल बेक़रार हो गया
ऐसा लगता है मुझे प्यार हो गया
चोरी-चोरी सपनों में...

बहके-बहके कदम हैं, पहला-पहला नशा है
जाने क्या हो गया कब, कुछ मुझे ना पता है
अपनी दीवानगी का, हाल कैसे सुनाऊँ
हो रहा दिल में क्या-क्या, कैसे उसको बताऊँ
धीरे-धीरे दर्द बढ़ाता है कोई
हौले-हौले मुझे तड़पाता है कोई
दिल मेरा दिल बेक़रार...

ऐसा पहले कभी तो मुझको होता नहीं था
होश उड़ता नहीं था, चैन खोता नहीं था
अब तो करवट बदल के रात भर जागती हूँ
रहती हूँ खोयी-खोयी, जाने क्या सोचती हूँ
आते-जाते होश उड़ाता है कोई
कैसे-कैसे मुझको सताता है कोई
दिल मेरा दिल बेक़रार...

Movie/Album: चल मेरे भाई (2000)
Music By: आनंद-मिलिंद
Lyrics By: समीर
Performed By: अल्का याग्निक, अभिजीत

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