यारों सुन लो ज़रा, हाँ अपना ये कहना
जीना हो तो अपुन के जैसे ही जीना
गाड़ी बंगला नहीँ ना सही ना सही
बैंक बैलेंस नहीँ ना सही ना सही
टीवी विडियो नहीँ ना सही ना सही
सूटिंग शर्टिंग नहीँ ना सही ना सही
इनकी हमको क्यूँ हो फ़िकर
जी लो जैसे मस्त कलंदर
यारों सुन लो ज़रा, हाँ अपना भी कहना
जीना हो तो अपुन के जैसे ही जीना
गाड़ी बंगला अगर हो तो क्या बात है
बैंक बैलेंस से रंगीन दिन-रात है
टीवी विडियो अगर है तो क्या है मज़ा
ड्रेसिंग-वेसिंग से कुछ और ही ठाठ है
इनकी कर लो कुछ तो कदर
यारों थोड़ा जाओ सुधर
यारों सुन लो ज़रा...
हमको देखो हम हैँ यारा अपनी मर्ज़ी के राजा
दुनिया बोले तो मज़ा है, ना कहो ख़ुद को राजा
नाम अपुन का मुन्ना भाई
हम करें वो जो दिल में समाई
अरे धंदा किया ना किया क्या फ़िकर
कौन आया गया दुनिया में क्या ख़बर
इस दुनिया से तुम जो रहे बेख़बर
कहीं दुनिया तुम्हें ना भुलाये
यारों सुन लो ज़रा...
कल का क्या है किसने देखा हम तो आज में जीते हैं
जिनमें हिम्मत है नहीं वो ऐसी बातें करते हैं
इसकी तो तुम बात ना करना
हमको दादा सब कहते हैं
अरे शेरों के जैसा है अपना जिगर
ऊँचा ही रहा है सदा अपना सर
सर से ज्यादा ऊँची रहे ये नज़र
आसमां फिर तो सर को झुकाये
यारों सुन लो ज़रा...
Movie/Album: रंगीला (1996)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: उदित नारायण, के.एस.चित्रा
No comments:
Post a Comment