Tuesday, 3 November 2020

एक बगिया में रहती है एक मैना

एक बगिया में रहती है एक मैना
पूछती है के बोलो क्या है कहना
मेरा रंग हसीं है क्या, मेरा अंग हसीं है क्या
कभी पूछे तो मेरा जवाब यही होगा
ऊ ला ला ला...

एक है रास्ता, रस्ते में गाड़ी
है गाड़ी में है लड़की
मैंने जो पूछा रंग साड़ी का
वो बोली धनक जैसा
रिम झिम बरसे जलती तपती धरती पर जो कभी पानी
उठे धरती से सौंधी सौंधी खुशबुओं की धनकें सुहानी
ऊ ला ला ला...

झूमे जा, झूमे जा, ज़िन्दगी के फल कोई, ये प्यार से चखे तो मीठे हैं
झूमे जा, झूमे जा, पंछियों के सुर कोई, ध्यान से सुने तो मीठे हैं
कानों में, हैं मेरे, सारी दुनिया की आवाजें
उनसे बनी तसवीरें कई
झूमे जा, झूमे जा, राही तू झूमे जा, भूल जा परेशानियां
रिम झिम बरसे जलती तपती धरती पर जो कभी पानी
उठे धरती से सौंधी सौंधी खुशबुओं की धनकें सुहानी
ऊ ला ला ला...
एक बगिया में रहती है एक मैना...

झूमे जा, झूमे जा, जब तक है जीवन में ये सर्दी गर्मी ये हवा
झूमे जा, झूमे जा, दुनिया में हर दिल को है गीत कोई तो मिला
गीतों में है जिनके प्यार सपनों की दुनिया ही
उनको मिलती हैं राहें नयी
झूमे जा, झूमे जा, बादल जो है गरजा, दिल पे बनी परछाइयां
रिम झिम बरसे जलती तपती धरती पर जो कभी पानी
उठे धरती से सौंधी सौंधी खुशबुओं की धनकें सुहानी
ऊ ला ला ला...एक बगिया में रहती है एक मैना...

Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: शंकर महादेवन, के.एस.चित्रा, श्रीनिवास

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