Thursday, 30 July 2020

कौन आया मेरे मन के द्वारे


कौन आया मेरे मन के द्वारे

पायल की झनकार लिये
कौन आया मेरे मन...



आँख न जाने दिल पहचाने
सूरतिया कुछ ऐसी
याद करुँ तो याद न आये
मूरतिया ये कैसी
पागल मनवा सोच में डूबा
सपनों का सनसार (संसार) लिये
कौन आया मेरे मन...



इक पल सोचूँ मेरी आशा
रूप बदल कर आई
दूजे पल फिर ध्यान ये आए
हो न कहीं परछाईं
जो परदेसी के घर आई
एक अनोखा प्यार लिये
कौन आया मेरे मन...



Movie/Album: देख कबीरा रोया (1957)

Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजिंदर कृषण
Performed By: मन्ना डे

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