प्रीतम दरस दिखाओ
तुम बिन रो रो रैन बितायी
भोर भयी, घर आओ
सगरी रैन के जगते नैना, बाट तकत अब हारे
बोलो कब तक आस लगाये, खड़ी रहू मैं द्वारे
और न अब तरसाओ
बुझ गया एक एक कर के अब तो रैन का हर उजियारा
रह गयो साथी मुझ पापन का बस एक भोर का तारा
तुम साथी बन जाओ
Movie/Album: Chacha Zindabad (1959)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजिंदर कृषण
Performed By: मन्ना डे, लता
👌👌👌👌👌
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