लग जा गले के फिर ये
हसीं रात हो ना हो
शायद फिर इस जनम में
मुलाक़ात हो ना हो
लग जा गले...
हमको मिली हैं आज ये घड़ियाँ नसीब से
जी भर के देख लीजिये, हमको करीब से
फिर आप के नसीब में, ये बात हो ना हो
शायद फिर इस...
पास आईये के हम नहीं आयेंगे बार-बार
बाहें गले में डाल के, हम रो लें ज़ार-ज़ार
आँखों से फिर ये प्यार की बरसात हो ना हो
शायद फिर इस...
Movie/Album: वो कौन थी (1964)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहंदी अली खान
Performed By: लता मंगेशकर
No comments:
Post a Comment