Monday, 10 August 2020

धरती कहे पुकार के

भाई रे

गंगा और जमुना की तू गहरी है धार

आगे या पीछे, सबको जाना है पार
धरती कहे पुकार के, बीज बिछा ले प्यार के
मौसम बीता जाए, मौसम बीता जाए
मौसम बीता जाए...

अपनी कहानी छोड़ जा, कुछ तो निशानी छोड़ जा
कौन कहे इत ओर तू फिर आए न आए
मौसम बीता जाए...



तेरी राह में कलियों ने नैना बिछाए
डाली-डाली कोयल काली
तेरे गीत गाए, तेरे गीत गाए
अपनी कहानी छोड़ जा...



हो भाई रे...



नीला अम्बर मुस्काए, हर साँस तराने गाए
हाय तेरा दिल क्यूँ मुरझाए
मन की बंसी पे तू भी कोई धुन बजा ले भाई
तू भी मुस्कुरा ले
अपनी कहानी छोड़ जा...




Movie/Album: दो बीघा ज़मीन (1953)

Music By: सलिल चौधरी
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर, मन्ना डे

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