Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मन्ना डे
दिल का हाल सुने दिलवाला
सीधी सी बात न मिर्च मसाला
कहके रहेगा कहनेवाला
दिल का हाल सुने दिलवाला
छोटे से घर में गरीब का बेटा
मैं भी हूँ माँ के नसीब का बेटा
रन्ज-ओ-ग़म बचपन के साथी
आँधियों में जली जीवन बाती
भूख ने हैं बड़े प्यार से पाला
दिल का हाल...
हाय करूँ क्या सूरत ऐसी
गांठ के पूरे चोर के जैसी
चलता फिरता जान के एक दिन
बिन देखे-पहचान के एक दिन
बांध के ले गया पुलिसवाला
दिल का हाल...
बूढ़े दरोगा ने चश्मे से देखा
आगे से देखा, पीछे से देखा
ऊपर से देखा, नीचे से देखा
बोला ये क्या कर बैठे घोटाला
हाय ये क्या कर बैठे घोटाला
ये तो है थानेदार का साला
दिल का हाल...
ग़म से अभी आज़ाद नहीं मैं
ख़ुश हूँ मगर आबाद नहीं मैं
मंज़िल मेरे पास खड़ी है
पाँव में लेकिन बेड़ी पड़ी है
टांग अड़ाता है दौलतवाला
दिल का हाल...
सुन लो मगर ये किसी से न कहना
तिनके का ले के सहारा न बहना
बिन मौसम मल्हार न गाना
आधी रात को मत चिल्लाना लाना
वरना पकड़ लेगा पुलिसवाला
दिल का हाल...
दिल का हाल...
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