Saturday, 8 August 2020

पैरों में बन्धन है

 पैरों में बन्धन है पायल ने मचाया शोर

सब दरवाज़े कर लो बन्द देखो आये आये चोर

पैरों में बन्धन है

तोड़ दे सारे बन्धन तू मचने दे पायल का शोर

दिल के सब दरवाज़े खोल देखो आये आये चोर

पैरों में बन्धन है


कहूँ मैं क्या, करूँ मैं क्या

शरम आ जाती है

न यूँ तड़पा कि मेरी जान

निकलती जाती है

तू आशिक़ है मेरा सच्चा यक़ीं तो आने दे

तेरे दिल में अगर शक़ है तो बस फिर जाने दे

इतनी जळी लाज का घूँघत न खोलूँगी

सोचूँगी फिर सोच के कल परसों बोलूँगी

तू आज भी हाँ न बोली

ओय कुड़िये तेरी डोली ले न जाये कोई और

पैरों में बन्धन है ...


जिन्हें मिलना है कुछ भी हो 

अजी मिल जाते हैं

दिलों के फूल तो

पतझड़ में भी खिल जाते हैं

ज़माना दोस्तों दिल को दीवाना कहता है

दीवाना दिल ज़माने को दीवाना कहता है

ले मैं सैंया आ गयी सारी दुनियाँ को छोड़ के

तेरा बन्धन बाँध लिया सारे बन्धन तोड़ के

एक दूजे से जुड़ जायें

आ हम दोनो उड़ जायें जैसे संग पतंग और डोर

पैरों में बन्धन है ...

Movie/album: मोहब्बतें
Singers: ईशान, 
Song Lyricists: आनंद बक्शी
Music Composer: जतिन पंडित

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