पिया ऐसो जिया में समाय गयो रे
के मैं तन मन की सुध-बुध गवाँ बैठी
हर आहट पे समझी वो आय गयो रे
झट घूँघट में मुखड़ा छुपा बैठी
मोरे अंगना में जब पुरवैया चली
मोरे द्वारे की खुल गई किवड़िया
मैंने जाना के आ गये सावारियाँ मोरे
झट फूलन की सजिया पे जा बैठी
पिया ऐसो जिया में...
मैंने सेंदूर से माँग अपनी भरी
रूप सैयाँ के कारण सजाया
इस डर से के पी की नजर ना लगे
झट नैनन में कजरा लगा बैठी
पिया ऐसो जिया में...
Movie/Album: साहिब बीबी और ग़ुलाम (1962)
Music By: हेमंत कुमार
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: गीता दत्त
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