जय हो
आजा आजा जींद शामियाने के तले
आजा ज़री वाले नीले आसमान के तले
जय हो
रत्ती रत्ती सच्ची मैंने जान गंवाई है
नच-नच कोयलों पे रात बिताई है
अंखियों की नींद मैंने फूंकों से उड़ा दी
गिन गिन तारे मैंने ऊँगली जलाई है
चख ले हाँ चख ले ये रात शहद है
चख ले रख ले
दिल है दिल आखरी हद है
रख ले काला काला काजल तेरा
कोई काला जादू है ना
कब से हाँ कब से जो लब पे रुकी है
कह दे कह दे हाँ कह दे
अब आँख झुकी है
ऐसी ऐसी रोशन आँखें
रोशन दोनों हीरे हैं क्या
Movie/Album: स्लमडॉग मिलिनेयर (2008)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान, सुखविंदर सिंह, तन्वी शाह, महालक्ष्मी अईयर
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