ऐ साला
अभी अभी, हुआ यकीं
की आग है, मुझ में कहीं
हुई सुबह, मैं जल गया
सूरज को मैं, निगल गया
रूबरू, रौशनी
रूबरू, रौशनी, हे
जो गुमशुदा सा, ख्वाब था
वो मिल गया, वो खिल गया
वो लोहा था, पिघल गया
खिंचा-खिंचा, मचल गया
सितार में, बदल गया
रूबरू, रौशनी...
धुआँ छँटा खुला गगन मेरा
नई डगर नया सफ़र मेरा
जो बन सके तू हमसफ़र मेरा
नज़र मिला ज़रा
धुआँ छँटा खुला गगन...
आँधियों से झगड़ रही है लौ मेरी
अब मशालों सी बढ़ रही है लौ मेरी
नामो निशाँ, रहे ना रहे
ये कारवाँ, रहे ना रहे
उजाले मैं, पी गया
रौशन हुआ, जी गया
क्यूँ सहते रहे
रूबरू, रौशनी...
Movie/Album: रंग दे बसंती (2006)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: नरेश अय्यर, ए आर रहमान
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