Monday, 4 January 2021

ऐ अजनबी

ऐ अजनबी तू भी कभी आवाज़ दे कहीं से
मैं यहाँ टुकड़ों में जी रहा हूँ
तू कहीं टुकड़ों में जी रही है
ऐ अजनबी...

रोज़-रोज़ रेशम सी हवा आते-जाते कहती है बता
रेशम सी हवा कहती है बता
वो जो दूध धुली मासूम कली
वो है कहाँ, कहाँ है
वो रौशनी कहाँ है
वो जान सी कहाँ है
मैं अधूरा तू अधूरी जी रहे हैं
ऐ अजनबी...

तू तो नहीं है, लेकिन तेरी मुस्कुराहटें हैं
चेहरा कहीं नहीं है, पर तेरी आहटें हैं
तू है कहाँ, कहाँ है
तेरा निशाँ कहाँ है
मेरा जहाँ कहाँ है
मैं अधूरा तू अधूरी जी रहे हैं
ऐ अजनबी...

Movie/Album: दिल से (1998)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: उदित नारायण, महालक्ष्मी अय्यर

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