Sunday, 31 January 2021

कोई दोस्त है न

कोई दोस्त है न रक़ीब है
तेरा शहर कितना अजीब है
कोई दोस्त है...

वो जो इश्क़ था वो जुनून था
ये जो हिज्र है ये नसीब है
कोई दोस्त है...

यहाँ किस का चेहरा पढ़ा करूँ
यहाँ कौन इतना करीब है
तेरा शहर कितना...

मैं किसे कहूँ मेरे साथ चल
यहाँ सब के सर पे सलीब है
कोई दोस्त है...

Movie/Album: विज़न्स- वॉल्यूम 2 (1992 )
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: राना सहरी
Performed By: जगजीत सिंह


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