Tuesday, 19 January 2021

खून चला

कुछ कर गुज़रने को, ख़ून चला ख़ून चला
आँखों के शीशे में, उतरने को ख़ून चला
बदन से टपक कर, ज़मीं से लिपटकर
गलियों से रस्तों से, उभरकर उमड़कर
नए रंग भरने को, ख़ून चला ख़ून चला

खुली सी चोट लेकर, बड़ी सी टीस लेकर
आहिस्ता, आहिस्ता
सवालों की उंगली, जवाबों की मुट्ठी
संग लेकर, खून चला
कुछ कर गुज़रने को...
खून चला...

Movie/Album: रंग दे बसंती (2006)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: मोहित चौहान

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