Friday, 16 April 2021

आँखें भी होती हैं दिल की ज़ुबाँ

आँखें भी होती हैं दिल की ज़ुबाँ
बिन बोले कर देती हैं, हालत ये पल में बयाँ
आँखें भी होती...

ख़ामोशी भी तो प्यार में
रखती बहुत ही असर है
कब इश्क हो जाये यहाँ
दिल को कहाँ ये खबर है
दो दिल के ये सिलसिले
छुप सके है कहाँ
आँखें भी होती...

नींद आये ना जब आँखों में
बढ़ने लगे बेकरारी
शबनम को भी छूने से जब
महसूस हो चिंगारी
तो ऐसा क्यों लगता है
एक है ज़मीं-आसमाँ
आँखें भी होती...

Movie/Album: हासिल (2003)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: इसरार अंसारी
Performed By: अभिजीत

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