Thursday, 29 April 2021

देने वाला जब भी देता

पैसा पैसा, मनी मनी
भाई अपना भी टाइम है भाई
नोट छपरेले हैं

खुशियों की बारात है
पैसों की बरसात है
सच्चे हो गए सारे सपने
खुले नसीबा यार के
देनेवाला जब भी देता
देता छप्पर फाड़ के
किती किती कितना, किती किती कितना
दिक् ताना, दिक् ताना, तिकना तिकना

सब कहते हैं हलो हलो
साथ हमारे चलो चलो
सबको मुझसे काम है
दुनिया भर में नाम है
बंगला भी है, गाड़ी भी है
महकी-महकी बाड़ी भी है
देने वाला जब भी देता...

मीठा है जल जोग का
खाना छप्पन भोग का
साक़ी मीना जाम है
पिस्ता है, बादाम है
सेज सजी है फूलों वाली
आने वाली है नखराली
देने वाला जब भी देता...

पेरिस वाला सूट है
ये लन्दन का बूट है
हाँ अपना भी इस्टाइल है
अरे हाथों में मोबाइल है
मुझको पकड़े, अरे मुझको चूमे
आगे पीछे परियाँ घूमें
देने वाला जब भी देता...

Movie/Album: हेरा फेरी (2000)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: समीर
Performed By: अभिजीत, अनु मलिक, हरिहरन, विनोद राठोड़

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