Wednesday, 7 April 2021

मेरी आँखों ने चुना है

चाँद भी देखा, फूल भी देखा
बादल, बिजली, तितली, जुगनूं
कोई नहीं है ऐसा
तेरा हुस्न है जैसा

मेरी निगाह ने, ये कैसा ख्वाब देखा है
ज़मीं पे चलता हुआ, माहताब देखा है

मेरी आँखों ने चुना है तुझको दुनिया देखकर
किसका चेहरा अब मैं देखूँ तेरा चेहरा देखकर
मेरी आँखों ने चुना है...

नींद भी देखी, ख्वाब भी देखा
चूड़ी, बिंदिया, दर्पण, खुशबू
कोई नहीं है ऐसा
तेरा प्यार है जैसा
मेरी आँखों ने चुना है...

रंग भी देखा, रूप भी देखा
रस्ता, मंज़िल, साहिल, महफ़िल
कोई नहीं है ऐसा
तेरा साथ है जैसा
मेरी आँखों ने चुना है...

बहुत खूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
बना दीजिए इनको किस्मत हमारी
उसे और क्या चाहिये ज़िन्दगी में
जिसे मिल गई है मुहब्बत तुम्हारी

Movie/Album: तरकीब (2000)
Music By: आदेश श्रीवास्तव
Lyrics By: निदा फ़ाज़ली
Performed By: जगजीत सिंह, अलका याग्निक

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