Sunday, 21 February 2021

एक परवाज़ दिखाई दी है

एक परवाज़ दिखाई दी है
तेरी आवाज़ सुनाई दी है
एक परवाज़ दिखाई...

जिसकी आँखों में कटी थी सदियाँ
उसने सदियों की जुदाई दी है
तेरी आवाज़...

सिर्फ़ एक सफ़हा पलट कर उसने
सारी बातों की सफ़ाई दी है
तेरी आवाज़...

फिर वहीं लौट के जाना होगा
यार ने कैसी रिहाई दी है
तेरी आवाज़...

आग में क्या-क्या जला है शब भर
कितनी खुशरंग दिखाई दी है
तेरी आवाज़...

Movie/Album: मरासिम (2000)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: जगजीत सिंह


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