Tuesday, 9 February 2021

कोई समझेगा क्या

कोई समझेगा क्या राज़-ए-गुलशन
जब तक उलझे ना काँटों से दामन

यक-ब-यक सामने आना जाना
रुक न जाए कहीं दिल की धड़कन
कोई समझेगा क्या...

गुल तो गुल, ख़ार तक चुन लिए हैं
फिर भी खाली है गुलचीं का दामन
कोई समझेगा क्या...

कितनी आराइश-ए-आशियाना
टूट जाए ना शाख़-ए-नशेमन
कोई समझेगा क्या...

अज़मत-ए-आशियाना बढ़ा दी
बर्क़ को दोस्त समझूँ के दुश्मन
कोई समझेगा क्या...

Movie/Album: समवन समवेयर (1986)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: फ़ना निज़ामी
Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह

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