Wednesday, 3 February 2021

हमराही जब हो मस्ताना

हमराही जब हो मस्ताना
मौज में हो दिल दीवाना
फिर चलने वाले रुकते हैं कहाँ
ये ख़ुमार, ये नशा, जवाँ बेख़ुदी
अब ना कोई नगर, ना कोई गली
दिन वहाँ रात यहाँ
हमराही जब हो मस्ताना...

डगमग चलना शहरों में बाज़ारों में
महके-महके फिरना गुलज़ारों में
हम दिलवाले चंचल ऐसे तौबा
हलचल सी पड़ जाये दिलदारों में
इस मस्ती में सब चलता है
अब कोई क्या सोच रहा है
हम मतवाले क्या जाने
हमराही जब हो मस्ताना...

चढ़ती जवानी तेरी-मेरी
मिल जाने में काहे की है देरी
जोश में आ के चल निकले हैं हम यारा
होने दे धड़कन की हेरा-फेरी
प्यार की रस्में फिर सोचेंगे
ठीक है क्या और गलती क्या है
हम मतवाले क्या जाने
हमराही जब हो मस्ताना...

Movie/Album: पुकार (2000)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: हेमा सरदेसाई, उदित नारायण

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