Wednesday, 24 February 2021

सारे बदन का ख़ून

सारे बदन का ख़ून, पसीने में जल गया
इतना चले के जिस्म हमारा पिघल गया
सारे बदन का ख़ून...

चलते थे, गिन रहे थे मुसीबत के रात-दिन
दम लेने हम जो बैठ गए, दम निकल गया
इतना चले के...

अच्छा हुआ, जो राह में ठोकर लगी हमें
हम गिर पड़े तो सारा ज़माना संभल गया
इतना चले के...

वहशत में कोई साथ हमारा ना दे सका
दामन की फ़िक्र की तो गिरेबाँ निकल गया
इतना चले के...

Movie/Album: बियॉन्ड टाइम (1987)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: महमूद दुर्रानी
Performed By: चित्रा सिंह

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