Monday, 15 February 2021

दोस्ती जब किसी से

दोस्ती जब किसी से की जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए

मौत का ज़हर है फ़िज़ाओं में
अब कहाँ जा के साँस ली जाए
दुश्मनों की...

बस इसी सोच में हूँ डूबा हुआ
ये नदी कैसे पार की जाए
दुश्मनों की...

मेरे माज़ी के ज़ख़्म भरने लगे
आज फिर कोई भूल की जाए
दुश्मनों की...

बोतलें खोल के तो पी बरसों
आज दिल खोल कर भी पी जाए
दुश्मनों की...

Movie/Album: इन सर्च (1996)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: राहत इंदौरी
Performed By: जगजीत सिंह

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