Wednesday, 17 February 2021

आँख से आँख मिला

आँख से आँख मिला, बात बनाता क्यूँ है
तू अगर मुझसे ख़फ़ा है तो छुपाता क्यूँ है
आँख से आँख मिला...

ग़ैर लगता है न अपनों की तरह मिलता है
तू ज़माने की तरह मुझको सताता क्यूँ है

वक़्त के साथ ख़यालात बदल जाते हैं
ये हक़ीक़त है मगर मुझको सुनाता क्यूँ है

एक मुद्दत से जहाँ क़ाफ़िले गुज़रे ही नहीं
ऐसी राहों पे चराग़ों को जलाता क्यूँ है
तू अगर मुझसे ख़फ़ा...

Movie/Album: अ साउंड अफेयर (1985)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सईद राही
Performed By: चित्रा सिंह

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