जाते-जाते वो मुझे
अच्छी निशानी दे गया
उम्र भर दोहराऊँगा
ऐसी कहानी दे गया
जाते जाते वो मुझे...
उससे मैं कुछ पा सकूँ
ऐसी कहाँ उम्मीद थी
ग़म भी वो शायद बराए
महरबानी दे गया
उम्र भर दोहराऊँगा...
सब हवाएँ ले गया
मेरे समंदर की कोई
और मुझको एक कश्ती
बादबानी दे गया
उम्र भर दोहराऊँगा...
खैर मैं प्यासा रहा
पर उसने इतना तो किया
मेरी पलकों की कतारों को
वो पानी दे गया
उम्र भर दोहराऊँगा...
Movie/Album: सिलसिले (1998)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: जगजीत सिंह
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