कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए
तुम्हारे नाम की इक खूबसूरत शाम हो जाए
कभी तो आसमाँ से...
वो मेरा नाम सुन कर कुछ ज़रा शरमा से जाते हैं
बहुत मुमकिन है, कल इसका मुहब्बत नाम हो जाए
ज़रा सा मुस्कुरा कर हाल पूछो दिल बेहाल जाए
हमारा काम हो जाए, तुम्हारा नाम हो जाए
कभी तो आसमाँ से...
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाए
कभी तो आसमाँ से...
Movie/Album: तुम तो नहीं हो (2005)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: बशीर बद्र
Performed By: जगजीत सिंह
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