मेरे जैसे बन जाओगे
जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
दीवारों से टकराओगे
जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
मेरे जैसे बन जाओगे...
हर बात गँवारा कर लोगे
मन्नत भी उतारा कर लोगे
ताबीज़ें भी बँधवाओगे
जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
तन्हाई के झूले झूलोगे
हर बात पुरानी भूलोगे
आइने से तुम घबराओगे
जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
जब सूरज भी खो जायेगा
और चाँद कहीं सो जायेगा
तुम भी घर देर से आओगे
जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
बेचैनी जब बढ़ जायेगी
और याद किसी की आएगी
तुम मेरी गज़लें गाओगे
जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
मेरे जैसे बन जाओगे...
Movie/Album: एक्सटेसीज़ (1984)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सईद राही
Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह
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