झुकी-झुकी सी नज़र
बेकरार है के नहीं
दबा-दबा सा सही
दिल में प्यार है के नहीं
झुकी-झुकी सी नज़र...
तू अपने दिल की जवाँ धड़कनों को गिन के बता
मेरी तरह तेरा दिल बेकरार है के नहीं
दबा-दबा सा सही दिल में प्यार है के नहीं
झुकी-झुकी सी नज़र...
वो पल के जिसमें मोहब्बत जवान होती है
उस एक पल का तुझे इंतज़ार है के नहीं
दबा-दबा सा सही दिल में प्यार है के नहीं
झुकी-झुकी सी नज़र...
तेरी उम्मीद पे ठुकरा रहा हूँ दुनिया को
तुझे भी अपने पे ये ऐतबार है के नहीं
दबा-दबा सा सही दिल में प्यार है के नहीं
झुकी-झुकी सी नज़र...
Movie/Album: अर्थ (1982)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: कैफ़ी आज़मी
Performed by: जगजीत सिंह
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