चाँद भी देखा, फूल भी देखा
बादल, बिजली, तितली, जुगनू
कोई नहीं है ऐसा
तेरा हुस्न है जैसा
मेरी निगाह ने ये कैसा ख्वाब देखा है
ज़मीं पे चलता हुआ माहताब देखा है
मेरी आँखों ने चुना है तुझको दुनिया देखकर
किसका चेहरा अब मैं देखूँ
तेरा चेहरा देखकर
मेरी आँखों ने चुना...
नींद भी देखी, ख्वाब भी देखा
चूड़ी, बिंदिया, दरपन, खुशबू
कोई नहीं है ऐसा
तेरा प्यार है जैसा
मेरी आँखों ने चुना...
रंग भी देखा, रूप भी देखा
रस्ता, मंज़िल, साहिल, महफ़िल
कोई नहीं है ऐसा
तेरा साथ है जैसा
मेरी आँखों ने चुना...
बहुत खूबसूरत है आँखें तुम्हारी
बना दीजिए इनको किस्मत हमारी
उसे और क्या चाहिए ज़िंदगी में
जिसे मिल गई मुहब्बत तुम्हारी
Movie/Album: तरकीब (2000)
Music By: आदेश श्रीवास्तव
Lyrics By: निदा फ़ज़ली
Performed By: जगजीत सिंह, अल्का यागनिक
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