Sunday, 7 March 2021

ये सफ़र बहुत है कठिन

दिल नाउम्मीद तो नहीं
नाकाम ही तो है
लम्बी है ग़म की शाम
मगर शाम ही तो है

ये सफ़र बहुत है कठिन मगर
न उदास हो मेरे हमसफ़र
ये सफ़र बहुत है...

ये सितम की रात है ढलने को
है अँधेरा ग़म का पिघलने को
ज़रा देर इसमें लगे अगर
न उदास हो मेरे हमसफ़र
ये सफ़र बहुत है...

नहीं रहने वाली ये मुश्किलें
के हैं अगले मोड़ पे मंज़िलें
मेरी बात का तू यक़ीन कर
न उदास हो मेरे हमसफ़र
ये सफ़र बहुत है...

Movie/Album: 1942 अ लव स्टोरी (1994)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: शिवाजी चट्टोपाध्याय


कभी ढूँढ लेगा ये कारवाँ
वो नयी ज़मीं नया आसमाँ
जिसे ढूँढती है तेरी नज़र
न उदास हो मेरे हमसफ़र
ये सफ़र बहुत है...

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